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Delhi Election: केजरीवाल को हराकर जायंट किलर बने परवेश वर्मा, कैसी रही उनकी राजनीतिक यात्रा?

Delhi Election: केजरीवाल को हराकर जायंट किलर बने परवेश वर्मा, कैसी रही उनकी राजनीतिक यात्रा?

Parvesh Verma Political Story: दिल्ली में भाजपा की 27 साल बाद सत्ता में वापसी हो गई है। आम आदमी पार्टी के कई बड़े दिग्गज नेताओं को हार का सामना करना पड़ा है। लेकिन इस चुनाव में सबसे बड़े जायंट किलर परवेश वर्मा बने। भाजपा प्रत्याशी परवेश वर्मा ने नई दिल्ली से अरविंद केजरीवाल को करीब 3 हजार वोटों से शिकस्त दी। इसी के साथ दिल्ली के नए मुख्यमंत्री की दौर में भी परवेश वर्मा शामिल हो गए हैं। हालांकि, परवेश वर्मा का राजनीतिक सफर काफी रोचक रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे होने के बावजूद भी उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। तो चलिए जानते हैं परवेश वर्मा के जीवन से जुड़े कुछ रोचक बातों को...

पूर्व सीएम के बेटे है परवेश

दिल्ली के पूर्व सीएम साहिब सिंह वर्मा भाजपा के कद्दावर नेताओं में शुमार थे। परवेश वर्मा का जन्म 7 नवंबर 1977 को हुआ था। जब तक साहिब सिंह जीवित रहें, तब तक परवेश वर्मा सक्रिय राजनीति में नहीं आ पाए। उन्होंने लंबे समय तक संगठन के लिए काम किया। परवेश वर्मा की दो बहनें भी हैं।

कितने पढ़े-लिखे हैं परवेश

IRSअधिकारि रहे अरविंद केजरीवाल को मात देने वाले परवेश वर्मा राजनीति से लेकर पढ़ाई तक में टॉप रहे। उन्होंने आर.के. पुरम में स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल से पढ़ाई की। इसके बाद वो दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज से बैचलर डिग्री हासिल की। उच्च शिक्षा के लिए स्कूल ऑफ मैनेजमेंट, कुतुब इंस्टीस्यूशनल एरिया, नई दिल्ली से इंटरनेशल बिजनेस सब्जेक्ट में MBA किया।

कैसा रहा राजनीतिक सफर

लंबे समय तक संगठन में काम करने वाले परवेश वर्मा को भाजपा ने पहली बार साल 2013 में महरौली विधानसभा सीट से टिकट दिया। उन्होंने काफी कठिन चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ट नेता योगानंद शास्त्री को हराया। इसके बाद उन्हें साल 2014 में ही लोकसभा का टिकट दे दिया गया। पश्चिमी दिल्ली सीट से लोकसभा चुनाव जीतकर वो संसद चले गए। 2019 लोकसभा चुनाव में परवेश वर्मा ने कांग्रेस के महाबल मिश्रा को 5,78,486 वोटों से हरा कर एक रिकॉर्ड स्थापित किया। इसके बाद परवेश वर्मा का राजनीतिक कद लगातार बढ़ताचला गया। 2024 लोकसभा में जब उन्हें टिकट नहीं दिया गया तो आलोचकों ने खूब मजे लिए। लेकिन दिल्ली विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ परवेश वर्मा को टिकट दे दिया।

कितनी है संपत्ति?

दिल्ली विधानसभा चुनाव में दिए हलफनामे के अनुसार, परवेश वर्मा की संपत्ति 95 करोड़ रुपए है। उनकी चल संपत्ति 77 करोड़ 89 लाख रुपए है। वहीं उनकी पत्नी की चल संपत्ति 17 करोड़ 53 लाख है। बात करें अचल संपत्ति की तो परवेश वर्मा के पास 11 करोड़ 25 लाख रुपये और उनकी पत्नी के पास 6 करोड़ 91 लाख रुपये अचल संपत्ति है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि उनके ऊपर 62 करोड़ 60 लाख रुपये का कर्ज है, जिसमें भाई सिद्धार्थ साहिब सिंह से लिए गए 22 करोड़ 59 लाख रुपये पर्सनल लोन भी शामिल है। वहीं उनकी पत्नी पर 11 करोड़ 45 लाख रुपये का लोन व बकाया है।

बयानों के कारण रहे चर्चा में

गौरतलब है कि परवेश वर्मा अपने बयानों के कारण भी खूब चर्चा भी रहे। 2019 में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के दौरान उन्होंने आंदोलनकारियों के खिलाफ तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने एक समुदाय विशेष से जुड़े व्यापारियों का बहिष्कार करने को कहा था। परवेश वर्मा के इस बयान पर खूब विवाद हुआ था। साल 2023 में छठ से पहले भी परवेश वर्मा की वीडियो खूब वायरल हुई थी, जिसमें वो सरकारी अधिकारी से बहस कर रहे थे।

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