<rss xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" version="2.0"><channel><title>Khabarfast</title><atom:link href="https://www.khabarfast.com/rss-feed/journey" rel="self" type="application/rss+xml" /><link>https://www.khabarfast.com/</link><description/><lastBuildDate>Sun, 24 May 2026 20:54:07 +0530</lastBuildDate><language>en-US</language><sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod><sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency><generator>https://www.khabarfast.com</generator><item><title><![CDATA[छुट्टियों में घर बदलने का बढ़ा ट्रेंड, भारतीय अपना घर अजनबियों के लिए खोल रहे; जानें क्या है इसकी चुनौतियां]]></title><link>https://www.khabarfast.com/trend-of-changing-homes-increases-during-holidays-indians-are-opening-their-homes-to-strangers</link><pubDate>Fri, 15 May 2026 12:24:12 +0530</pubDate><dc:creator>Shivani Jha</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/trend-of-changing-homes-increases-during-holidays-indians-are-opening-their-homes-to-strangers</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639144446527012667.jpg"> Home Exchange Trend: भारत में अब छुट्टियां मनाने का तरीका तेजी से बदल रहा है। पहले लोग घूमने के दौरान होटल और रिसॉर्ट में ठहरना पसंद करते थे, लेकिन अब ‘होम एक्सचेंज’ यानी घरों की अदला-बदली का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। इस मॉडल में लोग अपने घर दूसरे यात्रियों को रहने के लिए देते हैं और बदले में खुद किसी दूसरे शहर या देश में उनके घर में रुकते हैं। यह ट्रेंड लंबे समय से यूरोप और अमेरिका जैसे देशों में लोकप्रिय रहा है, लेकिन अब भारत में भी लोग इसे अपनाने लगे हैं। नोएडा, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों के लोग अब पेरिस, लंदन या केरल जैसे स्थानों पर घर बदलकर छुट्टियां मना रहे हैं।क्या है इस ट्रेंड की वजह?&amp;nbsp;इस बढ़ते ट्रेंड के पीछे सबसे बड़ी वजह कम खर्च है। आमतौर पर यात्रा के दौरान होटल का खर्च कुल बजट का बड़ा हिस्सा ले लेता है। होम एक्सचेंज में रहने का खर्च काफी कम हो जाता है। साथ ही लोगों को घर जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं। यात्री अपने लिए खाना बना सकते हैं, वाशिंग मशीन का इस्तेमाल कर सकते हैं और स्थानीय लोगों की तरह रहकर उस जगह की संस्कृति को करीब से समझ सकते हैं।भारत में इसे मिल रहा बढ़ावाभारत में इस सुविधा को बढ़ावा देने के लिए कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म काम कर रहे हैं। Home Exchange भारतीय यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसका ‘गेस्ट पॉइंट्स’ सिस्टम लोगों को काफी पसंद आ रहा है। वहीं Love Home Swap लग्जरी घरों की तलाश करने वालों की पहली पसंद बनता जा रहा है। इसके अलावा Swaphouse डिजिटल नोमैड्स के बीच लोकप्रिय है, जो काम और यात्रा दोनों साथ करना चाहते हैं।इस ट्रेंड के क्या है नुकसान&amp;nbsp;हालांकि इस ट्रेंड के साथ कुछ चुनौतियां भी जुड़ी हैं। भारतीय परिवारों के लिए अपनी निजी जगह किसी अनजान व्यक्ति को देना आसान नहीं होता। लोगों को घर की सुरक्षा, सामान टूटने या चोरी होने का डर भी रहता है। हालांकि कई प्लेटफॉर्म आईडी वेरिफिकेशन और इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं देकर भरोसा बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। जानकारों के मुताबिक, होम एक्सचेंज आने वाले समय में भारतीय यात्रियों के बीच और तेजी से लोकप्रिय हो सकता है, खासकर उन परिवारों में जो कम खर्च में ज्यादा घूमना चाहते हैं। Also read: Amarnath Yatra 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन आज से शुरू, हेल्थ सर्टिफिकेट होगा अनिवार्य; यहां देखें पूरी गाइडलाइंस]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639144446527012667.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[Amarnath Yatra 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन आज से शुरू, हेल्थ सर्टिफिकेट होगा अनिवार्य; यहां देखें पूरी गाइडलाइंस]]></title><link>https://www.khabarfast.com/registration-for-amarnath-yatra-2026-starts-from-today-health-certificate-will-be-mandatory</link><pubDate>Wed, 15 Apr 2026 12:41:00 +0530</pubDate><dc:creator>Nancy</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/registration-for-amarnath-yatra-2026-starts-from-today-health-certificate-will-be-mandatory</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639118536601770540.jpg"> Amarnath Yatra 2026 Registration: श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (SASB) ने आज से अमरनाथ यात्रा 2026 का अग्रिम पंजीकरण शुरू कर दिया है। पूरे देश में 554 नामित बैंक शाखाओं के साथ-साथ ऑनलाइन मोड में भी रजिस्ट्रेशन खुल गया है। पूरी प्रक्रिया ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर होगी, जिसमें हर रूट के लिए रोजाना सीमित कोटा तय किया गया है।&amp;nbsp;बता दें, यात्रा 3 जुलाई 2026 को शुरू होकर 28 अगस्त 2026 को समाप्त होगी। यह पवित्र यात्रा कुल 57 दिन चलेगी। श्राइन बोर्ड ने साफ कहा है कि कोई भी तारीख के लिए स्लॉट सात दिन पहले ही बंद हो जाएगा, इसलिए श्रद्धालुओं को जल्दी एक्शन लेना होगा।स्वास्थ्य प्रमाणपत्र अनिवार्यऊंचाई और कठिन रास्ते को देखते हुए स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देश बेहद सख्त हैं। हर यात्री को 8 अप्रैल 2026 या उसके बाद जारी कंपल्सरी हेल्थ सर्टिफिकेट (CHC) जमा करना अनिवार्य है। यह प्रमाणपत्र अधिकृत डॉक्टर या मेडिकल संस्थान से ही वैध माना जाएगा। बोर्ड की वेबसाइट पर अंग्रेजी और हिंदी में CHC फॉर्म उपलब्ध है।&amp;nbsp;इसी के साथ बोर्ड ने यात्रा के लिए 13 से 70 वर्ष के बीच की आयु सीमा तय की है। इसके अलावा 6 हफ्ते से ज्यादा गर्भावस्था में महिलाएं को यात्रा की अनुमति नहीं दी हैं। हर यात्री को यात्रा परमिट के साथ RFID कार्ड भी जारी किया जाएगा, जिसे गले में पहनना अनिवार्य होगा। बोर्ड ने यात्रियों को सलाह दी है कि ऊंचाई से जुड़ी बीमारी के लक्षण नजरअंदाज न करें, पर्याप्त ऊनी कपड़े, रेनकोट और ट्रेकिंग शूज साथ रखें। शराब, कैफीन और धूम्रपान से बचें।&amp;nbsp; Also read: इस खास मंदिर के नीचे से गुजरेगा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, सुरंग बनी इंजीनियरिंग का बड़ा उदाहरणकैसे करें पंजीकरण?&amp;nbsp;1. ऑनलाइन पंजीकरण: श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट jksasb.nic.in पर जाकर फॉर्म भरें, फोटो और CHC अपलोड करें।2. ऑफलाइन पंजीकरण: देशभर की 554 बैंक शाखाओं (SBI, PNB, ICICI, Axis आदि) में जाकर आवेदन करें।3. फीस: लगभग ₹150 प्रति परमिट4. एक व्यक्ति एक ही परमिट ले सकता है।5. रजिस्ट्रेशन के बाद यात्री को जम्मू-कश्मीर में नामित जगह से RFID कार्ड कलेक्ट करना होगा।&amp;nbsp;अमरनाथ यात्रा के लिए 2 मुख्य रूट1. पहलगाम रूट: 48 किमी, ज्यादा लंबा लेकिन ढलान कम, नए यात्री के लिए बेहतर माना जाता है।2. बालटाल रूट: सिर्फ 14 किमी, छोटा लेकिन बेहद खड़ा और शारीरिक रूप से ज्यादा चुनौतीपूर्ण।]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639118536601770540.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[रेल यात्रियों के लिए मुश्किलें बढ़ी, वंदे भारत-शताब्दी समेत कई ट्रेनों के रूट में बदलाव; यहां जानें सबकुछ]]></title><link>https://www.khabarfast.com/national-indian-railways-update-routes-of-trains-vande-bharat-and-shatabdi-diverted-know-here</link><pubDate>Thu, 02 Apr 2026 14:34:26 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/national-indian-railways-update-routes-of-trains-vande-bharat-and-shatabdi-diverted-know-here</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/prj_1775120666020426.png"> Train Route Change: उत्तर मध्य रेलवे ने यात्रियों को बड़ी चेतावनी जारी की है। कानपुर-लखनऊ रेल खंड पर गंगा पुल के ट्रैक मरम्मत और रखरखाव कार्य के कारण 2अप्रैल से 13मई 2026तक कुल 42दिनों का मेगा ब्लॉक लिया गया है। इस दौरान रोजाना लगभग 8घंटे ट्रेन आवागमन प्रभावित रहेगा, जिससे वंदे भारत, शताब्दी एक्सप्रेस समेत 50से अधिक ट्रेनों के रूट बदले गए हैं या कुछ ट्रेनें पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं।

	रेलवे अधिकारियों के अनुसार, गंगा पुल पर सुरक्षा और गति बढ़ाने के लिए ट्रैक की मरम्मत जरूरी है। ब्लॉक के दौरान कानपुर सेंट्रल और आसपास के स्टेशनों पर कई महत्वपूर्ण ट्रेनें नहीं रुकेंगी, जिससे दिल्ली, लखनऊ, अयोध्या, कानपुर, झांसी, गोरखपुर और पूर्वी भारत जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

	प्रमुख प्रभावित ट्रेनें और बदलाव

	1. नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस (12003/12004): कानपुर की जगह अब गाजियाबाद-मुरादाबाद होकर चलेगी। इटावा, कानपुर जैसे स्टेशनों पर ठहराव नहीं होगा।

	2. आनंद विहार-अयोध्या कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस (22426): ज्यादातर दिनों में मुरादाबाद रूट से होकर जाएगी। कुछ खास तारीखों (8, 15, 22, 29अप्रैल और 6मई) पर ही मूल रूट से चलेगी।

	3. लखनऊ-झांसी मेमू ट्रेनें: पूरी तरह रद्द रहेंगी।

	4. कई अन्य एक्सप्रेस, पैसेंजर और मेमू ट्रेनों को भी वैकल्पिक मार्गों (जैसे बरेली, कासगंज, मथुरा आदि) से चलाया जाएगा या निरस्त किया गया है।

	इस बदलाव से यात्रा दूरी कुछ मामलों में बढ़ सकती है और यात्रा समय में 1-2घंटे या उससे ज्यादा की देरी हो सकती है। विशेष रूप से दिल्ली-लखनऊ, कानपुर-दिल्ली और लखनऊ-झांसी रूट पर रोजाना सफर करने वाले यात्री सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।

	यात्रियों के लिए सलाह

	1. IRCTC ऐप या NTES पर अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक करें।

	2. टिकट बुक करते समय नए रूट और ठहराव की जानकारी ध्यान से पढ़ें।

	3. अगर संभव हो तो वैकल्पिक ट्रेन या तारीख चुनें।

	4. प्लेटफॉर्म टिकट या रिजर्वेशन के समय स्टेशन पर अतिरिक्त समय रखें, क्योंकि भीड़ बढ़ने की संभावना है।

	5. उत्तर मध्य रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे ब्लॉक अवधि में अनावश्यक यात्रा टालें या पहले से प्लानिंग करें।]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/prj_1775120666020426.png" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[विदेश से आई दर्दनाक खबर! कुवैत में कैसे हुई 20 भारतीयों की मौत, विशेष विमान से लाए गए शव]]></title><link>https://www.khabarfast.com/heartbreaking-news-from-abroad-how-20-indians-died-in-kuwait</link><pubDate>Wed, 01 Apr 2026 10:52:44 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/heartbreaking-news-from-abroad-how-20-indians-died-in-kuwait</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/prj_1775020964010426.png"> 20 Indians Dies In Kuwait:मिडिल-ईस्ट में हो रहे युद्ध के बीच कुवैत से दर्दनाक खबर सामने आई है। ये खबर भारतीयों से जुड़ी हुई है। कुवैत से 20 भारतीयों के शव विशेष विमान से कोच्ची लाए गए हैं। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण शवों को लाने में देरी हुई।

	मृतक में तमिलनाडु के रामनाथपुरम के मुथुलुलथुर के रहने वाले 37 वर्षीय संथानासेल्वम कृष्णन भी शामिल थे। जिनका एक वॉटर डिसैलिनेशन प्लांट पर हुए हमले के कारण जान चली गई। अन्य 19 लोगों की मौत अलग-अलग कारणों से हुई है। एयरपोर्ट के प्रवक्ता ने कहा कि शवों को कुवैत एयरवेज की एक विशेष विमान से कुवैत से कोलंबो होते हुए कोच्चि लाया गया। उन्होंने बताया कि विमान में कोई यात्री सवार नहीं था।

	कुवैत में 20 भारतीयों की मौत

	दरअसल, पश्चिम एशियाई देश कुवैत में 20 भारतीयों की मौत हुई है। विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि एक व्यक्ति अभी भी लापता है। अधिकारी ने कहा कि कुवैत में भारतीय मिशन स्थानीय अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहा है ताकि कुवैत में अपनी जान गंवाने वाले भारतीयों के शव जल्द वापस आ सके।

	कोच्ची लाग गए शव

	हवाई अड्डा प्रशासन ने कहा कि विमान के लैंड करते ही सभी 20 शवों को उनके पैतृक आवास पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मरने वालों में अधिकांश लोग केरल के कोझिकोड, अलाप्पुझा और कोट्टायम के रहने वाले हैं। इसके अलावा कुछ शवों को तमिलनाडु भेजा जाना है। कुवैत में फंस इन भारतीयों के शव काफी दिनों से वहां रखे गए थे। क्योंकि युद्ध के कारण विमान सेवाओ पर असर पड़ा था। अब सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इन शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया जाएगा।]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/prj_1775020964010426.png" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[Indian Railways Alert: 1 अप्रैल से टिकट कैंसिलेशन और रिफंड नियमों में बड़े बदलाव, ध्यान न दिया तो होगा नुकसान]]></title><link>https://www.khabarfast.com/travel-update-major-changes-to-ticket-cancellation-and-refund-rules-effective-01-april-know-here</link><pubDate>Tue, 31 Mar 2026 13:38:37 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/travel-update-major-changes-to-ticket-cancellation-and-refund-rules-effective-01-april-know-here</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/prj_1774944517310326.png"> Train Ticket Cancellation-Refund Policy Change: भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। ये नए नियम 1अप्रैल 2026से चरणबद्ध तरीके से लागू होने जा रहे हैं। रेलवे का कहना है कि इस बदलाव का मकसद टिकट ब्लैक मार्केटिंग, एजेंटों द्वारा होर्डिंग और आखिरी समय की लापरवाही को रोकना है, ताकि सीटों की उपलब्धता बढ़े और सिस्टम का दुरुपयोग रुके।

	नए कैंसिलेशन और रिफंड नियम 

	1. 72घंटे से ज्यादा पहले कैंसिलेशन:न्यूनतम फ्लैट कैंसिलेशन चार्ज कटकर अधिकतम रिफंड मिलेगा (लगभग पूरा पैसा वापस)।

	2. 72घंटे से 24घंटे के बीच कैंसिलेशन:25%किराया कटौती (कुछ रिपोर्ट्स में 75%रिफंड बताया गया)।

	3. 24घंटे से 8घंटे के बीच कैंसिलेशन:50%किराया कटौती।

	4. 8घंटे से कम समय बाकी होने पर कैंसिलेशन:कोई रिफंड नहीं (जीरो रिफंड)।

	बता दें, पहले नो-रिफंड की समय सीमा चार्ट तैयार होने के 4घंटे पहले तक थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 8घंटे कर दिया गया है। चार्ट तैयार होने के समय में भी बदलाव किए गए हैं। ये नियम सभी क्लास (AC, स्लीपर, जनरल आदि) पर लागू होंगे। वेटलिस्टेड टिकट पर अलग नियम रह सकते हैं, लेकिन मुख्य बदलाव कन्फर्म्ड टिकटों पर है।

	क्यों किए गए ये बदलाव?

	रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि आखिरी समय में टिकट कैंसिल करने की प्रवृत्ति से सीटें खाली रह जाती हैं और असली यात्रियों को परेशानी होती है। नए नियमों से यात्रियों को प्लानिंग पहले करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही, बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा अब ट्रेन छूटने से 30मिनट पहले तक मिलेगी, जो यात्रियों के लिए फायदेमंद है।

	यात्रियों को सलाह

	1. अगर टिकट कन्फर्म है तो आखिरी 8घंटे में कैंसिल करने से पूरा पैसा डूब सकता है। प्लान बदलने पर 72घंटे पहले ही एक्शन लें।

	2. IRCTC ऐप/वेबसाइट पर समय रहते चेक करें और कैंसिलेशन करें।

	3. तत्काल टिकटों पर भी नए नियम लागू हो सकते हैं, इसलिए सावधानी बरतें।]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/prj_1774944517310326.png" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[रेल यात्रियों के लिए बड़ा झटका! टिकट रद्द करने पर बदले रिफंड के नियम, जानें क्या है नई गाइडलाइन]]></title><link>https://www.khabarfast.com/business-update-ticket-cancellation-refund-rules-changed-know-here-new-guidelines</link><pubDate>Tue, 24 Mar 2026 13:46:53 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/business-update-ticket-cancellation-refund-rules-changed-know-here-new-guidelines</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/prj_1774340213240326.png"> Train Ticket Refund Rules: अब ट्रेन टिकट कैंसिल करने का फैसला सोच-समझकर लीजिए, वरना सीधा झटका लगेगा! दरअसल,, भारतीय रेलवे ने ट्रेनों के लिए टिकट रद्द करने के नियमों को और सख्त कर दिया है। नए प्रावधान के मुताबिक, अगर आप ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 8घंटे से कम पहले टिकट कैंसिल करते हैं तो पूरा किराया जब्त – कोई भी रिफंड नहीं मिलेगा। यह बदलाव यात्री सुविधा और सीटों के बेहतर उपयोग को ध्यान में रखकर किया गया है, लेकिन लेट कैंसिलेशन अब बहुत महंगा पड़ने वाला है। बता दें, नए नियम 1अप्रैल से 15अप्रैल के बीच लागू होंगे।

	8घंटे पहले ट्रेन रद्द करने पर नहीं मिलेगा पैसा

	रेल मंत्रालय के कमर्शियल सर्कुलर नंबर 08ऑफ 2026में साफ-साफ लिखा गया है कि इन हाई-स्पीड प्रीमियम ट्रेनों पर कैंसिलेशन चार्ज का नया स्लैब लागू होगा। पहले सामान्य ट्रेनों में 4घंटे पहले तक कुछ रिफंड मिल जाता था, लेकिन अब ट्रेनों में समय सीमा बढ़ाकर 8घंटे कर दी गई है और अंतिम घंटों में कैंसिलेशन पर शून्य रिफंड का प्रावधान जोड़ दिया गया है।

	
		72घंटे से ज्यादा पहले कैंसिलेशन:सिर्फ 25%चार्ज कटेगा, बाकी पैसा वापस। 
	
		72घंटे से 8घंटे के बीच कैंसिलेशन:50%चार्ज कटेगा, आधी राशि ही मिलेगी। 
	
		8घंटे से कम समय बचे होने पर कैंसिलेशन:शून्य रिफंड – पूरा पैसा रेलवे के पास।


	ये नियम सभी क्लास (एग्जीक्यूटिव, चेयर कार, स्लीपर) पर लागू हैं। अगर आप TDR (टिकट डिपॉजिट रिसीpt) भी 8घंटे से पहले फाइल नहीं करते तो रिफंड की कोई गुंजाइश नहीं।

	क्यों लिया गया यह सख्त फैसला?

	रेलवे अधिकारियों के अनुसार, वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत II ट्रेनों की सीटें बहुत तेजी से बुक हो जाती हैं। लास्ट मिनट कैंसिलेशन से अन्य यात्रियों को मौका नहीं मिल पाता और ट्रेन की सीटें खाली रह जाती हैं। इसलिए नियम सख्त किए गए हैं ताकि यात्री अपनी प्लानिंग पहले से पक्की करें। अभी ये नियम सिर्फ इन दो प्रीमियम ट्रेनों पर लागू हैं – राजधानी, शताब्दी या अन्य सामान्य ट्रेनों के लिए पुराने नियम (48 घंटे, 12 घंटे, 4 घंटे) ही जारी हैं।]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/prj_1774340213240326.png" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[यात्रीगण कृपया ध्यान दें! इस रूट की कई ट्रेनें होंगी प्रभावित, यहां देखें रद्द और लेट ट्रेनों की पूरी लिस्ट]]></title><link>https://www.khabarfast.com/national-indian-railways-update-several-trains-on-this-route-will-be-affected-in-march-check-here-cancelled-and-delayed-trains-list</link><pubDate>Wed, 18 Mar 2026 12:44:45 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/national-indian-railways-update-several-trains-on-this-route-will-be-affected-in-march-check-here-cancelled-and-delayed-trains-list</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/prj_1773818085180326.png"> Train Disruption Alert: भारतीय रेलवे ने मार्च महीने में विभिन्न रूट्स पर मेंटेनेंस, ट्रैक अपग्रेडेशन, पुल निर्माण और अन्य तकनीकी कार्यों के कारण कई ट्रेनें प्रभावित होंगी। इसके अलावा कई ट्रेनों को रद्द करने का फैसला लिया है। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि सफर शुरू करने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस एनटीईएस या IRCTC ऐप/वेबसाइट पर जरूर चेक कर लें, ताकि आखिरी समय में कोई परेशानी न हो। वर्तमान में सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले रूट्स में झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और पूर्वी भारत के कुछ हिस्से शामिल हैं। रेलवे के अनुसार, मुख्य कारणों में गर्डर लॉन्चिंग, लाइन ब्लॉक, ब्रिज निर्माण और सिग्नलिंग कार्य शामिल हैं।

	मार्च 2026 में प्रमुख कैंसिल/प्रभावित ट्रेनें

	
		आद्रा-वाड़ा-आद्रा MEMU (68077/68078): 17, 19, 20और 22मार्च को पूरी तरह रद्द। 
	
		भोजूडीह-चंद्रपुरा-भोजूडीह MEMU (68079/68080): 17, 20और 22मार्च को रद्द। 
	
		आद्रा-मिदनापुर MEMU (68090/68089): कुछ दिनों में रद्द या आंशिक प्रभावित। 
	
		वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-लखनऊ एक्सप्रेस (11109): 26मार्च को रद्द (लखनऊ-ऐशबाग ब्रिज कार्य के कारण)। 
	
		मेरठ सिटी-लखनऊ एक्सप्रेस और आगरा फोर्ट-लखनऊ एक्सप्रेस: 26मार्च को प्रभावित/रद्द।
	
		टाटानगर-हटिया एक्सप्रेस (18601): 18मार्च को डायवर्ट।


	इसके अलावाकुछ रूट्स पर ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेट/ओरिजिनेट हो रही हैं या रूट डायवर्शन के साथ चल रही हैं। पूर्वोत्तर रेलवे और दक्षिण पूर्व रेलवे जोन में कई MEMU/पैसेंजर ट्रेनें प्रभावित हैं।

	क्यों हो रही हैं ये कैंसिलेशन?

	रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ये बदलाव सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड के लिए जरूरी हैं। जैसे- लखनऊ जंक्शन-ऐशबाग के बीच पुल संख्या 476पर गर्डर लॉन्चिंग कार्य, आद्रा-वाड़ा सेक्शन में ट्रैक मेंटेनेंस आदि। इन कार्यों से ट्रेनों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित होगा, लेकिन यात्रियों को असुविधा हो सकती है।

	यात्रियों के लिए सलाह

	1. अपनी ट्रेन का PNR स्टेटस चेक करें। 

	2. वैकल्पिक ट्रेन, बस या फ्लाइट का विकल्प रखें। 

	3. रेलवे हेल्पलाइन 139या NTES ऐप का इस्तेमाल करें। 

	4. टिकट रिफंड नियमों के अनुसार कैंसिलेशन चार्जेस लागू हो सकते हैं।]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/prj_1773818085180326.png" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[Holi Day Metro Timing: होली पर करें Meerut मेट्रो से सफर, यहां देखें ट्रेनों का पूरा शेड्यूल]]></title><link>https://www.khabarfast.com/religion-festival-travel-by-meerut-metro-on-holi-see-the-full-train-schedule-here</link><pubDate>Mon, 02 Mar 2026 15:12:09 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/religion-festival-travel-by-meerut-metro-on-holi-see-the-full-train-schedule-here</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/prj_1772444529020326.png"> Meerut Metro Holi Timing: आज 02मार्च 2026 को होलिका दहन किया जाएगा और 04मार्च को रंगों की होली खेली जाएगी। इस दिन यात्रा करने वालों के लिए अच्छी खबर है कि दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर पर चलने वाली नमो भारत (आरआरटीएस) और मेरठ मेट्रो सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होंगी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) की ओर से होली पर कोई विशेष बदलाव की घोषणा नहीं की गई है, इसलिए सेवाएं सप्ताह के दिनों के अनुसार चलेंगी।

	नमो भारत और मेरठ मेट्रो का संचालन समय 

	एनसीआरटीसी के अनुसार, नमो भारत ट्रेनें सराय काले खां (दिल्ली) से मोदीपुरम (मेरठ) तक दैनिक रूप से सुबह 6बजे से रात 10बजे तक चलती हैं। होली के दिन (बुधवार, 4मार्च) होने के कारण, यह सप्ताह के दिन की समय-सारिणी का पालन करेगी।

	पहली ट्रेन:मोदीपुरम से सराय काले खां की ओर सुबह 6:01बजे, सराय काले खां से मोदीपुरम की ओर सुबह 6:00बजे।

	आखिरी ट्रेन:रात 9:45बजे तक।

	फ्रीक्वेंसी: पीक आवर्स में हर 5-10मिनट, सामान्य समय में हर 10-15मिनट में एक ट्रेन।

	मेरठ मेट्रो, जो मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक चलती है, भी एक ही ट्रैक पर संचालित होती है और इसका समय भी सुबह 6बजे से रात 10बजे तक है। यह &quot;वन ट्रैक, टू सर्विसेज&quot; मॉडल पर काम करती है।

	होली पर कोई बदलाव? 

	पिछले सालों में कुछ अवसरों पर एनसीआरटीसी ने विशेष दिनों जैसे परीक्षाओं या त्योहारों पर समय में बदलाव किया था, लेकिन 2026 की होली के लिए अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। यदि कोई अपडेट आता है, तो यात्रियों को एनसीआरटीसी की वेबसाइट या ऐप से चेक करने की सलाह दी जाती है। सामान्यतः सार्वजनिक छुट्टियों पर सेवाएं रविवार की समय-सारिणी (सुबह 8 बजे से) का पालन कर सकती हैं, लेकिन चूंकि होली बुधवार को है और कोई सूचना नहीं, तो सामान्य समय लागू होगा।]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/prj_1772444529020326.png" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[India&apos;s slowest train: 5 घंटे में सिर्फ 46KM कवर, जानिए भारत की सबसे स्लो ट्रेन की कहानी]]></title><link>https://www.khabarfast.com/national-travel-update-mettupalayam-ooty-nilgiri-passenger-train-covers-just-46km-in-5-hours-know-here</link><pubDate>Thu, 01 Jan 2026 16:03:01 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/national-travel-update-mettupalayam-ooty-nilgiri-passenger-train-covers-just-46km-in-5-hours-know-here</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/prj_1767263581010126.png"> Mettupalayam Ooty Nilgiri Passenger Train:भारतीय रेलवे की दुनिया में जहां हाई-स्पीड ट्रेनें जैसे वंदे भारत और बुलेट ट्रेन की चर्चा जोरों पर है, वहीं एक ऐसी ट्रेन भी है जो अपनी धीमी रफ्तार के लिए मशहूर है। यह है नीलगिरि माउंटेन रेलवे जिसे मेट्टुपालयम-ऊटी नीलगिरि पैसेंजर के नाम से जाना जाता है। यह ट्रेन महज 46 किलोमीटर की दूरी तय करने में पूरे 5 घंटे लगाती है, यानी औसत स्पीड करीब 9-10 किलोमीटर प्रति घंटा। लेकिन यह धीमी रफ्तार कोई कमी नहीं, बल्कि एक अनोखा आकर्षण है, जो पर्यटकों को प्रकृति की गोद में ले जाती है।

	मेट्टुपालयम-ऊटी नीलगिरि ट्रेन का इतिहास 

	बता दें, नीलगिरि माउंटेन रेलवे तमिलनाडु के मेट्टुपालयम से शुरू होकर ऊटी (उदगमंडलम) तक जाती है। यह रूट नीलगिरि पहाड़ियों से होकर गुजरता है, जहां 208 कर्व्स, 16 सुरंगें और 250 पुल हैं। ट्रेन की शुरुआत 1899 में हुई थी, जिसे इसकी खासियत की वजह से साल 2005 में यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा मिला। 2026 में भी यह ट्रेन अपनी पुरानी विरासत को बरकरार रखते हुए चल रही है और रेलवे इसे और बेहतर बनाने के लिए रखरखाव पर जोर दे रहा है।

	यह ट्रेन ब्रिटिश काल की इंजीनियरिंग का नमूना है, जो रैक-एंड-पिनियन सिस्टम पर चलती है। खड़ी चढ़ाई पर यह सिस्टम ट्रेन को गिरने से बचाता है, लेकिन रफ्तार को सीमित कर देता है। पर्यटक इसे &quot;टॉय ट्रेन&quot; कहते हैं, क्योंकि यह छोटी और प्यारी लगती है, लेकिन इसका सफर जीवन भर की यादें देता है।

	क्यों है ये इतनी धीमी?

	दरअसल, नीलगिरि की ऊंची पहाड़ियां और घुमावदार रास्ते ट्रेन को पटरी पर दौड़ने नहीं देते। यहां की ऊंचाई 326 मीटर से बढ़कर 2,203 मीटर तक पहुंच जाती है। इसके अलावा स्टीम इंजन और पुरानी पटरी इसे 10 किमी/घंटा से ज्यादा की स्पीड नहीं देती। लेकिन इससे यात्रियों को एक अलग ही अनुभव मिलता है। धीमी गति से यात्रा करने का मकसद पर्यटकों को चाय बागानों, जंगलों, झरनों और वन्यजीवों का नजारा लेने का मौका देना है। अगर तेज चलेगी, तो ये खूबसूरती छूट जाएगी।

	ट्रेन में 4-5 कोच होते हैं, जिनमें फर्स्ट क्लास और सेकंड क्लास की सुविधा है। सुबह 7:10 बजे मेट्टुपालयम से चलकर दोपहर 12:00 बजे ऊटी पहुंचती है। वापसी में ऊटी से दोपहर 2:00 बजे चलकर शाम 5:45 बजे पहुंचती है। पर्यटक इसे &apos;स्काई ट्रेन&apos; कहते हैं, क्योंकि रास्ते में बादलों के बीच से गुजरना जैसे लगता है।]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/prj_1767263581010126.png" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[न कोई हिल स्टेशन, न कोई बीच… फिर भी 2025 में सबसे ज्यादा सर्च हुआ ये छोटा-सा शहर]]></title><link>https://www.khabarfast.com/lifestyle-update-neither-a-hill-station-nor-a-beach-yet-google-travel-trends-2025-mahakumbh-on-top</link><pubDate>Fri, 05 Dec 2025 14:10:04 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/lifestyle-update-neither-a-hill-station-nor-a-beach-yet-google-travel-trends-2025-mahakumbh-on-top</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/prj_1764924004051225.png"> Google Trending Destination 2025:आज की दौड़भाग वाली जिंदगी से ब्रेक लेने और मन की शांति के लिए ट्रैवल करना बहुत जरूरी होता है। ऐसे में कुछ लोगों को समुद्री किनारों की चमक से सुकून मिलता है तो कुछ पहाड़ी ठंडक की तलाश में कश्मीर जैसे स्थानों की ओर रुख करते हैं। लेकिन इस साल गूगल के सर्च ट्रेंड्स में ट्रैवल डेशटिनेशन ना तो गोवा है और ना ही उतराखंड। बल्कि इस बार भारत के यात्रा खोजों में सबसे ऊपर प्रयागराज का नाम है, उत्तर प्रदेश का वह छोटा सा शहर, जो संगम नगरी के नाम से जाना जाता है। यह शहर न तो बीच का मजा देता है और न ही हिल स्टेशन की शांति, लेकिन महाकुंभ मेला 2025 की वजह से इस छोटे से शहर ने करोड़ों लोगों के दिलों में अपनी एक अलग ही छाप छोड़ दी है।

	144 साल बाद लौटा आध्यात्मिक महासंगम

	बता दें, महाकुंभ मेला हर 12 साल में प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर आयोजित होता है, लेकिन 2025 का यह आयोजन 144 साल बाद आया एक दुर्लभ घटना था। 13 जनवरी से 26 फरवरी तक चले इस मेले ने दुनिया भर से 66 करोड़ हिंदू तीर्थयात्रियों को आकर्षित किया। गूगल के &apos;इंडिया ईयर इन सर्च 2025&apos; रिपोर्ट के मुताबिक, यह न केवल यात्रा श्रेणी में टॉप ट्रेंड रहा, बल्कि समाचार घटनाओं और कुल सर्चों में भी पहले नंबर पर काबिज हो गया।

	अब आपके मन में यही सवाल होगा कि इतना हाइप क्यों हुआ? तो इसका जवाब है आध्यात्मिक ऊर्जा का विस्फोट। संगम स्नान के 40 दिवसों में लाखों लोग गंगा, यमुना और सरस्वती के पवित्र मिलन पर डुबकी लगाने पहुंचे। यह मेला सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक उत्सव भी था, जहां अखाड़ों की परेड, भजन-कीर्तन और पारंपरिक नृत्यों ने पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

	छोटे शहर का बड़ा जादू

	अब अगर प्रयागराज की बात करें तो प्रयागराज पहले इलाहाबाद के नाम से जाना जाता था। यह गंगा-यमुना के संगम पर बसा एक ऐतिहासिक शहर है। यहां की गलियां प्राचीन मंदिरों, घाटों और बाजारों से भरी पड़ी हैं। लेकिन महाकुंभ के दौरान शहर ने एक नया रूप धारण कर लिया – अस्थायी टेंट सिटी, जहां 1 लाख से ज्यादा टेंट लगाए गए, और आधुनिक सुविधाओं जैसे वाई-फाई जोन, मेडिकल कैंप और इलेक्ट्रिक वाहनों का जाल बिछा दिया गया।

	आयुष मंत्रालय की ओपीडी और वेलनेस सेशन ने भी लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित किया, जहां योग और आयुर्वेदिक उपचार मुफ्त उपलब्ध थे। इस आयोजन का असर सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि वैश्विक भी रहा। युवा पीढ़ी, जो पहले आध्यात्मिक यात्राओं से दूर रहती थी, इस बार सोशल मीडिया पर लाइव अपडेट शेयर करने पहुंची। वायरल वीडियो और फोटोज ने प्रयागराज को ट्रेंडिंग बना दिया।]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/prj_1764924004051225.png" width="75" height="50"/></item></channel></rss>