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महंगाई ने खोली अमेरिका की पोल...खाना-गैस-तेल सब महंगा, ट्रंप समर्थकों के लिए बचाव मुश्किल

महंगाई ने खोली अमेरिका की पोल...खाना-गैस-तेल सब महंगा, ट्रंप समर्थकों के लिए बचाव मुश्किल

US Inflation Crisis: अमेरिका की महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में कीमतें आसमान छू रही हैं, जहां खाने-पीने की चीजें, गैस और तेल के दामों में बढ़ोतरी ने परिवारों को मुश्किल में डाल दिया है। चुनावी वादों में ट्रंप ने महंगाई को तुरंत काबू करने का दावा किया था, लेकिन सच्चाई इससे एकदम अलग है। ट्रंप समर्थकों के लिए यह स्थिति न उगलते बन रही है और न निगलते, वे अपने नेताओं का बचाव करते हैं, लेकिन जेब पर पड़ते बोझ से परेशान हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में महंगाई दर 3%तक पहुंच गई है, जो पिछले महीनों से बढ़ रही है।

अमेरिकी महंगाई दर ने तोड़ी कमर

दरअसल, 2025में अमेरिकी महंगाई दर में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया। सितंबर में यह 3%पर पहुंच गई, जो अगस्त के 2.9%से अधिक है।  फेडरल रिजर्व की रिपोर्ट्स की मानें तो PCE (व्यक्तिगत उपभोग व्यय) सूचकांक पर महंगाई 2.8%है। ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीतियां और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की समस्याएं मुख्य कारण हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि टैरिफ्स ने आयातित सामान को महंगा कर दिया, जिसका असर घरेलू कीमतों पर पड़ा। साल के अंत तक महंगाई में कमी की उम्मीद है, लेकिन फिलहाल यह आम लोगों के लिए बोझ बनी हुई है।

खाने-पीने की चीजों की कीमतों में उछाल

बता दें, खाद्य पदार्थों की कीमतों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। 2025में कुल खाद्य महंगाई 3%तक पहुंची, जो पिछले 20सालों के औसत (2.9%) से ज्यादा है। पिछले 12महीनों में खाद्य कीमतें 3.2%बढ़ीं। बीफ और वील जैसी चीजों में 14.7%की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पालतू भोजन 8.2%, शिशु भोजन 7.5%और अनाज 5.4%महंगे हुए। कॉफी, कुकीज और पेय पदार्थों में भी 6-7%की बढ़ोतरी ने परिवारों के बजट को प्रभावित किया। कृषि क्षेत्र में किसानों की दिवालिया दर बढ़ी है, जिससे खाद्य आपूर्ति प्रभावित हुई।

गैस-तेल के दामों में उतार-चढ़ाव

इसके अलावा गैस कीमतों में थोड़ी कमी आई है, लेकिन यह राहत सीमित है। दिसंबर 2025में राष्ट्रीय औसत गैस मूल्य $2.95-$3.07प्रति गैलन है, जो पिछले साल से 2.4%कम है। कैलिफोर्निया में यह $4.59तक पहुंच गया, जबकि कुछ राज्यों में $2.67है। गैसोलीन फ्यूचर्स 1.75 USD/गैलन पर हैं, जो पिछले महीने से 10.82%कम है। तो वहीं, तेल कीमतों में भी गिरावट आई, जहां WTI क्रूड $59-$60प्रति बैरल है। विशेषज्ञों की मानें तो 2026में यह $51तक गिर सकता है। हालांकि, ट्रंप की ऊर्जा नीतियों से बिजली और उपयोगिता बिल बढ़े हैं, जिससे कुल बोझ कम नहीं हुआ।

ट्रंप समर्थकों की दुविधा

दूसरी तरफ, ट्रंप समर्थक इस स्थिति में फंसते नजर आ रहे हैं। चुनाव में उन्होंने महंगाई को मुख्य मुद्दा बनाया, लेकिन अब कीमतें बढ़ने पर वे डेमोक्रेट्स को दोष देते हैं या ट्रंप का बचाव करते हैं। ट्रंप समर्थक कीमतों से परेशान हैं, एक ने कहा 'गैस 6 सेंट कम हुई, लेकिन बिजली बिल बढ़ गए।' तो वहीं, कुछ का कहना है कि महंगाई बाइडन की विरासत है और ट्रंप इसे ठीक कर रहे हैं। एक सर्वे में 65% लोग ट्रंप की नीतियों को किराने की कीमतों में बढ़ोतरी का जिम्मेदार मानते हैं, जबकि 68% उनकी महंगाई नीति से खुश नहीं

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