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दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने स्कूलों की समस्याएं सुनीं, स्कूलों की चुनौतियों पर किया मंथन

Parth Jha | 18 May, 2026

Delhi News: दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने आज ज़ोन 7,8,9 जिला उत्तर एवं उत्तर-पश्चिम-ए के प्रधानाचार्यों तथा विद्यालय प्रमुखों के साथ संवाद किया। यह कार्यक्रम शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालयों की वास्तविक आवश्यकताओं एवं चुनौतियों को समझने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। संवाद कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री ने विद्यालयों के आधारभूत ढांचे, विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, उपलब्ध संसाधनों, शिक्षकों के अनुभवों तथा विद्यालयों के समग्र विकास से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यालय प्रमुखों से उनके अनुभव, सुझाव एवं समस्याओं को सीधे साझा करने का आग्रह किया।

राज निवास स्थित सीएमसी स्कूल में आयोजित संवाद कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री ने ज़ोन 7,8,9 जिला उत्तर एवं उत्तर-पश्चिम-ए के लगभग 60 प्रधानाचार्यों एवं विद्यालय प्रमुखों से विद्यालयों के शैक्षणिक वातावरण, प्रशासनिक व्यवस्थाओं तथा विद्यार्थियों के समग्र विकास से संबंधित विषयों पर प्रत्यक्ष संवाद किया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विद्यालयों को केवल शैक्षणिक केंद्र तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का मजबूत माध्यम बनाना है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों की आवश्यकताओं को समझकर योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि संवाद की इस कड़ी के अंतर्गत लगभग 12 संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विभिन्न जिलों के प्रधानाचार्यों एवं विद्यालय प्रमुखों के साथ प्रत्यक्ष संवाद कर विद्यालयों के विकास, बेहतर आधारभूत संरचना तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

शिक्षा मंत्री आज अपने आवास से आई.एन.ए. मेट्रो स्टेशन तक पहुंचे तथा वहां से मेट्रो द्वारा सिविल लाइंस मेट्रो स्टेशन पहुंचे। इसके पश्चात उन्होंने ई-रिक्शा के माध्यम से राज निवास स्थित सीएमसी स्कूल तक यात्रा की। कार्यक्रम उपरांत शिक्षा मंत्री सीएमसी स्कूल से ई-रिक्शा द्वारा सिविल लाइंस मेट्रो स्टेशन पहुंचे तथा आगे आईटीओ तक बस द्वारा यात्रा करते हुए दिल्ली सचिवालय पहुंचे।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि “मेरा भारत, मेरा योगदान” अभियान के अंतर्गत हम सभी को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान पर ईंधन एवं ऊर्जा की बचत के संकल्प को धरातल पर उतारना चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन का अधिकाधिक उपयोग न केवल ईंधन बचत को बढ़ावा देता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण एवं देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। दिल्ली सरकार ने आज दिल्लीवासियों से सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील की है और मैं स्वयं भी उसी का पालन कर रहा हूं। मैं अगले दो दिनों तक ‘वर्क फ्रॉम होम भी करूंगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की छोटी-छोटी पहलें समाज में सकारात्मक संदेश देती हैं तथा आम नागरिकों को भी सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं।

शिक्षा मंत्री ने सभी प्रधानाचार्यों एवं विद्यालय प्रमुखों के साथ संवाद करते हुए कहा कि सभी स्कूल  CBSE के नए मानकों के अनुरूप विद्यार्थियों की तैयारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि CBSE के अनुसार प्रैक्टिकल एवं थ्योरी दोनों में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है, इसलिए विद्यालयों को विद्यार्थियों की समग्र शैक्षणिक गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना होगा। शिक्षा मंत्री ने विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पर्सनल लर्निंग एवं नवाचारों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। सूद ने कहा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई में गुणवत्ता बढ़ने से न केवल बच्चों का भविष्य बेहतर होगा, बल्कि विद्यालयों की प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। उन्होंने विशेष रूप से कक्षा 8वीं एवं 10वीं के परीक्षा परिणामों में सुधार लाने हेतु ठोस रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर पर शिक्षकों की टीम के साथ नियमित चर्चा कर यह सुनिश्चित किया जाए कि विद्यार्थियों के परिणामों में सकारात्मक परिवर्तन कैसे लाया जा सकता है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यालय प्रमुख यह भी चिन्हित करें कि कौन-सा विद्यार्थी किस विषय में विशेष रुचि एवं क्षमता रखता है तथा उसे आगे बढ़ाने के लिए उचित प्रोत्साहन दिया जाए। उन्होंने विद्यार्थियों की व्यक्तिगत सीखने की क्षमता (Personal Learning) पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी एवं आईसीटी लैब जैसे संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए। स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना हमारी प्राथमिकता है। साथ ही विद्यालयों को सामाजिक जागरूकता एवं नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित करना भी आवश्यक है।

छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को महत्वपूर्ण विषय बताते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान समय मानसिक तनाव का दौर है। स्कूलों को केवल शैक्षणिक परिणामों पर नहीं बल्कि विद्यार्थियों की मानसिक स्थिति, तनाव, विषाद और भावनात्मक समस्याओं की पहचान पर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने स्कूल सुरक्षा पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की और कहा कि किसी भी स्कूल में कोई ‘डार्क स्पॉट’ नहीं होना चाहिए जहाँ किसी प्रकार की अप्रिय या पाशविक घटना की संभावना हो। उन्होंने कहा कि ये आधुनिक संसाधन विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों एवं विद्यालय प्रमुखों से अपने अनुभव एवं सुझाव शिक्षा विभाग के साथ साझा करने का आग्रह किया ताकि इन सुविधाओं का अधिकतम लाभ विद्यार्थियों तक पहुँचाया जा सके।इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने विद्यालयों में नवाचार आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि SMC की नई गाइडलाइंस के अनुरूप समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जाए तथा विद्यालयों में ज़ीरो वेस्ट कैंपेन, प्रदूषण नियंत्रण, नशा मुक्ति जागरूकता अभियान एवं वृक्षारोपण जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाए।

सभी विद्यालयों के प्रिंसिपल एवं प्रमुखों ने नई तकनीकों (New Technologies) को शिक्षा व्यवस्था में शामिल किए जाने के लिए मंत्री महोदय का धन्यवाद किया। डिजिटल शिक्षा, ऑनलाइन ट्रेनिंग (Online Training) और आधुनिक शिक्षण संसाधनों के माध्यम से शिक्षकों तथा विद्यार्थियों  दोनों को लाभ मिल रहा है। सभी शिक्षकों एवं स्कूल प्रमुखों ने विद्यालयों में इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) सुधार के लिए किए जा रहे कार्यों के प्रति मंत्री महोदय का आभार व्यक्त किया। नए क्लासरूम, बेहतर फर्नीचर, स्वच्छ परिसर, आधुनिक प्रयोगशालाओं तथा अन्य सुविधाओं के विकास से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल प्राप्त हो रहा है।

प्रिंसिपल एवं स्कूल प्रमुखों ने कहा कि मंत्री महोदय द्वारा शुरू किए गए स्मार्ट क्लासरूम्स (Smart Classrooms) का विद्यार्थियों पर अत्यंत सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। डिजिटल बोर्ड, ऑडियो-वीडियो माध्यमों एवं इंटरैक्टिव शिक्षण पद्धति से बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़ी है तथा विषयों को समझना अधिक आसान हुआ है। इसके साथ ही शिक्षकों के लिए आयोजित ऑनलाइन ट्रेनिंग कार्यक्रमों ने उनकी कार्यक्षमता और शिक्षण कौशल को और अधिक मजबूत किया है। नई शिक्षण तकनीकों और डिजिटल माध्यमों की जानकारी मिलने से शिक्षक आधुनिक शिक्षा प्रणाली के अनुरूप विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन प्रदान कर पा रहे हैं।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार के सरकारी विद्यालयों के प्रिंसिपल एवं हेड ऑफ स्कूल (HoS) के साथ यह संवाद कार्यक्रम निरंतर आयोजित किया जाएगा। इस विशेष संवाद श्रृंखला के अंतर्गत राजधानी के विभिन्न ज़ोन एवं विद्यालयों के प्रिंसिपलों तथा हेड ऑफ स्कूल के साथ शिक्षा व्यवस्था, शैक्षणिक वातावरण, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशासनिक सुधार, तकनीकी संसाधनों के बेहतर उपयोग तथा शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक प्रभावी बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।