<rss xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" version="2.0"><channel><title>Khabarfast</title><atom:link href="https://www.khabarfast.com/rss-feed/world" rel="self" type="application/rss+xml" /><link>https://www.khabarfast.com/</link><description/><lastBuildDate>Sun, 10 May 2026 13:40:03 +0530</lastBuildDate><language>en-US</language><sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod><sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency><generator>https://www.khabarfast.com</generator><item><title><![CDATA[Norovirus Outbreak: कैरिबियन क्रूज शिप पर फैला नोरोवायरस, 115 लोग हुए बीमार]]></title><link>https://www.khabarfast.com/norovirus-outbreak-norovirus-spread-on-caribbean-cruise-ship-115-people-fell-ill</link><pubDate>Sat, 09 May 2026 11:51:58 +0530</pubDate><dc:creator>Shivani Jha</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/norovirus-outbreak-norovirus-spread-on-caribbean-cruise-ship-115-people-fell-ill</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639139243183930583.jpg"> Norovirus Outbreak: कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप पर नोरोवायरस संक्रमण फैलने से हड़कंप मच गया है। जहाज पर सवार 3116 यात्रियों में से 102 यात्री और 13 क्रू सदस्य बीमार हो गए। यानी कुल 115 लोग इस वायरस की चपेट में आए हैं। यह क्रूज यात्रा 28 अप्रैल से शुरू हुई थी और 11 मई को खत्म होनी है। जानकारी के मुताबिक, यह यात्रा फोर्ट लॉडरडेल से शुरू होकर पोर्ट कैनावेरल तक जा रही थी। इस दौरान जहाज अरूबा, बोनेर, प्यूर्टो रिको और बहामास जैसे कई पर्यटन स्थलों पर रुका। Centers for Disease Control and Prevention यानी CDC के अनुसार संक्रमित लोगों में उल्टी और दस्त जैसे लक्षण पाए गए हैं।पेट को प्रभावित करता है ये वायरस?&amp;nbsp;नोरोवायरस एक बेहद संक्रामक वायरस है, जो पेट और आंतों को प्रभावित करता है। यह वायरस तेजी से फैलता है और खासकर बंद तथा भीड़भाड़ वाली जगहों में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। क्रूज शिप में हजारों लोग लंबे समय तक एक साथ रहते हैं और एक जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए यहां वायरस तेजी से फैल सकता है।कैसे फैलती है ये बीमारी?&amp;nbsp;स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के हाथ, खाने-पीने की चीजों, पानी और छुई गई सतहों के जरिए फैलता है। क्रूज शिप पर होने वाली पेट संबंधी बीमारियों में नोरोवायरस सबसे आम कारण माना जाता है। बताया जा रहा है कि संक्रमण पूरे सफर के दौरान धीरे-धीरे फैला। जब बीमार लोगों की संख्या कुल यात्रियों के 3 प्रतिशत से ज्यादा हो गई, तब CDC ने सार्वजनिक सूचना जारी की। अब स्वास्थ्य अधिकारी जहाज की गहन जांच कर रहे हैं।क्या है इस वायरस के लक्षण?&amp;nbsp;क्रूज कंपनी ने पूरे जहाज में अतिरिक्त सफाई और सैनिटाइजेशन शुरू कर दिया है। बीमार यात्रियों और क्रू सदस्यों को अलग रखा गया है। उनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। कंपनी ने कहा है कि CDC के साथ मिलकर हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। नोरोवायरस के लक्षणों में अचानक उल्टी, दस्त, पेट दर्द, जी मिचलाना और कमजोरी शामिल हैं। ज्यादातर लोग 1 से 3 दिन में ठीक हो जाते हैं। हालांकि छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर स्वास्थ्य वाले लोगों में डिहाइड्रेशन का खतरा ज्यादा रहता है। फिलहाल इस प्रकोप में अधिकतर मामलों को हल्का बताया गया है। Also read: ‘आप बस ईरान से निकलती हुई एक बड़ी रोशनी देखेंगे’ डोनाल्ड ट्रंप की धमकी से हिली दुनिया]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639139243183930583.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[‘आप बस ईरान से निकलती हुई एक बड़ी रोशनी देखेंगे’ डोनाल्ड ट्रंप की धमकी से हिली दुनिया]]></title><link>https://www.khabarfast.com/america-and-iran-donald-trump-threat-to-america-and-iran-shakes-the-world</link><pubDate>Fri, 08 May 2026 08:36:59 +0530</pubDate><dc:creator>Parth Jha</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/america-and-iran-donald-trump-threat-to-america-and-iran-shakes-the-world</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639138262193809685.jpg"> Iran US War: अमेरिका और ईरान में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि हम ईरानियों के साथ बातचीत कर रहे हैं। आज हमने अपने 3 डिस्ट्रॉयर लिए और आज हमने बहुत बड़े और मुश्किल कामों को तेजी से और जोरदार तरीके से पूरा कर दिया, लेकिन डिस्ट्रॉयर्स को किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ। हमने उन्हें बुरी तरह से तबाह कर दिया और उनकी कई छोटी नावों को डुबो दिया। हम उन्हें परमाणु हथियार रखने का अधिकार नहीं देने वाले हैं और वे इस बात पर सहमत हो गए हैं। अब देखते हैं कि क्या वे इस पर दस्तखत करने को तैयार हैं।मेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि आज उन्होंने हमारे साथ खिलवाड़ किया और हमने उन्हें उड़ा दिया। अगर युद्धविराम नहीं होता है, तो आपको जानने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। आप बस ईरान से निकलती हुई एक बड़ी रोशनी देखेंगे और बेहतर यही होगा कि वे उस समझौते पर जल्दी से हस्ताक्षर कर दें। उन्होंने कहा कि बातचीत अच्छी चल रही है। वे इस पर मुझसे कहीं ज़्यादा दस्तखत करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वे 2 मिनट में ही तबाह हो गए। उनके टैंकर उड़ा दिए गए। हर मिसाइल और ड्रोन को मार गिराया गया, और लोगों को गोली मार दी गई। अब वे हमारे बीच नहीं हैं। Also read: कनाडा पर भारत का बड़ा हमला, कहा- खालिस्तानी तत्व बन रहे दोनों देशों के लिए खतराछोटी ईरानी नौकाओं को तबाह कर दिया गया- ट्रंपइससे पहले ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर एक पोस्ट पर लिखा कि तीन अमेरिकी डेस्ट्रॉयर सफलतापूर्वक जलमार्ग पार कर गए। उन्होंने कहा कि ईरान की तरफ से दागी गई मिसाइलों को अमेरिकी सेना ने हवा में ही मार गिराया। साथ ही कई ड्रोन भी नष्ट कर दिए गए। साथ ही उन्होंने दावा किया कि हमले में हमले में इस्तेमाल की गई छोटी ईरानी नौकाओं को तबाह कर दिया गया। &amp;nbsp;]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639138262193809685.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[कनाडा पर भारत का बड़ा हमला, कहा- खालिस्तानी तत्व बन रहे दोनों देशों के लिए खतरा]]></title><link>https://www.khabarfast.com/indias-big-attack-on-canada-said-khalistani-elements-are-becoming-a-threat-to-both-the-countries</link><pubDate>Thu, 07 May 2026 17:44:37 +0530</pubDate><dc:creator>Shivani Jha</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/indias-big-attack-on-canada-said-khalistani-elements-are-becoming-a-threat-to-both-the-countries</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639137726773548775.jpg"> Canada Khalistan: भारत ने एक बार फिर कनाडा की जमीन से चल रही भारत विरोधी गतिविधियों को लेकर कड़ी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि कनाडा अब खालिस्तानी उग्रवादियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है। इस बार भारत ने अपने आरोपों के समर्थन में कनाडा की खुफिया एजेंसी CSIS की रिपोर्ट का हवाला दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि कनाडाई सुरक्षा एजेंसी की रिपोर्ट में साफ तौर पर माना गया है कि कुछ समूह कनाडा की जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ हिंसा भड़काने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय से इस मुद्दे को उठाता रहा है और लगातार कनाडा सरकार को सबूत भी देता आया है।कनाडा में खालिस्तान समर्थक समूह सक्रिय- CSIS रिपोर्टजायसवाल ने कहा कि CSIS की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कनाडा में खालिस्तान समर्थक समूह सक्रिय हैं और वे न सिर्फ भारत बल्कि खुद कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा बन चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ये संगठन लोकतांत्रिक स्वतंत्रता और संस्थाओं का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके जरिए वे फंड जुटाते हैं और उग्रवादी गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं।भारत ने कनाडा से ये मांगभारत ने कनाडा से मांग की है कि वह अपनी जमीन पर चल रही भारत विरोधी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कई बार भारतीय राजनयिकों और नेताओं को धमकियां दी गई हैं। इसके अलावा मंदिरों और पूजा स्थलों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई हैं। तथाकथित जनमत संग्रह के जरिए अलगाववाद को बढ़ावा देने की कोशिशें भी चिंता का विषय हैं।तनाव में दोनों देशों का रिश्ताभारत का कहना है कि कनाडा सरकार ने अब तक इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इसी वजह से दोनों देशों के रिश्तों में लगातार तनाव बना हुआ है। इस दौरान विदेश मंत्रालय ने नेपाल के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। लिपुलेख दर्रे से कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रवक्ता ने कहा कि यह यात्रा 1954 से इसी रास्ते से होती आ रही है और इसमें कुछ भी नया नहीं है। भारत ने साफ संकेत दिए हैं कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेगा। Also read: पाकिस्तान में दवा संकट गहराया, महंगाई और तेल-गैस संकट से हालात बिगड़े]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639137726773548775.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[पाकिस्तान में दवा संकट गहराया, महंगाई और तेल-गैस संकट से हालात बिगड़े]]></title><link>https://www.khabarfast.com/drug-crisis-deepens-in-pakistan-situation-worsens-due-to-inflation-and-oil-gas-crisis</link><pubDate>Wed, 06 May 2026 18:30:00 +0530</pubDate><dc:creator>Shivani Jha</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/drug-crisis-deepens-in-pakistan-situation-worsens-due-to-inflation-and-oil-gas-crisis</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639136890004817765.jpg"> Pakistan Economic Crisis: पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबे देश पर अब मिडिल ईस्ट तनाव और तेल-गैस संकट का बड़ा असर पड़ा है। होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट की आशंका और अमेरिका-ईरान तनाव के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे पाकिस्तान में हालात और बिगड़ गए हैं। सबसे ज्यादा असर दवाइयों पर देखने को मिल रहा है। देश के बड़े शहरों जैसे लाहौर, कराची और पेशावर में सरकारी अस्पतालों में दवाओं की भारी कमी हो गई है। मरीजों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है और कई जरूरी दवाएं बाजार में उपलब्ध नहीं हैं।लगातार बढ़ रही दवाओं की कीमतरिपोर्ट्स के अनुसार, दवाओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। 2024 में दाम करीब 50% बढ़े थे, जबकि 2025 में फिर 30-40% तक की बढ़ोतरी हुई। 2026 में यह संकट और गहरा गया है। अब हालात यह हैं कि हर 15-20 दिनों में दवाओं के दाम बदल रहे हैं। इस संकट की बड़ी वजह वैश्विक सप्लाई चेन में रुकावट और कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी है। शिपिंग कॉस्ट बढ़ने से दवा बनाने का खर्च भी ज्यादा हो गया है। इसके अलावा सरकार द्वारा कच्चे माल पर टैक्स लगाने से भी समस्या बढ़ी है।सरकार पर उठ रहे सवालशहबाज शरीफ की सरकार पर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि ऊर्जा आयात पर निर्भरता के कारण देश की हालत और खराब हो रही है। पाकिस्तान अपनी 85-90% ऊर्जा जरूरतें खाड़ी देशों से पूरी करता है। तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर महंगाई पर पड़ा है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ गए हैं। अब दवाओं की कमी और महंगाई ने आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो पाकिस्तान में हालात और गंभीर हो सकते हैं।&amp;nbsp; Also read: ईरान मुद्दे फेल हुई PAK की डिप्लोमेसी पर ट्रंप ने उठाया सख्त कदम, पेशावर में अमेरिकी कांसुलेट किया बंद]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639136890004817765.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[ईरान मुद्दे फेल हुई PAK की डिप्लोमेसी पर ट्रंप ने उठाया सख्त कदम, पेशावर में अमेरिकी कांसुलेट किया बंद]]></title><link>https://www.khabarfast.com/world-news-us-consulate-in-peshawar-closed-pakistan-s-diplomacy-on-iran-issue-fails-know-here</link><pubDate>Wed, 06 May 2026 10:34:51 +0530</pubDate><dc:creator>Nancy</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/world-news-us-consulate-in-peshawar-closed-pakistan-s-diplomacy-on-iran-issue-fails-know-here</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639136604911319345.jpg"> Peshawar Consulate Closure: ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता की मध्यस्थता करने में पाकिस्तान असफल रहा। जिसके बाद अब अमेरिका ने पाकिस्तान को एक बड़ा झटका दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने पेशावर में स्थित अपने कांसुलेट को स्थायी रूप से बंद करने की घोषणा कर दी है। अमेरिका का कहना है कि पाकिस्तान कांसुलेट की सुरक्षा सही से नहीं कर पाया।अमेरिका-ईरान शांति वार्ता विफलमालूम हो कि पिछले महीने अप्रैल में पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान शांति वार्ता का आयोजन किया गया था। Pak प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, विदेश मंत्री इशाक डार और आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर के नेतृत्व में&amp;nbsp; अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर कराने की पूरी कोशिश की गई। लेकिन 21 घंटें से ज्यादा चली इस शांति वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकला। जिसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगे की बैठकें रद्द कर दीं&amp;nbsp; Also read: ईरान के पास अचानक गायब हुआ अमेरिका का सैन्य विमान, इमरजेंसी संदेश में क्या बोला गया थाकांसुलेट बंद होने के मायनेदरअसल, पेशावर कांसुलेट 2001 के बाद अफगानिस्तान युद्ध के दौरान अमेरिका का प्रमुख ऑपरेशन और लॉजिस्टिक हब रहा था। अब इसके सारे कांसुलर सेवाएं इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास में शिफ्ट कर दी जाएंगी। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इस फैसले से सालाना 7.5 मिलियन डॉलर की बचत होगी। ऐसा कहा जा रहा है कि यह फैसला एक साल से विचाराधीन था, लेकिन इसका ऐलान ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान अमेरिका-ईरान वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था।]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639136604911319345.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[ईरान के पास अचानक गायब हुआ अमेरिका का सैन्य विमान, इमरजेंसी संदेश में क्या बोला गया था]]></title><link>https://www.khabarfast.com/americas-military-plane-suddenly-disappeared-near-iran-what-was-said-in-the-emergency-message</link><pubDate>Tue, 05 May 2026 18:24:41 +0530</pubDate><dc:creator>Sachin Kumar</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/americas-military-plane-suddenly-disappeared-near-iran-what-was-said-in-the-emergency-message</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639136022811574465.jpg"> America-Iran Tension: ईरान के पास फारस की खाड़ी के ऊपर उड़ान भर रहा अमेरिका का एक अचानक गायब हो गया। अमेरिकी वायु सेना का ये बोइंग केसी-135 स्ट्रैटोटैंकर है। इसने 7700 संकट का संकेत भी जारी किया था, जो उड़ान के दौरान आपातकाल का संकेत होता है।फ्लाइटराडार24 के आंकड़ों के मुताबिक, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के तट से दूर फारस की खाड़ी के ऊपर उड़ान भरते समय आपात स्थिति का ऐलान किया था। ये विमान अमेरिकी सैन्य विमानों के लिए एक उड़ते हुए ईंधन स्टेशन के रूप में कार्यरत था।ईरान ने क्या कहाउड़ान ट्रैकिंग डेटा के अनुसार विमान उतरने से पहले कुछ देर तक हवा में चक्कर लगाता रहा। वहीं इस घटना को किसी भी हमले की कार्रवाई से जोड़े जाने को लेकर भी कोई खबर नहीं आई है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फ़ार्स ने फ्लाइटराडार24 के आंकड़ों का हवाला देते हुए अमेरिकी विमान के लापता होने की खबर दी। हालांकि ईरान की ओर से अमेरिकी सैन्य विमान की आपात स्थिति में ईरान की संलिप्तता पर कोई नहीं बयान नहीं दिया है।पहले भी गायब हुआ विमानइससे पहले पश्चिमी इराक में ईरानी हमले में अमेरिकी सेना ने एक KC-135 विमान खो दिया था। ईरान समर्थित सशस्त्र गुटों के संगठन, इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक ने विमान पर हमले की जिम्मेदारी ली थी। रॉयटर्स के मुताबिक, इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक ने कहा था कि उसने अपने देश की संप्रभुता और हवाई क्षेत्र की रक्षा में विमान को मार गिराया है। &amp;nbsp; Also read: भारत-न्यूजीलैंड फ्री ट्रेड समझौता आज, व्यापार और निवेश को मिलेगा बड़ा बढ़ावाKC-135 स्ट्रैटोटैंकर क्या है?बता दें कि KC-135 स्ट्रैटोटैंकर एक सैन्य विमान है, जो स्वेप्ट विंग्स के नीचे लगे चार टर्बोफैन इंजनों से चलता है और मुख्य रूप से हवाई ईंधन भरने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ईंधन भरने की प्रणाली के ऊपर एक कार्गो डेक होता है, जिससे यह यात्रियों और उपकरणों दोनों को ले जा सकता है, और इसका उपयोग हवा में अन्य विमानों को ईंधन उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है। यह 60 से अधिक सालों से अमेरिकी वायु सेना के सैन्य विमान में शामिल है।]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639136022811574465.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[पाकिस्तान से लेकर बांग्लादेश तक...बंगाल जीत पर नरेंद्र मोदी की गूंज, सामने आया रिएक्शन]]></title><link>https://www.khabarfast.com/world-news-from-pakistan-to-bangladesh-pm-narendra-modi-s-victory-in-west-bengal-election-2026-result</link><pubDate>Tue, 05 May 2026 14:17:21 +0530</pubDate><dc:creator>Nancy</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/world-news-from-pakistan-to-bangladesh-pm-narendra-modi-s-victory-in-west-bengal-election-2026-result</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639135874415823690.jpg"> West Bengal Election Results 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की पूरी राजनीतिक व्यवस्था में हलचल मचा दी। भाजपा की ऐतिहासिक बंपर जीत और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार की गूंज हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी सुनाई दी है। जानकारी के अनुसार, कई मीडिया रिपोर्ट्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ हो रही है। बता दें, बंगाल में भाजपा पहली बार पूर्ण बहुमत हासिल कर सरकार बनाने जा रही है। इसी के साथ ममचा का 15 साल का रिकॉर्ड भी टूट गया।&amp;nbsp; Also read: ईरान ने अमेरिका को भेजा शांति प्रस्ताव! तेहरान ने ट्रंप के सामने रखी दो धारी तलवार वाली शर्तपाकिस्तान की प्रतिक्रियासूत्रों की मानें तो पाकिस्तान के अखबार डॉन ने भाजपा की इस बड़ी जीत पर चर्चा हो रही है। Pak मीडिया ने पीएम मोदी की रणनीति और भाजपा की संगठनात्मक ताकत की सराहना की। अखबार डॉन ने एएफपी की एक रिपोर्ट भी प्रकाशित की। जिसमें लिखा गया कि यह जीत 2029 के आम चुनाव से पहले मोदी की स्थिति को मजबूत करने में मदद करेगी।बांग्लादेश का रुखइसके अलावा बांग्लादेश ने भी भाजपा की इस जीत पर अपना पक्ष रखा है। बांग्लादेश में इस नतीजे पर चिंता का माहौल है। क्योकि अब अवैध घुसपैठ पर सख्ती बढ़ सकती है। इसी के साथ अवैध बांग्लादेशियों को वापस भेजने की कार्रवाई और तेज हो सकती है।]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639135874415823690.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[ईरान ने अमेरिका को भेजा शांति प्रस्ताव! तेहरान ने ट्रंप के सामने रखी दो धारी तलवार वाली शर्त]]></title><link>https://www.khabarfast.com/iran-sent-peace-proposal-to-america</link><pubDate>Sun, 03 May 2026 19:10:54 +0530</pubDate><dc:creator>Sachin Kumar</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/iran-sent-peace-proposal-to-america</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639134322542670209.jpg"> Iran&apos;s Proposal For Peace Talk: डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से मिडिल ईस्ट में तनाव खत्म करने के लिए 9 सूत्रीय फ्रेमवर्क को लेकर ईरान ने अपना रुख स्पष्ट किया है। तेहरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को 14 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है।एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने, खाड़ी देशों से सेना की वापसी, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लिए नई शासन व्यवस्था स्थापित करना। इसके अलावा ईरान ने युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है।ईरान ने रखा प्रस्तावईरान ने अमेरिका की 2 महीने के यु्द्धविराम की योजना का खंडन किया और सभी मुद्दों को हल करने के लिए 30 दिन का समय मांगा है। इस बीच ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि अमेरिका को बातचीत से समझौता करना या खुले युद्ध की ओर लौटना है। यह अमेरिका पर निर्भर करता है और तेहरान दोनों के लिए राजी है। गरीबाबादी ने कहा कि अब अमेरिका को तय करना है कि वह कूटनीति का रास्ता अपनाता है या टकराव का। उन्होंने कहा कि ईरान अपने हित की सुरक्षा करने के लिए तैयार है। &amp;nbsp; &amp;nbsp; &amp;nbsp; Also read: ईरान ने दर्जनों पाकिस्तान से घुसे आतंकियों को किया ढेर, भारी मात्रा में हथियार बरामदडोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहाडोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के नए 14 सूत्रीय प्रस्ताव पर विचार कर रहे हैं और उन्होंने नए अमेरिकी हमलों की संभावना का भी संकेत दिया है। ईरान के संबंध में हमारी स्थिति काफी अच्छी है। वह समझौता करना चाहते हैं। वह तय नहीं कर पा रहे हैं कि उनके नेता कौन है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने जो प्रस्ताव भेजा है, उसकी समीक्षा होगी लेकिन, मुझे नहीं लगता कि यह स्वीकार्य होगी क्योंकि, उन्होंने पिछले 47 वर्षों में मानवता और दुनिया के साथ जो किया है, उसके लिए उन्होंने अभी तक पर्याप्त कीमत चुकानी बाकी है।]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639134322542670209.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[अब अमेरिका-जर्मनी में बढ़ी टेंशन! ट्रंप ने 5000 सैनिकों को वापस बुलाने का जारी किया फरमान]]></title><link>https://www.khabarfast.com/now-tension-has-increased-between-america-and-germany</link><pubDate>Sun, 03 May 2026 15:11:34 +0530</pubDate><dc:creator>Sachin Kumar</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/now-tension-has-increased-between-america-and-germany</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639134178943606337.jpg"> Trump Call Out Army From Germany: क्या अमेरिका-जर्मनी के रिश्तों में खटास आ गई है? ये सवाल डोनाल्ड ट्रंप के एक फैसले के बाद खड़ा हो रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने जर्मनी से अपने 5000 सैनिकों को वापस बुलान का फरमान जारी कर दिया है। बताया जा रहा है कि आगे भी सेना को जर्मनी से वापस बुलाया जाएगा। ट्रंप के इस फैसले से नाटो और यूरोप सिक्योरिटी सिस्टम को लेकर बहस छिड़ गई है।डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम जर्मनी में अमेरिकी सैनिकों की संख्या में बहुत ज्यादा कटौती करने जा रहे है और यह नंबर 5 हजार से भी ज्यादा होगा। हालांकि, ट्रंप के इस फैसले के पीछे को साफ वजह नहीं बताई है।&amp;nbsp;जर्मनी के रक्षा मंत्री ने क्या कहा&amp;nbsp;&amp;nbsp;वहीं, जर्मनी के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने अमेरिका के इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह फैसला अप्रत्याशित नहीं है। उनका मानना है कि यूरोपिय देशों को अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी उठानी होगी लेकिन, साथ में इस बात पर भी जोर दिया कि यूरोप के देशों में अमेरिकी फौजियों की तैनाती दोनों देशों के हित में है। &amp;nbsp;&amp;nbsp; Also read: &apos;सीक्रेट सर्विस का बेहतरीन काम, बच गई सभी की जान&apos;, फायरिंग के बाद ट्रंप का पहला रिएक्शनजर्मनी में अमेरिका के 36000 सैनिकजानकारी के अनुसार, जर्मनी में अभी लगभग 36 हजार अमेरिकी सैनिक तैनात है और 5 हजार की वापसी करवाना कुल संख्या का लगभग सातवा भाग होगा। यह प्रक्रिया अगले 6 से 12 महीने में पूरा किए जाने की संभावना है। गौरतलब है कि साल 2022 में रूस और यूक्रेन पर हमले के बाद अमेरिका ने यूरोप ने अपने सैनिकों की तैनाती को बढ़ाया था। ऐसे में अब सैनिकों की संख्या घटना क्षेत्रीय संतुलन पर प्रभाव डाल सकता है।&amp;nbsp;]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639134178943606337.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[ईरान-अमेरिका तनाव का असर...यूरोप में महंगाई बढ़ी, ऊर्जा कीमतों ने बढ़ाई चिंता]]></title><link>https://www.khabarfast.com/effect-of-iran-america-tensioninflation-increased-in-europe-energy-prices-increased-concern</link><pubDate>Sun, 03 May 2026 10:49:57 +0530</pubDate><dc:creator>Shivani Jha</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/effect-of-iran-america-tensioninflation-increased-in-europe-energy-prices-increased-concern</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639134021974013370.jpg"> US Iran War Impact: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर अब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा है। भले ही दोनों देशों के बीच फिलहाल सीजफायर है, लेकिन तेल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी ने कई देशों में महंगाई बढ़ा दी है। खासकर यूरोप के 21 देशों में अप्रैल महीने में महंगाई दर बढ़ने से चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, यूरोप में महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह ऊर्जा की कीमतों में तेज उछाल है। तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ने से फ्यूल महंगा हो गया है। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है।क्या है मंगई की वजह?&amp;nbsp;दरअसल, ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की वजह से तेल सप्लाई प्रभावित हुई है। यह समुद्री रास्ता दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है। इसके बंद होने से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जो पहले करीब 73 डॉलर थी। यूरोपियन यूनियन के आंकड़ों के मुताबिक, यूरोजोन में महंगाई दर मार्च के 2.6 प्रतिशत से बढ़कर अप्रैल में 3 प्रतिशत हो गई है। इसमें ऊर्जा की कीमतों में करीब 10.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी प्रमुख कारण रही है।आर्थिक वृद्धि भी हुई धीमी&amp;nbsp;इसका असर सिर्फ महंगाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यूरोप की आर्थिक वृद्धि भी धीमी पड़ गई है। साल की पहली तिमाही में यूरोजोन की ग्रोथ बहुत कम रही, जिससे अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यही स्थिति जारी रही, तो स्टैगफ्लेशन का खतरा पैदा हो सकता है। इसका मतलब है कि महंगाई बढ़ेगी, लेकिन आर्थिक विकास धीमा रहेगा। ऐसे में केंद्रीय बैंकों के सामने मुश्किल खड़ी हो सकती है।बढ़ाई जा सकती है ब्याज दरमहंगाई को काबू में करने के लिए ब्याज दर बढ़ाई जा सकती है, लेकिन इससे लोन महंगे हो जाएंगे और आर्थिक गतिविधियां और धीमी हो सकती हैं। कुल मिलाकर, पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर साफ नजर आने लगा है। Also read: ईरान ने अमेरिका को तरेरी आंखें, कहा- किसी भी मूर्खता का जवाब देने के लिए सेना तैयार]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639134021974013370.jpg" width="75" height="50"/></item></channel></rss>