Peshawar Consulate Closure: ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता की मध्यस्थता करने में पाकिस्तान असफल रहा। जिसके बाद अब अमेरिका ने पाकिस्तान को एक बड़ा झटका दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने पेशावर में स्थित अपने कांसुलेट को स्थायी रूप से बंद करने की घोषणा कर दी है। अमेरिका का कहना है कि पाकिस्तान कांसुलेट की सुरक्षा सही से नहीं कर पाया।
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता विफल
मालूम हो कि पिछले महीने अप्रैल में पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान शांति वार्ता का आयोजन किया गया था। Pak प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, विदेश मंत्री इशाक डार और आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर के नेतृत्व में अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर कराने की पूरी कोशिश की गई। लेकिन 21 घंटें से ज्यादा चली इस शांति वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकला। जिसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगे की बैठकें रद्द कर दीं
कांसुलेट बंद होने के मायने
दरअसल, पेशावर कांसुलेट 2001 के बाद अफगानिस्तान युद्ध के दौरान अमेरिका का प्रमुख ऑपरेशन और लॉजिस्टिक हब रहा था। अब इसके सारे कांसुलर सेवाएं इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास में शिफ्ट कर दी जाएंगी। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इस फैसले से सालाना 7.5 मिलियन डॉलर की बचत होगी। ऐसा कहा जा रहा है कि यह फैसला एक साल से विचाराधीन था, लेकिन इसका ऐलान ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान अमेरिका-ईरान वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था।