<rss xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" version="2.0"><channel><title>Khabarfast</title><atom:link href="https://www.khabarfast.com/rss-feed/health" rel="self" type="application/rss+xml" /><link>https://www.khabarfast.com/</link><description/><lastBuildDate>Sun, 24 May 2026 21:59:46 +0530</lastBuildDate><language>en-US</language><sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod><sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency><generator>https://www.khabarfast.com</generator><item><title><![CDATA[Summer Healthy Drinks: गर्मी में खुद को रखें फिट और हाइड्रेटेड, सेलिब्रिटीज ने बताए हेल्दी समर ड्रिंक्स]]></title><link>https://www.khabarfast.com/summer-healthy-drinks-keep-yourself-fit-and-hydrated-in-summer-celebrities-tell-healthy-summer-drinks</link><pubDate>Sat, 23 May 2026 15:45:30 +0530</pubDate><dc:creator>Shivani Jha</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/summer-healthy-drinks-keep-yourself-fit-and-hydrated-in-summer-celebrities-tell-healthy-summer-drinks</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639151479309548761.jpg"> Summer Healthy Drinks: दिल्ली-एनसीआर समेत देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। तेज धूप और बढ़ते तापमान के बीच शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी हो गया है। ऐसे मौसम में लोग अक्सर कोल्ड ड्रिंक का सहारा लेते हैं, लेकिन सेहत के लिए हेल्दी ड्रिंक्स ज्यादा फायदेमंद माने जाते हैं। बॉलीवुड सितारे भी गर्मियों में फिट और तरोताजा रहने के लिए खास घरेलू ड्रिंक्स पीना पसंद करते हैं। कई सेलिब्रिटीज ने अपने पसंदीदा समर ड्रिंक्स की रेसिपी फैंस के साथ शेयर की हैं, जिन्हें घर पर आसानी से बनाया जा सकता है।राधिका का &amp;nbsp;खास समर हैकराधिका ने एक खास समर हैक बताया, जिसे Farah Khan ने भी काफी पसंद किया। राधिका ने धनिया, पुदीना, अदरक, हरी मिर्च, भुना जीरा, नमक और चाट मसाले को पीसकर आइस क्यूब तैयार किए। इन क्यूब्स को नींबू पानी या छाछ में डालकर पीने से स्वाद भी बढ़ता है और शरीर को ठंडक भी मिलती है। फराह खान ने इसे गर्मियों का बेस्ट समर हैक बताया।नीतू कपूर का प्रोबायोटिक कांजीवहीं नीतू कपूर ने प्रोबायोटिक कांजी की रेसिपी शेयर की। इसके लिए पके हुए चावल को मिट्टी के बर्तन में पानी के साथ रातभर फर्मेंट होने के लिए रखा जाता है। अगली सुबह इसमें हल्का तड़का लगाकर खाया जाता है। नीतू कपूर के अनुसार यह पेट के लिए फायदेमंद और शरीर को ठंडा रखने वाला हेल्दी नाश्ता है।अर्चना का खास नींबू पानीअर्चना पूरन सिंह ने हरा नींबू पानी बनाने की आसान रेसिपी बताई। इसके लिए पुदीने को पानी के साथ पीसकर छान लें। फिर इसमें नींबू का रस, चीनी, काला नमक और भुना जीरा मिलाएं। यह ड्रिंक गर्मी में तुरंत ताजगी देने का काम करता है।पंकज त्रिपाठी का सत्तू ड्रिंकपंकज त्रिपाठी का पसंदीदा समर ड्रिंक सत्तू है। उन्होंने बताया कि वह चने के सत्तू में नींबू, धनिया, मिर्च और भुना जीरा मिलाकर पीते हैं। उनके मुताबिक सत्तू शरीर को ठंडक देने के साथ लंबे समय तक ऊर्जा भी देता है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में घर के बने हेल्दी ड्रिंक्स शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करते हैं और सेहत भी बेहतर रखते हैं।&amp;nbsp; Also read: शरीर में दिखें ये लक्षण तो समझ जाएं लू लगी है, यहां जानें कैसे करें इसकी पहचान और बचाव के तरीके&amp;nbsp;]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639151479309548761.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[तपती धूप के बाद मौसम हुआ सुहाना, लेकिन लापरवाही से बिगड़ सकती है तबीयत; जानिए बारिश में भी कैसे रहे फिट]]></title><link>https://www.khabarfast.com/health-tips-after-the-scorching-heat-the-weather-has-turned-cool-know-here-how-to-stay-fit-in-rainy-season</link><pubDate>Fri, 01 May 2026 16:02:30 +0530</pubDate><dc:creator>Nancy</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/health-tips-after-the-scorching-heat-the-weather-has-turned-cool-know-here-how-to-stay-fit-in-rainy-season</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639132481507126934.jpg"> Monsoon Care Tips: बीते कुछ दिनों से देशभर के मौसम में बदलाव हो रहा है। पहले तपती धूप ने लोगों को भीषण गर्मी का अहसास दिलाया। लेकिन हालिया दिनों में तेज हवाओं और बारिश ने हर किसी का मन खुश कर दिया है। लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन मौसम के इस बदलाव के साथ स्वास्थ्य जोखिम भी बढ़ जाते हैं। दरअसल, तापमान में अचानक गिरावट, नमी और ठंडक के कारण वायरल संक्रमण, पेट की बीमारियां, फंगल इंफेक्शन जैसी समस्या लोगों को घेर लेती है। तो चलिए जानते है बदलते मौसम में खुद को कैसे इन समस्याओं से दूर रख सकते हैं।1. बारिश में भीगना और गीले कपड़ों में रहनातपती गर्मी के बीच पहली बारिश अक्सर लोगों को राहत देती है। लेकिन यही वो समय होता है जब बीमारी घर तक पहुंच जाती है। अचानक शुरु हुई बारिश से बचने के लिए छाता ना होना और भीगते हुए घर पहुंचना। इस दौरान शरीर का तापमान अचानक गिरता है, जिससे सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल फीवर का खतरा बढ़ जाता है। फंगल इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए हमेशा छाता या रेनकोट साथ रखें। घर पहुंचते ही गीले कपड़े बदल लें और शरीर को अच्छे से सुखाएं।&amp;nbsp; Also read: शरीर में दिखें ये लक्षण तो समझ जाएं लू लगी है, यहां जानें कैसे करें इसकी पहचान और बचाव के तरीके2. बाहर का खाना खाना बंद करेंतपती धूप के बाद बारिश में लोग अक्सर गर्म समोसे या चाय का लुत्फ उठाते है। लेकिन बदलते मौसम में खुले में रखा खाना जल्दी खराब हो जाता है। बैक्टीरिया और फंगस तेजी से बढ़ते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग, डायरिया, टाइफाइड और हेपेटाइटिस A का खतरा रहता है। इसलिए हमेशा घर का गर्म-गर्म और ताजा, खाना खाएं। फल-सब्जियां अच्छे से धोकर या छीलकर खाएं।3. हमेशा साफ पानी ही पिएंअक्सर बारिश के दिनों में सीवर का गंदा पानी साफ पानी मिल जाता है, जिससे साफ पानी दूषित हो जाता है और वहीं पानी पीने से लेप्टोस्पायरोसिस, कॉलेरा और पेट के इंफेक्शन हो सकते हैं। ऐसे में हमेशा उबला हुआ या अच्छा RO/UV फिल्टर वाला पानी पिएं।4. घर के आसपास पानी का जमा होनाबारिश के बाद गड्ढों और छत पर जमा पानी मच्छरों का घर बन जाता है। ऐसी ही स्थिति में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के केस अचानक बढ़ जाते हैं। इसलिए इस बीमारी से बचने के लिए घर के आसपास पानी न जमा होने दें। इसके अलावा मच्छर रोधक क्रीम, नेट या मशीन का इस्तेमाल करें। शाम को पूरे कपड़े पहनें।5. सेहत को हमेशा अनदेखा करनाअक्सर बदलते मौसम में भी लोग अपनी सेबत का ध्याम नहीं रखते। थकान, कम नींद और अनहेल्दी डाइट को अनदेखा करते रहते है। इससे शरीर की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है&amp;nbsp; और बीमारियां हमें घेर लेती है। ऐसे में हमेशा सेहत का ध्याम रखें। रोजाना 7-8 घंटे की नींद लें।]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639132481507126934.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[शरीर में दिखें ये लक्षण तो समझ जाएं लू लगी है, यहां जानें कैसे करें इसकी पहचान और बचाव के तरीके]]></title><link>https://www.khabarfast.com/health-update-how-to-identify-heatstroke-know-here-its-prevention</link><pubDate>Wed, 29 Apr 2026 16:06:20 +0530</pubDate><dc:creator>Nancy</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/health-update-how-to-identify-heatstroke-know-here-its-prevention</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639130755808984280.jpg"> Heat Stroke Symptoms: देशभर में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। इस दौरान लू चलती है, जो अचानक शरीर को गंभीर रूप से प्रभावित करती है। जिसका समय पर पहचान और इलाज न मिलने पर जानलेवा भी साबित हो सकती है। ऐसा तब होता है जब आप लंबे समय तक तेज धूप में रहते है, जिससे शरीर का तापमान नियंत्रण से बाहर हो जाता है। ऐसे में डॉक्टर्स भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते है और बताते है कि लू के किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?कैसे लगती है लू?लू तब लगती है जब शरीर ज्यादा गर्मी के संपर्क में आकर खुद को ठंडा नहीं कर पाता। आमतौर पर यह स्थिति तब बनती है जब व्यक्ति लंबे समय तक धूप में रहता है। इसके अलावा पर्याप्त पानी नहीं पीना या शारीरिक मेहनत ज्यादा करना भी लू की स्थिति को जानलेवा बना सकता है। क्योंकि उस दौरान शरीर का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है और पसीना आना कम या बंद हो सकता है। Also read: Heat Stroke Alert: तापमान बढ़ते ही बढ़ रहा हीट स्ट्रोक का खतरा, ऐसे रखें खुद का ख्याललू के शुरुआती लक्षणलू लगने पर शरीर कई संकेत देने लगता है, जिन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।1. तेज सिरदर्द और चक्कर आना2. अत्यधिक कमजोरी या थकान महसूस होना3. मतली या उल्टी आना4. त्वचा का लाल, गर्म और सूखा होना5. तेज बुखार और बेचैनी6. भ्रम की स्थिति या ध्यान केंद्रित न कर पानाडॉक्टर्स बताते है कि अगर किसी व्यक्ति में तेज बुखार के साथ पसीना आना बंद हो जाए, शरीर असामान्य रूप से गर्म हो जाए या वह बेहोशी की स्थिति पैदा हो जाए, तो व्यक्ति को तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए।लू से बचाव के तरीके1. दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें2. खूब पानी और तरल पदार्थ जैसे नींबू पानी, ओआरएस का सेवन करें3. हल्के और ढीले कपड़े पहनें4. सिर को टोपी या कपड़े से ढककर रखें5. ज्यादा मेहनत वाले काम धूप में करने से बचें6. बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639130755808984280.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[Heat Stroke Alert: तापमान बढ़ते ही बढ़ रहा हीट स्ट्रोक का खतरा, ऐसे रखें खुद का ख्याल]]></title><link>https://www.khabarfast.com/health-update-the-risk-of-heat-stroke-is-rising-as-temperatures-soar-know-here-how-to-take-care-of-yourself</link><pubDate>Wed, 22 Apr 2026 13:54:00 +0530</pubDate><dc:creator>Nancy</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/health-update-the-risk-of-heat-stroke-is-rising-as-temperatures-soar-know-here-how-to-take-care-of-yourself</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639124628403589331.jpg"> Heat Stroke Prevention: देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और हीटवेव की स्थिति ने लोगों को परेशान कर रखा है। दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में तापमान 42-44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, अगले कुछ दिनों में गर्मी और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और हीट एग्जॉस्टेशन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और आउटडोर काम करने वालों में।बता दें, हीट स्ट्रोक एक गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है और ठंडक बनाने की प्रक्रिया रुक जाती है। अगर समय पर इलाज न किया जाए तो यह स्थिति जानलेवा भी साबित हो सकता है। हालांकि, सही सावधानियां बरतकर इसे जानलेवा बनने से रोका भी जा सकता है।&amp;nbsp; Also read: सावधान! घंटों बैठे रहने से बढ़ रहा डीप वेन थ्रोमबोसिस का रिस्क, इन लोगों के लिए बन सकती है जानलेवाहीट स्ट्रोक के मुख्य लक्षण1. तेज सिरदर्द, चक्कर आना या बेहोशी2. अत्यधिक प्यास या बिल्कुल प्यास न लगना3. जी मिचलाना, उल्टी या थकान4. मांसपेशियों में ऐंठन5. त्वचा का लाल होना, सूखना या ज्यादा पसीना आना6. तेज धड़कन या सांस लेने में तकलीफ7. भ्रम की स्थिति या बोलने में दिक्कतहीट स्ट्रोक से बचाव के जरूरी टिप्स1. खूब पानी पिएं: प्यास लगे या न लगे, दिन में 3-4 लीटर या उससे ज्यादा पानी पिएं। नारियल पानी, छाछ (लस्सी), नींबू पानी, ORS या इलेक्ट्रोलाइट युक्त पेय पदार्थ लें। चाय, कॉफी, शराब और कोल्ड ड्रिंक्स से बचें क्योंकि ये डिहाइड्रेशन बढ़ाते हैं।2. दोपहर की धूप से बचें: 11 बजे से 4 बजे के बीच (खासकर 12 से 4 बजे) बाहर निकलने से पूरी तरह बचें। अगर जाना जरूरी हो तो छाता, टोपी, स्कार्फ या सनग्लासेस का इस्तेमाल करें और छाया में रहें।3. सही कपड़े चुनें: हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें जो हवा पास होने दें। हल्के रंग के कपड़े गर्मी को कम सोखते हैं।4. घर को ठंडा रखें: दिन में पर्दे बंद रखें, रात में खिड़कियां खोलकर हवा आने दें। पंखे, कूलर या एसी का इस्तेमाल करें। ठंडे पानी से नहाएं या गीले कपड़े से शरीर को पोछें।5. खान-पान का ध्यान रखें: हल्का और पानी वाला भोजन लें – फल (खरबूजा, तरबूज, खीरा), सलाद और दही। भारी, तला-भुना या मसालेदार खाना कम करें।6. खास समूहों का ख्याल रखें: बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों (हृदय रोग, डायबिटीज आदि) पर विशेष नजर रखें। उन्हें अकेला न छोड़ें और उनकी हालत नियमित चेक करें।7. बाहर काम करने वालों के लिए: काम के दौरान हर 15-20 मिनट में छाया में आराम करें। पानी की बोतल साथ रखें। अगर थकान, चक्कर या सिरदर्द महसूस हो तो तुरंत काम रोक दें।अगर लक्षण दिखें तो क्या करें?व्यक्ति को तुरंत छाया में ले जाएं, कपड़े ढीले करें, ठंडे पानी से शरीर को पोछें या पंखा चलाएं। अगर होश में है तो पानी या ORS पिलाएं। तुरंत पास के अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें। ये छोटी-छोटी सावधानियां हीट संबंधी बीमारियों से बचाव में बहुत कारगर साबित होती हैं। गर्मी का यह मौसम चुनौतीपूर्ण है, लेकिन जागरूकता और सही आदतों से इसे सुरक्षित तरीके से पार किया जा सकता है।]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639124628403589331.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[World Liver Day 2026: बच्चों में बढ़ रहा फैटी लिवर का खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी]]></title><link>https://www.khabarfast.com/world-liver-day-2026-risk-of-fatty-liver-increasing-in-children-experts-warn</link><pubDate>Sun, 19 Apr 2026 11:29:27 +0530</pubDate><dc:creator>Shivani Jha</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/world-liver-day-2026-risk-of-fatty-liver-increasing-in-children-experts-warn</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639121949674942012.jpg"> World Liver Day 2026: हर साल 19 अप्रैल को विश्व लिवर दिवस मनाया जाता है ताकि लोगों को लिवर की सेहत के प्रति जागरूक किया जा सके। साल 2026 की थीम “सॉलिड हैबिट्स, स्ट्रांग लिवर” रखी गई है, जो अच्छे लाइफस्टाइल की अहमियत को दर्शाती है। लिवर हमारे शरीर का एक जरूरी अंग है, जो खाना पचाने, शरीर से गंदे पदार्थ बाहर निकालने, ऊर्जा देने और शरीर की मरम्मत जैसे कई महत्वपूर्ण काम करता है। लेकिन चिंता की बात यह है कि आजकल फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले यह बीमारी सिर्फ बड़े लोगों में पाई जाती थी, लेकिन अब छोटे बच्चे भी इसका शिकार हो रहे हैं। जंक फूड, ज्यादा मीठे पेय, मोटापा और बढ़ता स्क्रीन टाइम इसके मुख्य कारण हैं।क्या कहते हैं विशेषज्ञ?विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में हर 3 में से 1 बच्चा इस बीमारी की चपेट में आ सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में लगभग 35% बच्चों को फैटी लिवर की समस्या है, जबकि दुनिया में यह आंकड़ा सिर्फ 8 से 10% के बीच है। इसका मतलब है कि भारतीय बच्चों में यह खतरा दुनिया के मुकाबले लगभग 4 गुना ज्यादा है।नहीं दिखाई देते हैं स्पष्ट लक्षणसबसे बड़ी समस्या यह है कि यह बीमारी धीरे-धीरे और बिना किसी स्पष्ट लक्षण के बढ़ती है। कई बार बच्चा बाहर से बिल्कुल स्वस्थ दिखता है, लेकिन अंदर ही अंदर उसके लिवर में फैट जमा होता रहता है। यही वजह है कि समय पर पहचान और इलाज बेहद जरूरी है। डॉक्टरों का कहना है कि माता-पिता को बच्चों की लाइफस्टाइल पर ध्यान देना होगा। संतुलित आहार, जिसमें साबुत अनाज और प्रोटीन शामिल हों, बहुत जरूरी है। इसके साथ ही रोज कम से कम 30 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी या वॉक करनी चाहिए।विशेषज्ञ ने दी सलाहविशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि शराब से दूरी बनाए रखें और अगर कोई व्यक्ति मोटापा या डायबिटीज से पीड़ित है, तो समय-समय पर लिवर की जांच जरूर कराएं। समय रहते सही आदतें अपनाकर इस बीमारी को रोका जा सकता है और लिवर को स्वस्थ रखा जा सकता है। Also read: Asha Bhosle Demise: समय रहते हो जाएं अलर्ट! बढ़ रहा कार्डियक अरेस्ट का खतरा, जानें इसके लक्षण और बचाव के तरीके&amp;nbsp;]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639121949674942012.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[Asha Bhosle Demise: समय रहते हो जाएं अलर्ट! बढ़ रहा कार्डियक अरेस्ट का खतरा, जानें इसके लक्षण और बचाव के तरीके]]></title><link>https://www.khabarfast.com/entertainment-bollywood-health-asha-bhosle-passes-away-due-to-cardiac-arrest-know-here-its-symptoms-and-how-th-prevent</link><pubDate>Sun, 12 Apr 2026 14:56:42 +0530</pubDate><dc:creator>Nancy</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/entertainment-bollywood-health-asha-bhosle-passes-away-due-to-cardiac-arrest-know-here-its-symptoms-and-how-th-prevent</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639116026018439845.jpg"> Cardiac Arrest Prevention: भारतीय सिनेमा की अनमोल आवाज आशा भोसले (92) का आज मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। उन्होंने कार्डियक अरेस्ट और फेफड़ों की समस्या के कारण अंतिम सांस ली। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, शनिवार शाम उन्हें थकान और छाती के संक्रमण के कारण भर्ती कराया गया था, जहां उनकी हालत बिगड़ने के बाद कार्डियक अरेस्ट आया और मल्टी-ऑर्गन फेलियर से उनका निधन हो गया।&amp;nbsp;बता दें, आशा भोसले की पोती जनाई भोसले ने पहले सोशल मीडिया पर जानकारी दी थी कि दादी को अत्यधिक थकान और छाती के संक्रमण की वजह से अस्पताल ले जाना पड़ा। परिवार ने गोपनीयता का सम्मान करने की अपील की थी। दिग्गज गायिका के निधन से संगीत जगत और पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। ऐसे में चलिए कार्डियक अरेस्ट के बारे में जानते है, जिसकी वजह से आशा भोसले का निधन हुआ।&amp;nbsp;कार्डियक अरेस्ट क्या है?&amp;nbsp;कार्डियक अरेस्ट एक गंभीर चिकित्सकीय आपात स्थिति है, जिसमें दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है। इससे दिमाग और अन्य अंगों को खून नहीं पहुंच पाता। हालांकि, यह हार्ट अटैक से अलग है। हार्ट अटैक में धमनियों में ब्लॉकेज होता है, जबकि कार्डियक अरेस्ट में दिल की विद्युतीय गतिविधि बिगड़ जाती है।&amp;nbsp; Also read: Asha Bhosle Demise: कम उम्र में शादी...दर्द और संघर्ष से भरी रही Asha Bhosle की जिंदगी, फिर भी बनीं संगीत की दिग्गजकार्डियक अरेस्ट के मुख्य लक्षण&amp;nbsp;1.&amp;nbsp;सीने में दर्द: दबाव, जकड़न या हल्का दर्द (हमेशा तेज दर्द नहीं होता)।2.&amp;nbsp;सांस लेने में तकलीफ: अचानक हांफना या सांस फूलना।3.&amp;nbsp;अत्यधिक थकान या कमजोरी: बिना किसी वजह के थकान महसूस होना, जो सामान्य से ज्यादा हो।4. चक्कर आना या बेहोशी5.&amp;nbsp;जी मिचलाना या उल्टी: पेट की समस्या जैसा महसूस होना।6.&amp;nbsp;जबड़े,&amp;nbsp;गर्दन,&amp;nbsp;पीठ या बांहों में दर्द: सीने के अलावा इन जगहों पर असुविधा।7. ठंडा पसीना या चिंता का अचानक बढ़ना।&amp;nbsp;कब हो जाएं सतर्क?1. अगर अचानक सीने में असुविधा, सांस फूलना या बेहोशी जैसा महसूस हो तो तुरंत&amp;nbsp;108 या नजदीकी अस्पताल संपर्क करें।2. अगर व्यक्ति होश में नहीं है, सांस नहीं ले रहा या नाड़ी नहीं चल रही तो&amp;nbsp;CPR (कार्डियो-पल्मोनरी रिससिटेशन) शुरू करें और डिफिब्रिलेटर की व्यवस्था करें।3.&amp;nbsp;जोखिम कारक: उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, धूम्रपान, परिवार में हृदय रोग का इतिहास या पहले से छाती का संक्रमण। बुजुर्गों में फेफड़ों की समस्या कार्डियक अरेस्ट को ट्रिगर कर सकती है।&amp;nbsp;बचाव के उपाय1.&amp;nbsp;नियमित स्वास्थ्य जांच: ब्लड प्रेशर, शुगर, कोलेस्ट्रॉल और ईसीजी करवाएं।2.&amp;nbsp;स्वस्थ जीवनशैली: संतुलित आहार, हल्का व्यायाम, तनाव प्रबंधन और पर्याप्त नींद।3.&amp;nbsp;संक्रमण से बचाव: सर्दी-खांसी या छाती के संक्रमण को नजरअंदाज न करें, खासकर बुजुर्गों में।4. दवाइयां समय पर लें और डॉक्टर की सलाह मानें।]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639116026018439845.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[World TB Day 2026: भारत में कम हो रहे टीबी के मामले, जानिए कैसे पहचानें और क्या है लक्षण और इलाज]]></title><link>https://www.khabarfast.com/health-update-world-tuberculosis-tb-day-2026-cases-are-declining-in-india-know-here-how-to-identify-symptoms-and-treatment</link><pubDate>Tue, 24 Mar 2026 10:10:52 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/health-update-world-tuberculosis-tb-day-2026-cases-are-declining-in-india-know-here-how-to-identify-symptoms-and-treatment</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/prj_1774327252240326.png"> TB Cases India 2026:हर साल 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस मनाया जाका है। लेकिन ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है – क्या टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है? तो जवाब है हां! अगर लक्षण दिखते ही जांच हो जाए और डॉक्टर के बताए मुताबिक पूरा इलाज लिया जाए तो टीबी 90 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में जड़ से खत्म हो जाती है।

	नेशनल टीबी एलिमिनेशन प्रोग्राम (NTEP) के तहत भारत में ड्रग-सेंसिटिव टीबी का सफलता दर 90 प्रतिशत पहुंच चुका है, जो वैश्विक औसत 88 प्रतिशत से बेहतर है। ड्रग-रेजिस्टेंट टीबी के लिए भी नई शॉर्ट-कोर्स दवाएं (जैसे BPaLM रेजिमेन) उपलब्ध हैं, जिनसे 6 महीने में ही 80 प्रतिशत मरीज ठीक हो जाते हैं। WHO Global TB Report 2025 भी यही पुष्टि करता है कि समय पर इलाज से टीबी पूरी तरह नियंत्रित और ठीक हो सकती है।

	भारत में टीबी का हाल

	WHO की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2015 से 2024 के बीच भारत में टीबी के नए केस में 21% की कमी आई यानी 237 प्रति लाख से घटकर 187 प्रति लाख हो गई। यह वैश्विक औसत गिरावट (12%) से लगभग दोगुनी रफ्तार है। मृत्यु दर भी 28 प्रति लाख से घटकर 21 प्रति लाख रह गई। ट्रीटमेंट कवरेज 53% से बढ़कर 92% हो गया और 2024 में 26.18 लाख मरीजों का पता चला। भारत अभी भी वैश्विक टीबी बोझ का 25% हिस्सा वहन करता है, लेकिन ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान के तहत प्रगति तेज है।

	टीबी के मुख्य संकेत 

	टीबी मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है, लेकिन शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है। अगर ये लक्षण 2 हफ्ते से ज्यादा रहें तो तुरंत जांच कराएं। बच्चे, बुजुर्ग, डायबिटीज या एचआईवी वाले मरीजों में खतरा ज्यादा होता है। शुरुआत में लक्षण हल्के लगते हैं, लेकिन अनदेखा करने पर फैल सकता है।

	• लगातार खांसी (कभी खून भी आए)

	• हल्का बुखार, खासकर रात में पसीना

	• बिना वजह वजन कम होना

	• थकान और कमजोरी

	• सीने में दर्द या सांस लेने में तकलीफ

	• भूख न लगना 

	टीबी का इलाज और बचाव 

	भारत में इलाज पूरी तरह मुफ्त है। सामान्य टीबी का कोर्स 6 महीने का होता है – पहले 2 महीने 4 दवाएं (रिफैम्पिसिन, आइसोनियाजिड, पाइरेजिनामाइड, एथाम्बुटॉल) और अगले 4 महीने 2 दवाएं। MDR/XDR टीबी के लिए BPaLM जैसी नई दवाएं मात्र 6 महीने में ही असरदार साबित हो रही हैं। Ni-kshay पोषण योजना के तहत हर मरीज को हर महीने ₹1000 की सहायता मिलती है। Nikshay पोर्टल पर हर केस की निगरानी होती है। 

	बचाव के उपाय

	• बच्चों को BCG वैक्सीन लगवाएं

	• परिवार के संपर्क में आने वालों को प्रिवेंटिव दवा दें

	• अच्छा पोषण, स्वच्छता और घर में वेंटिलेशन रखें

	• धूम्रपान और शराब से दूर रहें]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/prj_1774327252240326.png" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[सावधान! घंटों बैठे रहने से बढ़ रहा डीप वेन थ्रोमबोसिस का रिस्क, इन लोगों के लिए बन सकती है जानलेवा]]></title><link>https://www.khabarfast.com/lifestyle-health-update-sitting-for-long-hours-increases-the-risk-of-deep-vein-thrombosis-in-young-adults-know-here</link><pubDate>Mon, 23 Mar 2026 16:08:24 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/lifestyle-health-update-sitting-for-long-hours-increases-the-risk-of-deep-vein-thrombosis-in-young-adults-know-here</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/prj_1774262304230326.png"> Deep Vein Thrombosis Risk: आज की लाइफस्टाइल की वजह से युवाओं में डीप वेन थ्रोमबोसिस (DVT) यानी गहरी नसों में खून का थक्का जमने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार, लंबे समय तक बैठे रहने से खून का प्रवाह रुक जाता है, जिससे पैरों की गहरी नसों में थक्के बनने का खतरा बढ़ जाता है। यह स्थिति &apos;सिटिंग डिजीज&apos; या &apos;इकोनॉमी क्लास सिंड्रोम&apos; के नाम से भी जानी जाती है। हाल के सालों में 23से 45साल के युवाओं में DVT के मामलों में लगभग 50प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, खासकर धूम्रपान करने वालों और लंबे समय तक डेस्क जॉब, गेमिंग, OTT प्लेटफॉर्म बिंज-वॉचिंग या लंबी यात्रा करने वालों में।

	युवाओं में क्यों बढ़ रहा है DVT का खतरा? 

	पहले DVT को मुख्य रूप से बुजुर्गों या अस्पताल में भर्ती मरीजों की समस्या माना जाता था, लेकिन अब यह युवा पेशेवरों में आम हो गई है। इसके कारणों में -

	1. लंबे समय तक एक ही जगह बैठना (WFH, ऑफिस डेस्क जॉब, लंबी फ्लाइट या ट्रेन यात्रा) 

	2. खराब हाइड्रेशन (पानी कम पीना) 

	3. धूम्रपान 

	4. मोटापा 

	5. हार्मोनल गोलियां (कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स) 

	6. आनुवंशिक कारक या परिवार में पहले से थक्के की समस्या

	डॉक्टरों का कहना है कि हर अतिरिक्त घंटे बैठने से DVT का जोखिम करीब 10प्रतिशत बढ़ जाता है। अगर थक्का टूटकर फेफड़ों में पहुंच जाए तो यह पल्मोनरी एम्बोलिज्म बन सकता है, जो जानलेवा साबित हो सकता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि युवाओं में यह &apos;साइलेंट किलर&apos; बन रहा है, क्योंकि शुरुआती लक्षण हल्के होते हैं और लोग इग्नोर कर देते हैं।

	DVT के प्रमुख लक्षण  

	1. एक पैर या हाथ में अचानक सूजन 

	2. पैर में दर्द, ऐंठन या खिंचाव जैसा महसूस होना

	3. प्रभावित जगह पर गर्माहट या लालिमा 

	4. त्वचा का रंग बदलना (लाल, नीला या बैंगनी)

	रोकथाम के आसान उपाय  

	1. हर 1-2घंटे में उठकर 5-10मिनट टहलें या पैर हिलाएं 

	2. लंबी बैठाई के दौरान पैरों की एक्सरसाइज करें (एंकल रोटेशन, पैर ऊपर-नीचे करना) 

	3. खूब पानी पिएं, डिहाइड्रेशन से बचें 

	4. धूम्रपान छोड़ें 

	5. स्वस्थ वजन बनाए रखें और नियमित व्यायाम करें]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/prj_1774262304230326.png" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[Chaitra Navratri 2026: कब से शुरू होंगे नवरात्र? जानें इस बार 8 दिन या पूरे 9 दिन का व्रत]]></title><link>https://www.khabarfast.com/chaitra-navratri-2026-when-will-navratri-begin-find-out-if-it-will-be-an-8-day-fast-or-a-full-9-day-fast-this-time</link><pubDate>Mon, 16 Mar 2026 15:20:21 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/chaitra-navratri-2026-when-will-navratri-begin-find-out-if-it-will-be-an-8-day-fast-or-a-full-9-day-fast-this-time</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/prj_1773654621160326.png"> Chaitra Navratri 2026: हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्रि की शुरुआत होती है। साल 2026 में नवरात्रि की तारीख को लेकर लोगों के बीच थोड़ा भ्रम बना हुआ है। चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ 19 मार्च 2026 से हो रहा है लेकिन आखिरी दिन के लिए लोगों के मन थोड़ा कन्फ्यूजन चल रहा है कि अतिंम दिन 26 या 27 मार्च होगा और इस बार पूरे 9 दिन के नवरात्र होंगे या केवल 8 दिन। चलिए जानते हैं।

	पंचांग के अनुसार चैत्र नवरात्रि 19 मार्च 2026 से शुरू होकर 26 मार्च 2026 को इसका समापन किया जाएगा। इस वर्ष अष्टमी और नवमीं 26 मार्च को ही मनाई जाएगी। प्रतिपदा तिथि के अनुसार इसी दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) की जाती है और मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा शुरू होती है।चैत्र नवरात्रि कलश स्थापना मुहूर्त - 19 मार्च 2026 को 06:52 AM से 09:44 AMतक है।

	इस बार 8 दिन या 9 दिन?

	धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस बार 8 दिन के नवरात्र मनाए जाएंगे। यानी श्रद्धालु 8 दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करेंगे। अष्टमी के दिन ही राम नवमी का भी पर्व मनाया जाएगा।

	नवरात्रि का महत्व

	नवरात्रि के नौ दिन देवी शक्ति की आराधना के लिए बेहद शुभ माने जाते हैं। भक्त इन दिनों व्रत रखते हैं, दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं और घरों में कलश स्थापनाकर मां दुर्गा की पूजा करते हैं। माना जाता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/prj_1773654621160326.png" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[Holi Diet: होली की मस्ती के बीच सेहत न हो खराब, इन 5 हेल्थ टिप्स को जरूर करें फॉलो]]></title><link>https://www.khabarfast.com/lifestyle-health-update-follow-these-holi-diet-tips-to-avoid-any-health-issues-during-the-holi-celebrations</link><pubDate>Fri, 27 Feb 2026 16:01:59 +0530</pubDate><dc:creator></dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/lifestyle-health-update-follow-these-holi-diet-tips-to-avoid-any-health-issues-during-the-holi-celebrations</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/prj_1772188319270226.png"> Holi Diet Tips: होली का त्योहार रंगों, खुशियों और स्वादिष्ट व्यंजनों से भरा होता है, लेकिन उत्साह में अगर खान-पान और कुछ जरूरी सावधानियों पर ध्यान न दिया जाए तो पेट खराब, एसिडिटी, फूड पॉइजनिंग, डिहाइड्रेशन या एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, होली के दौरान तला-भुना, मीठा और मिलावटी भोजन सबसे बड़ा खतरा बन जाता है। साल 2026में होली 04मार्च को मनाई जाएगी, इससे पहले उन टिप्स को जान लें, जिन्हें अपनाकर आप बीमार होने से बच सकते हैं।

	होली पर रखें सेहत का ध्यान 

	1. ज्यादा तला-भुना और मीठा खाने से बचें

	होली पर गुजिया, पकौड़े, नमकीन, जलेबी, ठंडाई और फ्राइड स्नैक्स का बोलबाला रहता है। इनका ज्यादा सेवन अपच, एसिडिटी, पेट में भारीपन, ब्लड शुगर स्पाइक और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का कारण बन सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इनका सेवन सीमित मात्रा में करें और घर के बने हल्के व्यंजनों को प्राथमिकता दें।

	2. पानी और हाइड्रेशन का ध्यान रखें

	रंग खेलते हुए पसीना निकलता है और बाहर रहने से डिहाइड्रेशन हो सकता है। कई लोग पानी कम पीते हैं, जिससे थकान, सिरदर्द या गंभीर मामलों में हीट स्ट्रोक जैसी समस्या हो सकती है। होली से पहले, दौरान और बाद में खूब पानी, नारियल पानी, नींबू पानी या ORS पिएं। ठंडाई या कोल्ड ड्रिंक्स ज्यादा न लें।

	3. मिलावटी या स्ट्रीट फूड से परहेज करें 

	होली के समय मिठाइयों, ठंडाई और स्नैक्स में मिलावट का खतरा बढ़ जाता है। दूध, मावा, घी या मसालों में मिलावट से फूड पॉइजनिंग, उल्टी-दस्त या संक्रमण हो सकता है। घर पर बने ताजा और स्वच्छ भोजन को चुनें। स्ट्रीट फूड या अनजान स्रोत से पानी/ड्रिंक्स न लें।

	4. भांग या शराब का अत्यधिक सेवन करना 

	कई जगहों पर भांग वाली ठंडाई या अल्कोहल का सेवन आम है। ज्यादा मात्रा में लेने से चक्कर, डिहाइड्रेशन, एक्सीडेंट या पेट की गड़बड़ी हो सकती है। अगर लेना ही है तो कम मात्रा में और जिम्मेदारी से लें। बच्चों और गर्भवती महिलाओं को इससे दूर रहना चाहिए।

	5. खाने के बाद तुरंत रंग खेलना 

	खाने के तुरंत बाद ज्यादा पानी या रंग खेलने से पाचन बिगड़ सकता है। पहले हल्का नाश्ता करें, फिर रंग खेलें और बाद में संतुलित भोजन लें। होली के बाद हल्का, पौष्टिक भोजन जैसे फल, सब्जियां, स्प्राउट्स और सूप लें ताकि शरीर डिटॉक्स हो सके।

	होली का मजा लेने के लिए संतुलित खान-पान और हाइड्रेशन सबसे जरूरी है। अगर कोई पुरानी बीमारी जैसे डायबिटीज, एसिडिटी या एलर्जी है तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें। इन सावधानियों से होली खुशहाल और सेहतमंद बनी रहेगी।]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/prj_1772188319270226.png" width="75" height="50"/></item></channel></rss>