HARYANA NEWS: हरियाणा में एक मई से हड़ताल पर चल रहे सफाई कर्मचारियों और एक महीने से अधिक समय से हड़ताल पर चल रहे अग्निशमन कर्मचारियों की करीब एक दर्जन मांगों को मानने के लिए प्रदेश सरकार सहमत हो गई है। हरियाणा निवास में बुधवार को शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता के साथ दो चरणों में छह घंटे चली वार्ता सिरे चढ़ने के बाद नगर पालिका और अग्निशमन विभाग के कर्मचारी नेताओं ने वीरवार को रोहतक में प्रदेश और जिला स्तरीय पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है, जिसमें सरकार के साथ हुई बातचीत के बिंदु रखे जाएंगे। उसी समय यदि सहमति बनी तो हड़ताल को वापस लेने का निर्णय लिया जा सकता है।
हरियाणा सरकार ने भरोसा दिलाया है कि मांगों को 30 जून तक पूरा कर दिया जाएगा। बैठक में नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री और महासचिव मांगेराम तथा हरियाणा अग्निशमन कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान राजेंद्र सिनद व महासचिव गुलशन भारद्वाज सहित कई पदाधिकारियों ने अपना पक्ष रखा।
कितना होगा न्यूनतम वेतन
इस दौरान ठेके पर लगे सफाई कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 15 हजार 220 रुपये करने पर सहमति बनी, जो अभी तक सात से आठ हजार रुपये दिया जा रहा है। गड़बड़ी पर ठेकेदार का लाइसेंस रद कर दिया जाएगा। इन्हें राज्य कर्मचारी बीमा (ईएसआइ) और कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) का लाभ भी मिलेगा।कर्मचारियों को बैंक के माध्यम से वेतन दिया जाएगा। स्वीपिंग में लगे कर्मचारियों को तेल-साबुन भी दिया जाएगा। हाई कोर्ट में केस जीतने वाले फरीदाबाद के 111 कर्मचारियों के साथ ही 150 अन्य कर्मचारियों को पक्का करने पर सहमति बनने की सूचना आई है। कर्मचारियों की मौत पर दी जाने वाली सहायता राशि को तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख किया जाएगा और आश्रित की 25 साल की आयु सीमा की शर्त हटेगी। युक्तीकरण के तहत चार-साढ़े चार हजार पद बनाए जाएंगे, जिससे 900 कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
अग्निशमन विभाग के कर्मियों को सरकार देगी नौकरी
वहीं, फरीदाबाद में हादसे में मारे गए अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों के आश्रितों को 50 -50 लाख रुपये के साथ ही एक-एक परिजन को सरकार नौकरी मिलेगी। पे-रोल पर लगे 1250 कर्मचारियों को पक्का किया जाएगा और आयु सीमा व सीटेट की शर्त से छूट मिलेगी। वर्दी और जोखिम भत्ते में पांच-पांच हजार रुपये देने के लिए फाइल चला दी गई है। ऑनलाइन ट्रांसफर पालिसी में छूट मिलेगी। भर्ती के लिए निकाले गए पदों को वापस लेकर पालिकाओं में रोल पर लगे कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। इसके लिए आयुसीमा में भी छूट दी जाएगाी, जिससे 13 हजार कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
वहीं, सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से चौपट हुई सफाई व्यवस्था का मामला हाई कोर्ट पहुंच गया है। कांग्रेस विधायक गोकुल सेतिया की जनहित याचिका को हाई कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है, जिसमें शहरी सफाई व्यवस्था बहाल करने, जमा कूड़े को तुरंत हटाने और सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है। सुनवाई वीरवार को होगी। याचिका में राज्य सरकार, संबंधित नगर निगमों, नगर पालिकाओं और स्वास्थ्य विभाग को उत्तरदायी ठहराते हुए निर्देश देने की मांग की गई है कि सफाई सेवाएं तुरंत बहाल की जाएं।