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लोकसभा सीटों में बड़ा बदलाव...परिसीमन के बाद बढ़ेंगी 815 सीटें, कई राज्यों को मिलेगा फायदा

Sachin Kumar | 17 Apr, 2026

Lok Sabha Seats Changes: केंद्र सरकार ने लोकसभा में गुरुवार को तीन अहम विधेयक पेश किए हैं, जिनमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम, संविधान संशोधन विधेयक और परिसीमन विधेयक शामिल हैं। इन बिलों का उद्देश्य देश में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण को लागू करने का रास्ता साफ करना है। इन कानूनों के लागू होने के बाद देश में परिसीमन प्रक्रिया शुरू होगी, जिससे लोकसभा और विधानसभा की सीटों का नया स्वरूप तय किया जाएगा।

इसमें बदलाव संभव नहीं  

परिसीमन का मतलब है जनसंख्या के आधार पर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं को दोबारा तय करना। इसके लिए एक विशेष आयोग बनाया जाता है, जिसे भारत के राष्ट्रपति द्वारा अधिसूचित किया जाता है। इस आयोग के फैसलों को किसी भी अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती। इसके आदेश लोकसभा और विधानसभाओं में रखे जाते हैं, लेकिन उनमें बदलाव संभव नहीं होता।

बढ़ सकती है सीटों की संख्या

सरकार के प्रस्ताव के अनुसार परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़कर लगभग 815 तक पहुंच सकती है। इससे कई राज्यों की राजनीतिक स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। उत्तर प्रदेश और बिहार को सबसे अधिक फायदा मिलने की संभावना है। यूपी की सीटें 80 से बढ़कर करीब 120 हो सकती हैं, जबकि बिहार में 40 से बढ़कर 60 सीटें होने का अनुमान है। महाराष्ट्र में सीटें 48 से बढ़कर 72 हो सकती हैं। पश्चिम बंगाल को 21 अतिरिक्त सीटों के साथ 63 सीटें मिल सकती हैं।

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इन शहरों में बढ़ेंगी सीटें  

गुजरात में सीटें 26 से बढ़कर 39 और राजस्थान में 25 से बढ़कर 38 हो सकती हैं। कर्नाटक में 42, आंध्र प्रदेश में 37 और केरल में 30 लोकसभा सीटों तक बढ़ोतरी का अनुमान है। मध्य प्रदेश में 44 से 47 सीटें, तमिलनाडु में लगभग 58 सीटें और तेलंगाना में 26 सीटें हो सकती हैं। इसके अलावा झारखंड में 22, ओडिशा में 31, पंजाब में 20, असम में 21 और हरियाणा में 15 सीटें होने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में भी 16 से 17 सीटें तक बढ़ सकती हैं।

राज्य या वर्ग को नुकसान नहीं- सरकार

सरकार का कहना है कि महिला आरक्षण और परिसीमन से किसी राज्य या वर्ग को नुकसान नहीं होगा, बल्कि ये जनसंख्या के आधार पर समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करेगा। वहीं विपक्ष का मानना है कि इससे राजनीतिक संतुलन में बड़ा बदलाव आ सकता है। परिसीमन के बाद देश की चुनावी राजनीति में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा, जिसका असर 2029 के आम चुनावों में साफ नजर आ सकता है।