India Pakistan War: भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव में भारत की सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सैन्य और आर्थिक रूप से गहरी चोट पहुंचाई है। 7 मई को शुरू हुए इस ऑपरेशन को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था। जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। भारतीय सेना ने इस कार्रवाई में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया जिसमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों के मुख्यालय शामिल थे।
सैन्य और आर्थिक नुकसान
ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने तमाम मिसाइलों, लंबी दूरी के ड्रोन्स और स्टैंड-ऑफ हथियारों का उपयोग कर मुरिदके, बहावलपुर और लेहपा घाटी जैसे क्षेत्रों में आतंकी ढांचे को बुरी तरह से नष्ट किया। भारतीय सेना के कोर ने PoK की लेहपा घाटी में सैन्य चौकियों, गोला-बारूद डिपो और ईंधन भंडार को पूरी तरह तबाह कर दिया। अनुमान के अनुसार, पाकिस्तान को इन ठिकानों को पुनर्निर्माण करने में काफी समय लगेंगे।
खबरों के अनुसार पाकिस्तानी वायुसेना को इस ऑपरेशन में करीब 3.3 अरब अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ। इसमें आठ F-16 लड़ाकू विमानों सहित स्कर्दू, जैकोबाबाद, सरगोधा और भोलारी जैसे 11 हवाई अड्डों को भारी क्षति पहुंची। इसके अलावा, पाकिस्तान के रडार सिस्टम और चीनी मूल के हथियारों, जैसे HQ-9 वायु रक्षा प्रणाली और PL-15 मिसाइलों, की विफलता ने पाकिस्तानी सेना की कमजोरियों को उजागर किया।
भारत की रणनीतिक जीत
ऑपरेशन सिंदूर को भारत की सैन्य रणनीति में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जिनमें IC-814 और पुलवामा हमलों से जुड़े शीर्ष आतंकी शामिल थे। गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा- "हमारी वायुसेना ने सटीक हमले किए और पाकिस्तान के उन ठिकानों को नष्ट किया, जिन्हें वे न घुसने योग्य मानते थे।" उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भी ऑपरेशन की सफलता की सराहना करते हुए इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति का प्रतीक बताया।
पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई और असफलता
पाकिस्तान ने 9-10 मई को जवाबी हमले किए, जिसमें अमृतसर के स्वर्ण मंदिर को निशाना बनाने की कोशिश की गई। लेकिन, भारतीय वायु रक्षा प्रणाली, जैसे S-400 और आकाशतीर, ने पाकिस्तानी ड्रोन्स और मिसाइलों को नाकाम कर दिया। सेना ने पंजाब में मार गिराए गए ड्रोन्स का मलबा भी दिखाया गया था। ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल पाकिस्तान की सैन्य कमजोरियों को उजागर किया, बल्कि चीन के हथियारों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए। रक्षा जानकारों का मानना है कि इस कार्रवाई ने भारत को वैश्विक हथियार बाजार में एक मजबूत स्थिति प्रदान की है।