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हरियाणा के उचाना में दुष्यंत चौटाला का BJP पर हमला, बोले- अगले 12 हफ्ते देश के लिए बेहद अहम

Parth Jha | 30 May, 2026

Haryana News: हरियाणा के उचाना में पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आने वाले 12 हफ्ते देश के लिए बड़े क्रिटिकल है। मिडल ईस्ट व्यवस्था पर ज्यादा ध्यान दिया, आज मिडल ईस्ट की व्यवस्था बिगड़ी तो हमने पुराने साथी खो दिए जो नए साथी बने थे वह भी हमें बुरे हालात में हमें छोड़ गए।

कॉकरोज जनता पार्टी को लेकर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ये मूवमेंट है, मूवमेंट तो किसी भी चीज पर खड़ी हो जाती है। अन्ना हजारे का आंदोलन भी इस देश के लोगों ने देखा, मगर क्या इस आंदोलन से देश के असली हालात हैं उससे लोग लड़ पाएंगे। ये देखने की बात है। मेरा मानना है कि ये लोग अच्छे मुद्दे को लेकर और मुद्दाहीन ना होकर लड़ाई लड़ेंगे तो कुछ ना कुछ अच्छे काम हो पाएंगे। आज महंगाई केवल मात्र पेट्रोल डीजल की नहीं है बल्कि देश के आर्थिक हालत गंभीर स्थिति में है। गंभीर स्थिति के अंदर सरकार को गहन चिंतन करना पड़ेगा। धान का सीजन है और धान के लिए आज यूरिया की देश में किल्लत शुरू हो चुकी है। डीएपी की डिमांड जो बुवाई से पहले होती है डीएपी उपलब्ध नहीं है। खनन के अंदर सबसे ज्यादा प्रयोग होने वाली सल्फ्यूरिक एसिड किल्लत की स्थिति आ चुकी है। सीएनजी के दाम 4 रुपए बढ़ चुके है तो डीजल पेट्रोल 8 रूपए बढ़ चुके हैं डॉलर 97 रुपए तक पहुंच चुका। ये सारी चीज देश की जनता देख रही है ,ऐसी व्यवस्था में प्रस्थिति के अनुरुप कुछ ना बनाना ओर सभी चीजें गिरना यह दिखाता है कि जो लोग विश्व गुरु का डंका लेकर घूम रहे थे। इसके सामने सबसे ज्यादा दिक्कत आई तो हमारी इकोनॉमी सबसे पहले कमजोर पड़ी । 

प्रधानमंत्री द्वारा ईंधन बचाने की अपील पर पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रधान मंत्री के काफिले से  दो-चार गाडिय़ों से कम करने से कोई फायदा नहीं। प्रधानमंत्री के सिक्योरिटी प्रोटोकोल में हर 10 मीटर के बाद तीन जवान खड़े होते हैं। अगर 2 किलोमीटर जाना तो 600 जवान खड़े होंगे और 600 जवानों को लाने के लिए कितनी बसों की जरूरत पड़ेगी। क्या उस समय ईंधन प्रयोग नहीं होता। गाडिय़ों को कम करने से ईधन की बचत नहीं होगी। ईंधन की खपत तो अभी होनी है सरकार बिजली दे नहीं पाएगी और धान की फसल में पानी लगाने के लिए ट्यूबवेल का इस्तेमाल करना पड़ेगा। खेत में ट्रैक्टर से काम करने के लिए किसान को इस्तेमाल करना है डीजल की जरूरत पड़ेगी। यह चीज इंटरनेशनल तौर पर फेलियर है, फेलियर इसलिए हैं इन परिस्थितियों में हम अपने अच्छे संबंध खो चुके हैं। रसिया से तेल लेते थे पेट्रोलियम प्रोडक्ट लेते थे फर्टिलाइजर लेते थे , हमने मिडल ईस्ट व्यवस्था पर ज्यादा ध्यान दिया और आज मिडल ईस्ट की व्यवस्था बिगड़ी तो हमने पुराने साथी खो दिए। और जो नए साथी बने थे वह भी हमें बुरे हालात में हमें छोड़ गए।

भाजपा के बिना खर्ची, पर्ची के नौकरी देने सवाल पर दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उनके दावे की पोल तो नीट पेपर ने खोल दी, सीबीएसई के रिजल्ट आए हैं, धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री ने कहा कि हम क्लेरिफिकेशन देंगे उसको रिव्यू करवाएंगे आप सोचों कितने बच्चों का हौसला एक फैसले की वजह से टूटा है इसका जिम्मेदार कौन है। खर्ची पर्ची केवल किसी को नौकरी लगाने या किसी को एग्जाम में बैठाने की नहीं है, आप यह सोचो कि आप कितने बड़े ग्रुप को एक विफलता के मोड़ पर छोड़ जाते हो उसकी तरफ सरकार का ध्यान नहीं।

सड़कों पर गड्ढे भरने की व्यवस्था सरकार से नहीं होगी- दुष्यंत चौटाला

बीजेपी सरकार 12 साल पूरे होने पर उपलब्धि गिनवाने पर पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि अगले 12 हफ्ते बड़े क्रिटिकल है मेरे को तो वह देखने की जरूरत है, कि अगले 3 महीने में देश की इकोनॉमी की किस हालत में होगी। क्या डॉलर 100 पार करेगा, क्या पेट्रोल व डीजल 125 रुपए पार जाएगा। क्या हमारे किसानों को यूरिया व डीएपी समय पर मिल पाएगा। खनन सेक्टर बंद हो गया तो आज आप मेरी बात लिख लेना बारिश के बाद सड़कों पर गड्ढे भरने की व्यवस्था सरकार से नहीं होगी।