Mother’s Day Health Tips: मां, इस एक शब्द में पूरी दुनिया समाई हुई है। अपने हर गम को भुला देने वाली मां हमेशा परिवार और बच्चों की ख्वाहिश पूरी करती है, उनका ख्याल रखती है, लेकिन खुद का ध्यान कभी नहीं रखती। इसलिए इस मदर्स डे पर मां को फूल, गिफ्ट या केक देने के साथ-साथ उनकी सेहत का ख्याल रखना सबसे बड़ा उपहार हो सकता है।
दरअसल, बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं को हार्ट प्रॉब्लम, डायबिटीज, थायरॉइड, ऑस्टियोपोरोसिस, कैल्शियम की और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए इस मदर्स डे पर मां की सेहत को ध्यान में रखते हुए हर साल कुछ चुनिंदा टेस्ट जरूर करवाएं, जिससे बीमारियों का जल्दी पता चल सकता है और उन्हें रोका जा सकता है।
1. ब्लड प्रेशर चेकअप
उच्च रक्तचाप (हाई BP) को “साइलेंट किलर” कहा जाता है। 40 के बाद महिलाओं में इसका खतरा काफी बढ़ जाता है। हर साल नियमित BP चेकअप से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा 30-40% तक कम किया जा सकता है। अगर BP 130/80 से ऊपर है तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
2. ब्लड शुगर टेस्ट
भारत में डायबिटीज की सबसे ज्यादा संख्या महिलाओं में है। सालाना फास्टिंग ब्लड शुगर और HbA1c टेस्ट से प्रीडायबिटीज का पता चल जाता है। इसके अलावा मेनोपॉज के बाद वजन बढ़ने और इंसुलिन रेसिस्टेंस की वजह से ये टेस्ट और भी जरूरी हो जाता है।
3. थायरॉइड फंक्शन टेस्ट (TSH, T3, T4)
महिलाओं में थायरॉइड की समस्या बहुत आम है। थकान, इसके लक्षण वजन बढ़ना, बाल झड़ना और मूड स्विंग्स हैं। TSH टेस्ट से हाइपो या हाइपर थायरॉइड का जल्दी पता चल जाता है।
4. लिपिड प्रोफाइल (Cholesterol Test)
बढ़ती उम्र में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) कम होने से हार्ट डिजीज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसलिए हर साल लिपिड प्रोफाइल (Total Cholesterol, LDL, HDL, Triglycerides) टेस्ट कराने से हार्ट हेल्थ के बारे में पता लगाया जा सकता है।
5. बोन डेंसिटी टेस्ट (DEXA Scan)
महिलाओं में मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन कम हो जाते है, जिससे हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। 45-50 साल के बाद हर साल DEXA स्कैन करवाकर हड्डियों की मजबूती चेक करें। इसके अलावा कैल्शियम और विटामिन D की कमी को समय रहते दूर किया जा सकता।