Haryana News: मोरनी हिल्स क्षेत्र में वन भूमि के सर्वे और सीमांकन कार्य में हो रही देरी को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को सख्त निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने राज्य सरकार को 60 सेवानिवृत्त पटवारी और 4 कानूनगो तत्काल उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं, ताकि लंबित सर्वे कार्य में तेजी लाई जा सके।
अदालत ने स्पष्ट किया कि वन क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य को कर्मचारियों की कमी के कारण अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रखा जा सकता। मामले की सुनवाई के दौरान वन बंदोबस्त अधिकारी (फॉरेस्ट सेटलमेंट ऑफिसर) एम.पी. शर्मा द्वारा दायर शपथ पत्र अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
याचिकाकर्ता पक्ष के वकीलों ने अदालत को बताया कि मोरनी हिल्स क्षेत्र में सर्वे और सेटलमेंट कार्य की शुरुआत तो हो चुकी है, लेकिन राजस्व विभाग में पर्याप्त कर्मचारियों की कमी के कारण काम की गति बेहद धीमी है।
सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से अदालत को 12 मई 2026 को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के मिनट्स भी प्रस्तुत किए गए। बैठक में निर्णय लिया गया था कि वन बंदोबस्त अधिकारी की सहायता के लिए सरकार के निर्देशों के अनुसार 60 सेवानिवृत्त पटवारी और 4 कानूनगो उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि सर्वेक्षण कार्य को गति दी जा सके।
खंडपीठ ने इस निर्णय को रिकॉर्ड पर लेते हुए कहा कि अब इस प्रस्ताव को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा जा सकता। अदालत ने निर्देश दिया कि सभी 60 सेवानिवृत्त पटवारी और चार कानूनगो एक सप्ताह के भीतर वन बंदोबस्त अधिकारी को उपलब्ध कराए जाएं, ताकि मोरनी हिल्स में चल रहा सर्वे और सीमांकन कार्य शीघ्रता से आगे बढ़ सके।
मामले की अगली सुनवाई 24 जुलाई को निर्धारित की गई है, जिसमें सरकार की ओर से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की जाएगी।