<rss xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/" version="2.0"><channel><title>Khabarfast</title><atom:link href="https://www.khabarfast.com/rss-feed/country" rel="self" type="application/rss+xml" /><link>https://www.khabarfast.com/</link><description/><lastBuildDate>Thu, 09 Apr 2026 18:55:40 +0530</lastBuildDate><language>en-US</language><sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod><sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency><generator>https://www.khabarfast.com</generator><item><title><![CDATA[CBSE ने स्कूलों को तीसरी भाषा लागू करने का दिया आदेश, 7 दिनों के भीतर लागू करने का फरमान]]></title><link>https://www.khabarfast.com/news/cbse-orders-schools-to-implement-third-language-orders-to-implement-within-7-days</link><pubDate>Thu, 09 Apr 2026 17:29:16 +0530</pubDate><dc:creator>Sachin Kumar</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/news/cbse-orders-schools-to-implement-third-language-orders-to-implement-within-7-days</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639113525566485244.jpg"> CBSE Introduce Three Language Policy: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत एक बड़ा निर्णय लिया है। अब कक्षा&amp;nbsp;6 के छात्रों के लिए तीसरी भाषा को अनिवार्य कर दिया गया है। बोर्ड द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार सभी संबद्ध स्कूलों को अगले&amp;nbsp;7 दिनों के भीतर इस निर्णय को लागू करना होगा।&amp;nbsp;स्कूल शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा पर आधारित इस पहल का उद्देश्य छात्रों में भाषाई कौशल, सांस्कृतिक समझ और राष्ट्रीय एकता को नए स्तर तक पहुंचाना है। बोर्ड ने साफ कहा है कि भले ही ऑफिशियल सिलेबस उपलब्ध न हो लेकिन, शिक्षण कार्य तुरंत शुरू करना होगा।&amp;nbsp;सीबीएसई ने लागू किए नियम&amp;nbsp;सीबीएसई की तरफ से कहा गया है कि वे तुरंत पढ़ाना शुरू कर दें भले पाठ्यपुस्तकें अभी जारी न हुई हों। सर्कुलर में सभी संबद्ध स्कूलों के लिए इसे शुरुआत से लागू करना अनिवार्य बताया गया है। आर3 कक्षाओं के लिए स्थानीय रूप से उपलब्ध अध्ययन सामाग्री के अस्थाई उपयोग की अनुमति दी गई है। स्कूलों को क्षेत्रीय कार्यालयों को सूचित करना होगा और भाषा के चयन को अपडेट करना होगा। कक्षा&amp;nbsp;6 में शुरू की गई भाषाएं ही कक्षा&amp;nbsp;9वीं और&amp;nbsp;10वीं में विकल्प के रूप में उपलब्ध होगी। सीबीएसई के अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे और लागू करने से जुड़ा डेटा इकट्ठा करेंगे।&amp;nbsp;क्या है तीन भाषा मॉडल&amp;nbsp;तीसरी भाषा पाठ्यक्रम में शामिल करना नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत अनिवार्य है। जिसके तहत कक्षा&amp;nbsp;6 से 10 तक के छात्रों को तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य होगा। इस मॉडल की सबसे जरूर शर्त यह है कि चुनी गई तीन भाषाओं में से कम से कम दो भारतीय मूल की हो। जबकी तीसरी भाषा के रूप में अंग्रेजी या किसी अन्य विदेशी भाषा का चयन करना होगा। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों में बहुभाषावाद, सांस्कृतिक समझ और भाषाई कौशल को विकसित करना है। जिसे चरणबद्ध तरीके से लागू कर&amp;nbsp;2031 की बोर्ड परीक्षा तक पूरी तरह प्रभावी करने की योजना है।&amp;nbsp;]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639113525566485244.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[‘पूरा देश तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है और TMC बंगाल को पीछे धकेलने में लगी हुई है’ ममता बनर्जी पर जमकर बरसे पीएम मोदी]]></title><link>https://www.khabarfast.com/news/west-bengal-asansol-pm-modi-lashes-out-at-mamata-banerjee</link><pubDate>Thu, 09 Apr 2026 15:37:42 +0530</pubDate><dc:creator>Parth Jha</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/news/west-bengal-asansol-pm-modi-lashes-out-at-mamata-banerjee</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639113458627774952.jpg"> PM Modi in West Bengal:&amp;nbsp;पश्चिम बंगाल के आसनसोल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते टीएमसी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, &quot;आप सभी का जोश बता रहा है कि पश्चिम बंगाल में परिवर्तन की ताजा हवा चल रही है। बंगाल में परिवर्तन पत्थर की लकीर बन चुका है। पूरा आसनसोल और बंगाल परिवर्तन चाहता है। बंगाल में&amp;nbsp;TMC के पाप का घड़ा भर चुका है। बंगाल में अगली सरकार डबल इंजन की सरकार बनेगी।&amp;nbsp;4 मई के बाद बंगाल विकास के एक नए युग में प्रवेश करेगा। बंगाल की प्रगति के लिए&amp;nbsp;TMC से मुक्ति जरूरी है। आज जब पूरा देश तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है तब&amp;nbsp;TMC बंगाल को पीछे धकेलने में लगी हुई है।&amp;nbsp;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, &quot;आप सभी का जोश बता रहा है कि पश्चिम बंगाल में परिवर्तन की ताजा हवा चल रही है। बंगाल में परिवर्तन पत्थर की लकीर बन चुका है। पूरा आसनसोल और बंगाल परिवर्तन चाहता है। बंगाल में&amp;nbsp;TMC के पाप का घड़ा भर चुका है। बंगाल में अगली सरकार डबल इंजन की सरकार बनेगी।&amp;nbsp;4 मई के बाद बंगाल विकास के एक नए युग में प्रवेश करेगा। बंगाल की प्रगति के लिए&amp;nbsp;TMC से मुक्ति जरूरी है। आज जब पूरा देश तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है तब&amp;nbsp;TMC बंगाल को पीछे धकेलने में लगी हुई है।बंगाल को&amp;nbsp;TMC&amp;nbsp;का कुशासन नहीं बल्कि भाजपा का सुशासन चाहिए- पीएम मोदी&amp;nbsp;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि&amp;nbsp;&quot;&amp;nbsp;यहां कांग्रेस और वामपंथी शासन ने सब तबाह कर दिया। आप सभी ने&amp;nbsp;TMC&amp;nbsp;पर विश्वास किया था कि&amp;nbsp;TMC कुछ करेगी लेकिन इन्होंने बंगाल के साथ निर्ममता की सारी हदे पार कर दी। बंगाल को&amp;nbsp;TMC का कुशासन नहीं बल्कि भाजपा का सुशासन चाहिए।4 मई के बाद निर्मम सरकार जाएगी और भाजपा सरकार आएगी- पीएम मोदी&amp;nbsp;जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार इस इलाके के विकास में लगी है। यहां औद्योगीकरण में मदद और स्टील प्लांट के विस्तार के लिए 45 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च किए गए हैं। आपका स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता है। 4 मई के बाद निर्मम सरकार जाएगी और भाजपा सरकार आएगी।]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639113458627774952.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[महिला आरक्षण बिल क्यों है जरूरी? पीएम मोदी ने समझाया पूरा विज़न]]></title><link>https://www.khabarfast.com/news/why-is-the-new-women-bill-necessary-pm-modi-has-outlined-comprehensive-vision</link><pubDate>Thu, 09 Apr 2026 09:43:40 +0530</pubDate><dc:creator>Parth Jha</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/news/why-is-the-new-women-bill-necessary-pm-modi-has-outlined-comprehensive-vision</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639113246203955273.jpg"> Women’s Reservation Bill:&amp;nbsp;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर एक लेख लिखा। इस लेख में पीएम मोदी ने बताया कि महिला आरक्षण बिल क्यों जरूरी है। उन्होंने लिखा कि &quot;यह पल मिलकर काम करने की मांग करता है। यह किसी एक सरकार, पार्टी या व्यक्ति के बारे में नहीं है। यह पूरे देश के बारे में है कि वह इस कदम के महत्व को पहचाने और इसे साकार करने के लिए एक साथ आए। यही वह चीज़ है जो हम अपनी&amp;nbsp;&apos;नारी शक्ति&apos; के प्रति ऋणी हैं। इसीलिए, महिला आरक्षण बिल का पास होना, ज़्यादा से ज़्यादा आम सहमति को दिखाना चाहिए और बड़े राष्ट्रीय हित से प्रेरित होना चाहिए। ऐसे मौके हमें खुद के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए काम करने का आह्वान करते हैं। वे हमें याद दिलाते हैं कि लोकतंत्र की असली ताकत, समय के साथ विकसित होने और ज़्यादा समावेशी बनने की उसकी क्षमता में निहित है। मैं सभी सांसदों से, चाहे वे किसी भी पार्टी के हों, अपील करता हूं कि वे भारत की महिलाओं के लिए उठाए गए इस महत्वपूर्ण कदम के समर्थन में एक साथ आएं।&quot;भारत की आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग आधी है- पीएम मोदी&amp;nbsp;PM नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल पर एक&amp;nbsp;Op-Ed लिखा कर कहा कि &quot;भारत की आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग आधी है। हमारे राष्ट्र के निर्माण में उनका योगदान विशाल और अमूल्य है। आज, भारत हर क्षेत्र में महिलाओं की शानदार उपलब्धियों का गवाह बन रहा है। फिर भी, राजनीति और विधायी निकायों की दुनिया में उनका प्रतिनिधित्व हमेशा समाज में उनकी भूमिका के अनुरूप नहीं रहा है। यह विशेष रूप से दुर्भाग्यपूर्ण है, क्योंकि जब महिलाएं प्रशासन और निर्णय लेने की प्रक्रिया में हिस्सा लेती हैं, तो वे अपने साथ ऐसे अनुभव और अंतर्दृष्टि लाती हैं जो सार्वजनिक विमर्श को समृद्ध करते हैं और शासन की गुणवत्ता में सुधार लाते हैं।&amp;nbsp;पीएम मोदी ने कहा कि&amp;nbsp;यह अत्यंत आवश्यक है कि&amp;nbsp;2029 के लोकसभा चुनाव और आने वाले समय में विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनाव, महिला आरक्षण लागू होने के साथ ही आयोजित किए जाएं। यह एक ऐसा क्षण है जिसे अब और टाला नहीं जा सकता। Also read: प्रधानमंत्री मोदी 14 अप्रैल को करेंगे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन, सहारनपुर में होंगे कार्यक्रमसमाज तभी आगे बढ़ता है जब महिलाएँ आगे बढ़ती हैं- पीएम मोदी&amp;nbsp;PM नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल पर लिखा कि आने वाले दिनों में, भारत त्योहारों के मौसम में डूब जाएगा, और पूरे देश में जगह-जगह उत्सव मनाए जाएंगे। इन खास मौकों के अलावा, जब हमारे दिलों और दिमागों में नई ऊर्जा भर जाती है, तो हमारा देश एक और ऐतिहासिक अवसर की दहलीज पर खड़ा है। यह हमारे लोकतंत्र की नींव को और मज़बूत करने और समानता और समावेश के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता को फिर से दोहराने का एक अवसर है। 16 अप्रैल को, संसद बुलाई जाएगी ताकि एक महत्वपूर्ण बिल पर चर्चा की जा सके और उसे पारित किया जा सके, जो महिलाओं के लिए आरक्षण को आगे बढ़ाता है। इसे महज़ एक कानूनी प्रक्रिया कहना इसकी अहमियत को कम करके आंकना होगा। यह पूरे भारत में करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। यह उस सिद्धांत की पुष्टि है जिसने लंबे समय से हमारी सभ्यतागत सोच का मार्गदर्शन किया है कि समाज तभी आगे बढ़ता है जब महिलाएँ आगे बढ़ती हैं।&amp;nbsp;]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639113246203955273.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[Assembly Election 2026: असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए  वोटिंग जारी, PM मोदी ने मतदाताओं से कही बड़ी बात]]></title><link>https://www.khabarfast.com/news/assembly-election-2026-live-voting-continues-for-assembly-elections-in-assam-kerala-and-puducherry-pm-modi-said-something-big-to-the-voters</link><pubDate>Thu, 09 Apr 2026 08:54:47 +0530</pubDate><dc:creator>Nancy</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/news/assembly-election-2026-live-voting-continues-for-assembly-elections-in-assam-kerala-and-puducherry-pm-modi-said-something-big-to-the-voters</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639113216878764454.jpg"> Assam-Kerala-Puducherry Assembly Election 2026: आज&amp;nbsp;9 अप्रैल&amp;nbsp;2026 को असम, केरल और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है। सुबह&amp;nbsp;7 बजे से वोटिंग शुरू हो चुकी है, जो शाम&amp;nbsp;6 बजे तक चलेगी। बता दें, इन तीनों राज्यों-केंद्रशासित प्रदेश में एक चरण में मतदान होगा। तो वहीं, मतदान का रिजल्ट&amp;nbsp;4 मई को घोषित किया जाएगा। चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है।PM&amp;nbsp;मोदी की खास अपील&amp;nbsp;मतदान शुरू होते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम, केरल और पुडुचेरी के मतदाताओं से रिकॉर्ड मतदान की अपील की। अलग-अलग संदेशों में&amp;nbsp;PM मोदी ने कहा कि बड़े पैमाने पर मतदान लोकतंत्र को मजबूत बनाएगा। उन्होंने खासतौर पर युवाओं और महिलाओं से कहा किया कि वे आगे आएं और अपने वोट से राज्य के भविष्य को आकार दें। उन्होंने जोर दिया कि हर वोट की अहमियत है और यह चुनाव लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का सुनहरा अवसर है। Also read: चुनाव आयोग जल्द शुरू कर सकता है वोटर लिस्ट संशोधन का तीसरा चरण, 22 राज्यों में तैयारीअसम का चुनावी माहौल&amp;nbsp;असम की&amp;nbsp;126 सीटों पर आज मतदान हो रहा है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली भाजपा-नीत एनडीए तीसरी बार सत्ता बनाने का लक्ष्य रखी है। मुख्य मुकाबला कांग्रेस-नीत विपक्षी गठबंधन से है। पिछले चुनाव में भाजपा गठबंधन ने बहुमत हासिल किया था। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की कतारें लगने लगी हैं।केरल में त्रिकोणीय मुकाबला&amp;nbsp;केरल की&amp;nbsp;140 सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला है। सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में हैं। कांग्रेस-नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) और भाजपा-नीत एनडीए के बीच कड़ा नुकाबला है।&amp;nbsp;पुडुचेरी का हालकेंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी की&amp;nbsp;30 सीटों पर एनडीए (एआईएनआरसी-भाजपा) और कांग्रेस गठबंधन के बीच मुख्य लड़ाई है। पूर्व मुख्यमंत्री एन. रंगासामी की अगुवाई वाली एनडीए पिछले&amp;nbsp;20 सीटों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने की उम्मीद कर रही है। मतदान पूरे&amp;nbsp;30 निर्वाचन क्षेत्रों में एक साथ हो रहा है।चुनाव आयोग की तैयारियांदूसरी तरफ, चुनाव आयोग ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर&amp;nbsp;EVM और वीवीपीएटी मशीनें पहले से पहुंच चुकी हैं। महिलाओं, दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की भारी तैनाती है। मौसम विभाग के अनुसार तीनों जगहों पर मौसम साफ रहने की उम्मीद है, जिससे मतदान प्रतिशत बढ़ सकता है।]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639113216878764454.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[Aaj Ka Mausam: दिल्ली में नहीं बरसेंगे बादल! पहाड़ों पर बर्फबारी का अलर्ट, हरियाणा समेत इन 15 राज्यों में बदलेगा मौसम]]></title><link>https://www.khabarfast.com/news/todays-weather-clouds-will-not-rain-in-delhi</link><pubDate>Thu, 09 Apr 2026 08:01:39 +0530</pubDate><dc:creator>Nancy</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/news/todays-weather-clouds-will-not-rain-in-delhi</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639113184991057595.jpg"> IMD Weather Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली-NCR में अगले पांच दिन यानी&amp;nbsp;9 से&amp;nbsp;13 अप्रैल तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। वहीं, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचे इलाकों में&amp;nbsp;9-11 अप्रैल तक हल्की से मध्यम बर्फबारी और बारिश जारी रह सकती है। दरअसल, पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होने के बाद मैदानी इलाकों में सूखा मौसम छा जाएगा, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में&amp;nbsp;11 अप्रैल के बाद भी कुछ जगहों पर हल्की गतिविधि संभव है।IMD ने बताया गया है कि&amp;nbsp;8 अप्रैल को उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी हुई, लेकिन अब इसका प्रभाव कम हो रहा है। नया विक्षोभ&amp;nbsp;11 अप्रैल से पश्चिमी हिमालय को प्रभावित कर सकता है, लेकिन मैदानी इलाकों में इसका खास असर नहीं दिखेगा।दिल्ली-NCR&amp;nbsp;का हाल:IMD के अनुसार, 9 अप्रैल को अधिकतम तापमान&amp;nbsp;30-32 डिग्री और न्यूनतम&amp;nbsp;15-17 डिग्री रहने की संभावना है।&amp;nbsp;10 से&amp;nbsp;14 अप्रैल तक तापमान&amp;nbsp;32 से 38 डिग्री तक पहुंच सकता है। इस दौरान आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। हवा की रफ्तार&amp;nbsp;10-25 किमी/घंटा रहेगी।&amp;nbsp;8 अप्रैल को हुई हल्की बारिश और गरज-चमक के बाद अब मौसम सूखा और गर्म होता जा रहा है।&amp;nbsp; Also read: यमुना स्वच्छता के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा संकल्प, &apos;ग्रीन बजट&apos; का बड़ा हिस्सा यमुना सफाई के लिए आवंटितपहाड़ी इलाकों में मौसम का हाल&amp;nbsp;हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों जैसे कुल्लू, लाहौल-स्पीति, किन्नौर और जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग, गुलमर्ग, पहलगाम, जोजिला, द्रास में&amp;nbsp;8-11 अप्रैल तक हल्की से मध्यम बर्फबारी संभव है।&amp;nbsp;9 अप्रैल को भी कुछ जगहों पर हल्की बारिश/बर्फबारी जारी रहेगी। ऐसे में यात्रियों को सड़कों पर फिसलन और कम दृश्यता का खतरा है।&amp;nbsp;IMD ने यात्रा अलर्ट जारी किया है।देश के अन्य राज्यों का मौसम&amp;nbsp;उत्तर भारत के इन&amp;nbsp;15 प्रमुख राज्यों/क्षेत्रों (दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, गुजरात, छत्तीसगढ़) में मैदानी इलाकों में बारिश की कोई बड़ी संभावना नहीं है। बाकी मैदानी इलाकों में गर्मी बढ़ रही है। हालांकि, उत्तराखंड में&amp;nbsp;9 अप्रैल को हल्की बारिश/बर्फबारी संभव है, लेकिन उसके बाद सूखा रहेगा।]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639113184991057595.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[क्या फिर जाएगी अमेजन में कर्मचारियों की नौकरी? कंपनी ने जारी किया बयान]]></title><link>https://www.khabarfast.com/news/amazon-employees-lose-their-jobs-again</link><pubDate>Wed, 08 Apr 2026 17:05:50 +0530</pubDate><dc:creator>Shivani Jha</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/news/amazon-employees-lose-their-jobs-again</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639112647504240601.jpg"> Amazon Lay Off: टेक कंपनी अमेजन ने मई 2026 में बड़ी छंटनी की खबरों को खारिज कर दिया है। कंपनी ने साफ कहा है कि 14,000 कर्मचारियों की छंटनी से जुड़ी खबरें “गलत और बेबुनियाद” हैं। दरअसल, हाल ही में कुछ ऑनलाइन फॉर्म और टेक वेबसाइट्स पर खबरें सामने आई थीं कि अमेज़न एक और बड़े स्तर पर छंटनी करने की तैयारी कर रही है। इन रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि यह एक साल के अंदर तीसरी बड़ी छंटनी होगी और करीब 14,000 नौकरियां खत्म की जा सकती हैं।इन लोगों पर होगा छंटनी का असरये दावे खास तौर पर वर्कप्लेस चर्चा प्लेटफॉर्म ब्लाइंड और चीनी टेक पोर्टल ले फेंग नेटवर्क पर सामने आए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस छंटनी का असर अमेजन वेब सर्विसेज, रिटेल और ह्यूमन रिसोर्स जैसे विभागों पर पड़ सकता था। इसके अलावा कहा गया था कि मिड-लेवल मैनेजर और L5 से L7 स्तर के कर्मचारियों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया जा सकता है, जबकि वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स स्टाफ पर इसका असर कम होगा।अमेजन ने दावों को नकाराहालांकि, अमेजन ने इन सभी दावों को नकारते हुए कहा है कि इस तरह की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फैल रही ये जानकारी पूरी तरह गलत है। ये बयान ऐसे समय में आया है, जब टेक इंडस्ट्री में ऑटोमेशन और लागत कम करने को लेकर चर्चा तेज है। कंपनियां अपने ऑपरेशन को ज्यादा कुशल बनाने के लिए बदलाव कर रही हैं।पहले भी हो चुकी दो बड़ी छंटनीबता दें कि अमेजन पहले ही पिछले एक साल में दो बड़ी छंटनी कर चुका है। अक्टूबर 2025 में कंपनी ने करीब 14,000 कर्मचारियों को हटाया था, जबकि जनवरी 2026 में 16,000 और नौकरियां खत्म की गई थीं। ये फैसले कंपनी के सीईओ एंडी जेसी के नेतृत्व में लिए गए थे। अमेज़न लगातार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों में निवेश बढ़ा रहा है। कंपनी का मानना है कि AI के बढ़ते इस्तेमाल से कुछ नौकरियों की जरूरत कम हो सकती है। फिलहाल, कंपनी ने नई छंटनी की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिससे कर्मचारियों को कुछ राहत जरूर मिली है। Also read: प्रधानमंत्री मोदी 14 अप्रैल को करेंगे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन, सहारनपुर में होंगे कार्यक्रम]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639112647504240601.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[यमुना स्वच्छता के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा संकल्प, &apos;ग्रीन बजट&apos;  का बड़ा हिस्सा यमुना सफाई के लिए आवंटित]]></title><link>https://www.khabarfast.com/news/delhi-government-major-pledge-for-yamuna-cleanliness</link><pubDate>Wed, 08 Apr 2026 17:01:22 +0530</pubDate><dc:creator>Parth Jha</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/news/delhi-government-major-pledge-for-yamuna-cleanliness</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639112644822707230.jpg"> Delhi News:&amp;nbsp;दिल्ली की उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार आईएसबीटी, कश्मीरी गेट के सामने स्थित वासुदेव घाट तथा हनुमान मंदिर के सामने स्थित यमुना बाजार घाट का निरीक्षण किया। इस दौरान घाटों की स्वच्छता व्यवस्था, आधारभूत ढांचे के विकास तथा यमुना पुनर्जीवन से जुड़े चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य यमुना रिवरफ्रंट विकास की प्रगति की समीक्षा करना और आगामी मानसून व ग्रीष्मकालीन चुनौतियों के लिए विभागों की तैयारियों का जायजा लेना था।दोनों स्थलों का निरीक्षण करने के बाद उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने वासुदेव घाट, जिसे दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) द्वारा विकसित किया गया है और यमुना बाजार घाट के बीच के स्पष्ट अंतर को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि वासुदेव घाट, असिता, बनसेरा और यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क जैसे विकसित घाट अब पर्यावरण-अनुकूल, सतत और हरित सार्वजनिक स्थलों के रूप में उभर चुके हैं। वहीं, कई अन्य घाटों को भी डीडीए द्वारा अन्य विभागों/एजेंसियों के सहयोग से इसी प्रकार विकसित किए जाने की आवश्यकता है।निरीक्षण के दौरान माननीय उपराज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने यमुना के किनारे विकसित किए जा रहे घाटों, हरित क्षेत्रों, वॉकिंग ट्रेल्स, जैव-विविधता क्षेत्रों तथा सफाई कार्यों में लगी आधुनिक मशीनरी का अवलोकन किया। उन्होंने नदी तटों पर किए जा रहे ग्रीनवे विकास, कच्चे वॉकिंग एवं साइक्लिंग ट्रैक, नदी किनारे पौधारोपण, वेटलैंड्स के पुनर्स्थापन और प्राकृतिक जलधाराओं के संरक्षण जैसे कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। Also read: महाठग सुकेश चंद्रशेखर को राउज एवेन्यू कोर्ट से मिली जमानत, अभी जेल से नहीं आ पाएगा बाहरइस अवसर पर अधिकारियों द्वारा यमुना फ्लडप्लेन पुनर्स्थापन परियोजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति भी दी गई, जिसमें वजीराबाद से ओखला तक फैले क्षेत्र में विभिन्न चरणों में किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी साझा की गई। साथ ही यमुना नदी के किनारों को पारिस्थितिक रूप से पुनर्जीवित करने, जैव-विविधता को बढ़ावा देने, प्रदूषण को कम करने जैसे कार्यों की जानकारी भी साझा की गई।जन-संवाद से निकला समाधान का मार्गमाननीय उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने बताया कि यह निरीक्षण पिछले एक महीने के दौरान नागरिकों के साथ हुए&amp;nbsp;&apos;औचक संवाद&apos; का परिणाम है। दिल्लीवासियों ने यमुना प्रदूषण, वायु प्रदूषण, मानसून में बाढ़ और गर्मियों में जल संकट जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। उपराज्यपाल ने कहा कि हमारा शासन जन-केंद्रित है। नागरिकों के फीडबैक के आधार पर ही हम पल्ला से कालिंदी कुंज तक के संपूर्ण बाढ़ क्षेत्र के समयबद्ध पुनर्जीवन की दिशा में बढ़ रहे हैं।निरीक्षण के बाद माननीय उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड, डीपीसीसी और एमसीडी सहित सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी विभागों को एक विस्तृत प्रस्तुति तैयार करने को कहा गया है, जिसमें स्पष्ट लक्ष्य और उनके कार्यान्वयन की समय-सीमा तय होगी। माननीय उपराज्यपाल द्वारा यमुना और वायु प्रदूषण के समाधान को&amp;nbsp;‘समझौता न करने वाली प्राथमिकता’ बताते हुए इसे मिशन मोड में चलाने का आदेश दिया गया।&amp;nbsp;वैश्विक विशेषज्ञता और केंद्र का सहयोगउपराज्यपाल महोदय ने उल्लेख किया कि यमुना पुनर्जीवन अब माननीय प्रधानमंत्री और माननीय गृहमंत्री जी की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार अब इन परियोजनाओं में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ सक्रिय सहयोग करेगी ताकि वैश्विक स्तर के नवाचारों और सफल मॉडलों को दिल्ली में लागू किया जा सके।यमुना स्वच्छता: दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताइस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार पहले दिन से ही मां यमुना की स्वच्छता और पुनर्जीवन के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का संकल्प एक स्वच्छ, सुंदर और हरित दिल्ली का निर्माण करना है, जिसमें यमुना नदी की पुनर्स्थापना एक प्रमुख प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026-27 के बजट का उल्लेख करते हुए बताया कि दिल्ली सरकार का 22,236 करोड़ का रुपये&amp;nbsp;‘ग्रीन बजट’ कुल बजट का लगभग 21.44 प्रतिशत है, जो प्रत्यक्ष रूप से पर्यावरणीय योजनाओं, विशेषकर यमुना सफाई से संबंधित पहलों के लिए निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि मां यमुना की स्वच्छता केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि सरकार का दृढ़ संकल्प है। इसी उद्देश्य से दिल्ली जल बोर्ड को ग्रीन बजट का सबसे बड़ा हिस्सा आवंटित किया गया है, ताकि सीवेज ट्रीटमेंट और डी-सिल्टिंग से संबंधित कार्यों में किसी प्रकार की वित्तीय बाधा उत्पन्न न हो।मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नदी की वॉटर होल्डिंग क्षमता बढ़ाने के लिए बाढ़ क्षेत्र से अतिक्रमण को तत्काल हटाया जाए। इसके साथ ही, तीन-स्तरीय एजेंडा के अंतर्गत डी-सिल्टिंग, जल प्रवाह को सुचारु बनाना तथा जलभराव वाले हॉटस्पॉट्स का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक वर्ष अस्थायी घाटों पर व्यय करने के स्थान पर यमुना तटों को स्थायी एवं भव्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों के रूप में विकसित किए जाने पर भी विशेष बल दिया गया।मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यमुना का पुनर्जीवन एक दीर्घकालिक एवं सतत प्रक्रिया है, जिसके लिए निरंतर प्रयास, जनसहभागिता तथा प्रभावी प्रबंधन आवश्यक है, ताकि भविष्य में जलभराव जैसी समस्याओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके और राजधानी को एक स्वच्छ, सुदृढ़ एवं जीवंत नदी तंत्र प्रदान किया जा सके।बुनियादी ढांचे और पारिस्थितिकी पर जोरनिरीक्षण के दौरान माननीय एलजी और मुख्यमंत्री ने वजीराबाद से ओखला तक चल रहे फ्लडप्लेन रेस्टोरेशन के कार्यों का अवलोकन किया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि यमुना तटों पर ग्रीनवे विकास, वेटलैंड्स संरक्षण और जैव-विविधता पार्कों के निर्माण में तेजी लाई जाए, नदी के किनारे कच्चे वॉकिंग और साइक्लिंग ट्रैक्स को इस तरह विकसित किया जाए कि नदी का प्राकृतिक स्वरूप सुरक्षित रहे, साथ ही घाटों को अलग-अलग टुकड़ों के बजाय एक&amp;nbsp;&apos;कंटीन्यूअस स्ट्रेच&apos; के रूप में जोड़कर विकसित किया जाए।सख्त मॉनिटरिंग और समयबद्धतानिरीक्षण के अंत में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीवेज नियंत्रण और अवैध कचरा निस्तारण पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने संयुक्त रूप से कहा कि यमुना के किनारे विकसित हो रहे इन क्षेत्रों को पर्यावरण-अनुकूल और सस्टेनेबल बनाया जाए ताकि ये स्थान न केवल प्रकृति को समृद्ध करें, बल्कि जनता के लिए आकर्षण का केंद्र भी बनें।]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639112644822707230.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[प्रधानमंत्री मोदी 14 अप्रैल को करेंगे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन, सहारनपुर में होंगे कार्यक्रम]]></title><link>https://www.khabarfast.com/news/prime-minister-modi-will-inaugurate-delhi-dehradun-expressway-on-april-14-programs-will-be-held-in-saharanpur</link><pubDate>Wed, 08 Apr 2026 15:13:17 +0530</pubDate><dc:creator>Shivani Jha</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/news/prime-minister-modi-will-inaugurate-delhi-dehradun-expressway-on-april-14-programs-will-be-held-in-saharanpur</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639112579971049989.jpg"> Delhi Dehradun Expressway: लंबे समय के इंतजार के बाद दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन अब जल्द ही होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल 2026 को सहारनपुर दौरे के दौरान इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। उनके दौरे के दौरान एक सार्वजनिक सभा का आयोजन भी होगा और इसके बाद वे उत्तराखंड के प्राचीन माँ दात काली मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। उद्घाटन समारोह सहारनपुर के गणेशपुर में होगा, जबकि सार्वजनिक सभा महिंद्रा ग्राउंड में आयोजित की जाएगी। आयोजन की तैयारियां तेजी से जारी हैं और कई एजेंसियां समन्वित रूप से काम कर रही हैं।ये मंत्री भी हो सकते हैं उद्घाटन में शामिल&amp;nbsp;प्रधानमंत्री की यात्रा के लिए एक्सप्रेसवे के आसपास छह हेलिपैड बनाने की योजना है, जिनकी जांच-परख भी चल रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और सहारनपुर जिला प्रशासन के अधिकारी तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। संभावना है कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी उद्घाटन समारोह में शामिल हो सकते हैं।यात्रा में समय की होगी बचत&amp;nbsp;ये एक्सप्रेसवे परियोजना 2021 में शुरू हुई थी और इसका उद्देश्य दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय को काफी कम करना था। शुरुआत में इसे 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन निर्माण में देरी के कारण यह 2026 में पूरी हुई। लगभग चार साल और छह महीने में यह परियोजना 12,000-13,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से पूरी हुई है।आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार हुआ एक्सप्रेसवेयह छह लेन का हाईवे आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है, जिसमें यात्रा की गति और सुरक्षा दोनों को ध्यान में रखा गया है। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री का माँ दात काली मंदिर का पहला दौरा होगा, जिससे मंदिर का पर्यटन महत्व बढ़ेगा। मंदिर के पास एक फ्लाईओवर भी बनाया गया है ताकि श्रद्धालुओं को पूजा के लिए सुविधाजनक पहुंच मिल सके और मंदिर का माहौल सुरक्षित रहे।एशिया का सबसे बड़ा एलिवेटेड ग्रीन कॉरिडोरइस एक्सप्रेसवे की खासियतों में 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ग्रीन कॉरिडोर है, जो गणेशपुर से दात काली मंदिर तक जाता है। यह राजाजी टाइगर रिजर्व और बिंदाल नदी से गुजरता है और एशिया का सबसे बड़ा एलिवेटेड ग्रीन कॉरिडोर माना जा रहा है। यहां जंगली जानवर जैसे हाथी, बाघ, हिरण और बारासिंगा सुरक्षित रूप से अपने प्राकृतिक आवास में घूम सकते हैं। एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद दिल्ली और देहरादून के बीच बिना रुकावट यात्रा संभव होगी। कार के लिए गति सीमा 100 किमी/घंटा, भारी वाहनों के लिए 80 किमी/घंटा और दोपहिया वाहनों के लिए 60 किमी/घंटा तय की गई है। ओवरस्पीडिंग पर ऑटोमेटेड सिस्टम से जुर्माना लगाने की भी व्यवस्था की गई है। Also read: RBI का बड़ा फैसला: रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, ब्याज दरों में नहीं हुआ बदलाव]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639112579971049989.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[आम आदमी का हवाई सपना होगा साकार, &apos;UDAN&apos; योजना के नए वर्जन को सरकार ने दिखाई हरी झंडी]]></title><link>https://www.khabarfast.com/news/common-mans-air-dream-will-come-true-government-gives-green-signal-to-new-version-of-udan-scheme</link><pubDate>Wed, 08 Apr 2026 15:02:20 +0530</pubDate><dc:creator>Nancy</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/news/common-mans-air-dream-will-come-true-government-gives-green-signal-to-new-version-of-udan-scheme</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639112573405551713.jpg"> Modified UDAN Scheme:&amp;nbsp;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने क्षेत्रीय हवाई संपर्क को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाली महत्वाकांक्षी&amp;nbsp;‘Modified UDAN’&amp;nbsp;योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना पर कुल ₹28,840 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है,&amp;nbsp;जो अगले 10 सालों तक चलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि अब आम नागरिक,&amp;nbsp;छोटे-मोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों के लोग भी आसानी से हवाई यात्रा कर सकें।&amp;nbsp;केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि&amp;nbsp;Modified UDAN&amp;nbsp;योजना भारत की हवाई अवसंरचना को पूरी तरह बदलने वाली साबित होगी। योजना के तहत 100 नए एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे। ये एयरपोर्ट मुख्य रूप से मौजूदा अनसर्व्ड एयरस्ट्रिप्स को अपग्रेड करके बनाए जाएंगे। साथ ही 200 आधुनिक हेलिपैड भी बनाए जाएंगे, खासकर हिमालयी क्षेत्र,&amp;nbsp;पूर्वोत्तर राज्यों, द्वीप समूहों और आकांक्षी जिलों में। &amp;nbsp; Also read: RBI का बड़ा फैसला: रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, ब्याज दरों में नहीं हुआ बदलावयोजना की मुख्य विशेषताएं1. 100 नए एयरपोर्ट: चैलेंज मोड में विकसित किए जाएंगे। औसतन ₹100 करोड़ प्रति एयरपोर्ट की लागत आएगी।2. ₹12,159 करोड़ का बजटीय समर्थन एयरपोर्ट विकास के लिए।3.&amp;nbsp;Made-in-India&amp;nbsp;विमानों को प्राथमिकता,&amp;nbsp;जिससे स्वदेशी विमानन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।4. टियर-2 और टियर-3 शहरों के बीच सस्ती और नियमित उड़ानों को बढ़ावा।5. छोटे विमानों और हेलीकॉप्टर सेवाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता।बता दें,&amp;nbsp;यह योजना पहले की&amp;nbsp;UDAN स्कीम का विस्तारित और संशोधित रूप है। अब लक्ष्य सिर्फ उड़ानें शुरू करना नहीं,&amp;nbsp;बल्कि स्थायी और लाभदायक हवाई संपर्क सुनिश्चित करना है। सरकार का मानना है कि इससे&amp;nbsp;‘घोस्ट एयरपोर्ट्स’&amp;nbsp;की समस्या भी खत्म होगी और देश के कोने-कोने में हवाई सेवा पहुंचेगी।&amp;nbsp;आम आदमी के लिए कितना बड़ा फायदा?&amp;nbsp;Modified UDAN&amp;nbsp;योजना का सबसे बड़ा मकसद हवाई यात्रा को आम नागरिक की पहुंच में लाना है। अब छोटे शहरों,&amp;nbsp;पहाड़ी इलाकों और दूर-दराज के क्षेत्रों के लोग भी बिना ज्यादा खर्च किए हवाई जहाज पकड़ सकेंगे। पर्यटन,&amp;nbsp;व्यापार,&amp;nbsp;स्वास्थ्य सेवा और आपातकालीन मदद तक पहुंच आसान हो जाएगी।]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639112573405551713.jpg" width="75" height="50"/></item><item><title><![CDATA[RBI का बड़ा फैसला: रेपो रेट 5.25% पर बरकरार, ब्याज दरों में नहीं हुआ बदलाव]]></title><link>https://www.khabarfast.com/news/rbi-major-decision-repo-rate-maintained-no-change-in-interest-rates</link><pubDate>Wed, 08 Apr 2026 10:50:47 +0530</pubDate><dc:creator>Parth Jha</dc:creator><guid isPermaLink="true">https://www.khabarfast.com/news/rbi-major-decision-repo-rate-maintained-no-change-in-interest-rates</guid><description><![CDATA[<img src="https://www.khabarfast.com/upload/news/639112422473098852.jpg"> RBI:&amp;nbsp;तीन दिनों तक चली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद&amp;nbsp;रिजर्व बैंक&amp;nbsp;इंडिया ने रेपो रेट नहीं घटाने का फैसला किया है।&amp;nbsp;RBI&amp;nbsp;गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने कहा कि मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने पॉलिसी रेपो रेट को 5.25% पर बिना किसी बदलाव के रखने और न्यूट्रल रुख बनाए रखने का फैसला किया है।RBI&amp;nbsp;गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने कहा, &quot;पिछले साल की असली&amp;nbsp;GDP ग्रोथ 7.6% रहने का अनुमान है। यह सपोर्टिव पॉलिसी उपायों,&amp;nbsp;चल रहे स्ट्रक्चरल सुधारों और अनुकूल फाइनेंशियल हालात के बीच मज़बूत कंजम्प्शन और इन्वेस्टमेंट से सपोर्टेड इकोनॉमिक एक्टिविटी में अंदरूनी मज़बूत मोमेंटम को दिखाता है। आगे चलकर,&amp;nbsp;एनर्जी और दूसरी कमोडिटी की बढ़ी हुई कीमतें और होर्मुज स्ट्रेट में रुकावटों के कारण इनपुट की उपलब्धता में झटके,&amp;nbsp;इस साल ग्रोथ पर असर डाल सकते हैं। सरकार सप्लाई चेन में रुकावटों के असर को कम करने के लिए ज़रूरी सेक्टर्स में इनपुट की सप्लाई पक्का करने में एक्टिव रही है। दूसरी ओर,&amp;nbsp;सर्विस सेक्टर में लगातार मोमेंटम,&amp;nbsp;पिछले साल किए गए&amp;nbsp;GST&amp;nbsp;रैशनलाइज़ेशन का लगातार असर और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स और कॉर्पोरेट्स की हेल्दी बैलेंस शीट इकोनॉमिक एक्टिविटी को सपोर्ट करती रहेंगी।MPC&amp;nbsp;ने न्यूट्रल रुख बनाए रखने का भी फैसला किया-&amp;nbsp;गवर्नर&amp;nbsp;RBI&amp;nbsp;गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने कहा, &quot;मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी की 6,&amp;nbsp;7 तारीख और आज सुबह थोड़ी देर के लिए बैठक हुई,&amp;nbsp;जिसमें पॉलिसी रेपो रेट पर विचार-विमर्श और फैसला किया गया। बदलते मैक्रोइकोनॉमिक और फाइनेंशियल डेवलपमेंट और आउटलुक के डिटेल्ड असेसमेंट के बाद, MPC&amp;nbsp;ने लिक्विडिटी फैसिलिटी के तहत पॉलिसी रेपो रेट को 5.25% पर बिना किसी बदलाव के रखने के लिए एकमत से वोट किया। नतीजतन, STF&amp;nbsp;रेट 5% और&amp;nbsp;MSF&amp;nbsp;रेट और बैंक रेट 5.5% पर बने रहेंगे।&amp;nbsp;MPC&amp;nbsp;ने न्यूट्रल रुख बनाए रखने का भी फैसला किया।&quot;]]></description><media:thumbnail url="https://www.khabarfast.com/upload/news/639112422473098852.jpg" width="75" height="50"/></item></channel></rss>