HARYANA NEWS: IDFC फर्स्ट बैंक घोटाले के बाद का प्रदेश की सैनी सरकार ने बड़ा फैसला किया है। प्रदेश सरकार के पैनल में 24 बैंक रहेंगे। केवल एफडी में रखा जाएगा पैसा और बचत खाते में पैसा रखने पर रोक लगा दी गई है। सरकार ने विभिन्न विभागों के वित्तीय लेनदेन को लेकर जारी करने के निर्देश दिए है। सरकारी पैसों पर निगरानी रखने के लिए सरकार ने गाइड लाइन जारी की।
सरकार ने सरकारी विभागों के बैंक खातों और निवेश मैनेजमेंट को लेकर बड़े बदलाव किए हैं। वित्त विभाग ने राज्य बैंकिंग नीति और अनधिकृत फंड ट्रांसफर मामलों पर गठित हाई लेवल कमेटी की सिफारिशों के बाद नए निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने फेडरेल बैंक, आईडीबीआई बैंक और डीसीबी बैंक को पैनल में शामिल करने संबंधी पुराने फैसले को वापिस ले लिए है। सरकार ने 24 बैंक पैनल में शामिल किए है।
इसके साथ ही छोटे और निजी बैंकों में सरकारी धन जमा करने की सीमा भी तय कर दी गई है। अब सरकारी फंड केवल फिक्स्ड डिपॉजिट या फ्लेक्सी डिजिट में ही रखा जाएगा। बचत खाते या करंट अकाउंट में राशि रखने पर रोक लगा दी गई है। छोटे बैंकों में निवेश सीमा तय बंधन बैंक में किसी विभाग द्वारा अधिकतम 50 करोड़ रुपए तक ही जमा किए जा सकेंगे। इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक, जना स्मॉल फाइनेंस बैंक, उजीवन स्मॉल पाइनेस बैंक और उत्कर्ष स्मॉल फड़नेस बैंक में अधिकतम 25 करोड़ रुपए तक निवेश की अनुमति होगी। अब सभी पैनल बैंकों से ब्याज दरों की कोटेशन लेकर बरिष्ठ लेखा अधिकारी तुलनात्मक रिपोर्ट तैयार करेंगे और कार्यालय प्रमुख की मंजूरी के बाद ही निवेश होगा।
सार्वजनिक क्षेत्र बैंक
बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक व यूनियन बैंक ऑफ इंडिया। निजी क्षेत्र के बैंक एक्सिस बैंक, बंधन बैंक,एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इंडसइंड बैंक औऱ यस बैंक पैनल में रखें है
स्मॉल फाइनेंस बैंक
इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक, जना स्मॉल फाइनेंस बैंक, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक व उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक। अन्य बैंक सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक और हरियाणा स्टेट कोऑपरेटिव एपेक्स बैंक लिमिटेड।