Supreme Court: 3 मई को आयोजित की गई नीट परीक्षा 2026 को रद्द कर दिया गया है। जिसके बाद छात्रों का बड़ा झटका लगा है। पेपर लीक होने के बाद एनटीए की तरफ से ये फैसला लिया गया है। वहीं, पेपर लीक के तार केरल से राजस्थान और उत्तराखंड से गुरुग्राम तक जुड़ रहे हैं।
अब नीट परीक्षा रद्द होने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन के आयोजन में एनटीए की प्रणालीगत विफलता को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया है। पेपर लीक की जांच सीबीआई कर रही है।
याचिका में क्या मांग की गई
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका मांग की गई है कि NEET परीक्षा के आयोजन के लिए एनटीएम की जगह स्वायत्त संस्था को नियुक्ती हो। याचिका के जरिए उच्च स्तरीय निगरानी समिति के गठन की मांग गई है। इसके अलावा प्रश्न पत्रों की डिजिटल लॉकिंग और फिजिकल चेन ऑफ कस्टडी से जुड़े झंझट खत्म करने के लिए कंप्यूटर आधारित टेस्ट मॉडल अपनाने का आग्रह किया गया है। साथ ही सीबीआई को निर्देश देने की मांग की गई है कि पेपर लीक जांच के संबंध में चार हफ्तों में एक स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करें। इसके अलावा नीट परीक्षा के नतीजे सेंटर वार उपलब्ध होते ही प्रकाशित करने की मांग की गई है।
3 मई को हुआ परीक्षा का आयोजन
बता दें कि 3 मई को नीट परीक्षा का आयोजन किया गया था। जिसमें 22 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया था। वहीं, परीक्षा होने के बाद पेपर लीक होने की खबर सामने आई। राजस्थान के सीकर से पेपर लीक की शिकायत मिलने के बाद एसओजी ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पेपर लीक में शामिल कई आरोपियों की गिरफ्तारियां हो चुकी है। वहीं, 12 मई को मामला बढ़ने के बाद एनटीए ने नीट परीक्षा रद्द करने का फैसला किया। साथ ही ऐलान किया की जल्द परीक्षा की नई तारिख जारी की जाएगी।