Delhi News: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ऊर्जा संरक्षण, संसाधनों की बचत और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के आह्वान के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक कर पार्टी विधायकों से दिल्ली सरकार के निर्णयों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान वैश्विक संकट, ईंधन की बढ़ती चुनौती और आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री के संदेश को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाएं और लोगों को ईंधन बचत, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग, कारपूलिंग तथा जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि विधायक स्वयं भी उदाहरण प्रस्तुत करें। ‘मेट्रो मंडे’ पहल के तहत विधायक सप्ताह में एक दिन मेट्रो से यात्रा करें ताकि आम नागरिक भी प्रेरित हों। उन्होंने विधायकों से अपने काफिलों को सीमित करने, वाहनों का कम उपयोग करने तथा ई-वाहनों को प्राथमिकता देने की भी अपील की।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विधायक अपनी विधानसभा क्षेत्रों की आरडब्ल्यूए, सामाजिक संस्थाओं, मार्केट एसोसिएशन, शिक्षण संस्थानों और विभिन्न संगठनों के बीच जाकर दिल्ली सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ अभियान की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि यह 90 दिवसीय जनजागरूकता अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में सामूहिक भागीदारी का प्रयास है, जिसमें हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार ने प्रधानमंत्री के आह्वान को धरातल पर उतारने के लिए कई बड़े निर्णय लिए हैं। इसके तहत आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सरकारी विभागों में सप्ताह में दो दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ व्यवस्था लागू की जा रही है। निजी संस्थानों और कंपनियों को भी इस दिशा में सहयोग करने की सलाह दी गई है।
मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा कि दिल्ली सरकार ने संकट की घड़ी में जो निर्णय लिए हैं, उसकी जानकारी आमजन तक भी पहुंचनी चाहिए ताकि वे भी उन पर अमल करें। सरकार के इन निर्णयों के तहत हर सोमवार ‘मेट्रो मंडे’ मनाया जाएगा तथा सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने की अपील की गई है। उन्होंने बताया कि सरकार ने अगले छह महीने तक नया पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या हाइब्रिड वाहन नहीं खरीदने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त सरकारी कार्यालयों में एयर कंडीशनर का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच निर्धारित किया गया है ताकि बिजली की बचत सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही सरकार ने ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए राजधानी के मॉल्स और सुपरमार्केट्स में विशेष कॉर्नर स्थापित करने का भी निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ने विधायकों से कहा कि वर्तमान समय केवल सरकारी प्रयासों का नहीं, बल्कि जनभागीदारी के माध्यम से राष्ट्रीय जिम्मेदारी निभाने का है। उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री जी द्वारा दिया गया संदेश केवल ईंधन बचत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार नागरिक जीवनशैली की दिशा में एक व्यापक राष्ट्रीय अभियान है। मुख्यमंत्री के अनुसार यदि प्रत्येक नागरिक छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाए, तो देश ऊर्जा संकट जैसी चुनौतियों का मजबूती से सामना कर सकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य केवल प्रशासनिक निर्णय लेना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और सहभागिता की भावना विकसित करना है। मुख्यमंत्री के अनुसार दिल्ली यदि इस अभियान में सफल मॉडल बनती है, तो इसका सकारात्मक संदेश पूरे देश में जाएगा।