Women Reservation: महिला आरक्षण लागू होने के बाद संसद में सीटों की संख्या बढ़नी तय है। अब तक यह जानकारी दी जा रही थी कि सीटों की संख्या 816 होगी लेकिन, अब संख्या बढ़कर 850 होनी की चर्चा है। जिसके तहत राज्यों को 815 सीटें और केंद्र शासित प्रदेशों को 35 सीटें दी जाएंगी।
वहीं, महिलाओं के लिए 273 सीटें महिलाओं के लिए रखी जाएंगी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा में 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इसके अलावा सभी विधानसभा में भी ऐसा होगा। वहीं, अनुसूचित जाति वर्ग की सीटें 84 से बढ़कर 136 हो जाएंगी। वहीं, एसटी सीटों की संख्या 47 से बढ़कर 70 हो सकती है।
पीएम मोदी ने महिलाओं से किया संवाद
पीएम मोदी खुद देशभर में महिला आरक्षण के पक्ष में राय कायम करने के लिए जुटे हैं। उन्होंने 13 अप्रैल को भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं से दिल्ली में बात की थी। इसके बाद आंबेडकर जयंती के मौके पर देश की करोड़ों महिलाओं के नाम खत लिखा। उन्होंने महिलाओं से अपील की है कि वे अपने इलाके के सांसदों को पत्र लिखें और कहें कि महिला आरक्षण का समर्थन करें।
बता दें कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 2023 में मंजूरी दी गई थी। इसके तहत प्रस्ताव था कि 2024 के लोकसभा चुनाव और विधानसभा में महिला आरक्षण लागू किया जाएगा। हालांकि, अब सरकार चाहती है कि इसे 2029 से ही लागू कर दिया जाए।
परिसीमन की प्रक्रिया करनी होगी पूरी
अब यदि अगले ही लोकसभा चुनाव से इसे लागू किया जाता है तो, उससे पहले परिसीमन की प्रक्रिया होगी। इस प्रक्रिया में लगभग 2 साल का वक्त लग सकता है। ऐसे में सरकार चाहती है कि बिल को जल्दी लागू किया जाए। वहीं विपक्ष का कहना है कि बंगाल चुनाव में फायदा उठाने के लिए सरकार तेजी दिखा रही है। हालांकि, दक्षिण के कुछ राज्यों के नेताओं ने परिसीमन में कम सीटें होने को लेकर चिंता जाहिर की है।