उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड की बैठक में अधिकारियों को राज्य के हर विकासखंड से एक गांव को आदर्श कृषि एवं उद्यान गांव के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक खेती और आधुनिक तकनीक के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने दी सलाह
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हर क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, जलवायु और जमीन की गुणवत्ता का अध्ययन कर यह तय किया जाए कि किस इलाके में कौन सी फसल, फल या सब्जी बेहतर तरीके से उगाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की विशेषताओं के अनुसार योजनाबद्ध तरीके से काम कर उत्तराखंड को कृषि और बागवानी के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई जा सकती है।
सीएम धामी ने दिया ये निर्देश
सीएम धामी ने उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड को अगले तीन वर्षों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं में किसानों के हित को सबसे ऊपर रखा जाए। खेती की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और अन्य संस्थानों के सहयोग से प्रदेशभर में किसानों के लिए बड़े स्तर पर कृषि गोष्ठियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। इन कार्यक्रमों में किसानों को नई कृषि तकनीक, बेहतर खेती के तरीके और अच्छी गुणवत्ता वाले बीज, पौधे व खाद उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से सरसों, तिल, सूरजमुखी और सोयाबीन जैसी तिलहनी फसलों के उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को इन फसलों के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि कृषि विविधीकरण को बढ़ावा मिले और किसानों की आमदनी बढ़ सके।
बायोगैस संयंत्र पर दिया जोर
बैठक में मुख्यमंत्री ने बायोगैस संयंत्र और सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा देने और शोध व नई तकनीकों का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। बैठक में मंडी परिषद के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार डब्बू, सचिव डॉ. एस.एन. पांडेय और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।