UP CRIME: उत्तर प्रदेश के औरैया में बीखापुर गांव के मजरा बरीपुर में भोला सिंह के तेरहवीं संस्कार का कार्यक्रम था उस समय भगदड़ मच गई जब ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। साथ ही अफरा-तफरी का माहौल हो गया। इसको देखते ही देखते एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्यारोपी अपने साथियों के साथ भागने लगा, तभी ग्रामीणों ने दौड़ा कर बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया।
औरैया में दो परिवारों में 25 साल से चली आ रही दुश्मनी ने एक बार फिर वर्चस्व की जंग का खूनी रूप ले लिया। सोमवार रात को पुरानी दुश्मनी में दो हत्याएं हो गई। एक गुट के शख्स ने एक आदमी को राइफल से उस समय भून डाला जब वह गांव में तेरहवीं संस्कार में खाना खा रहा था। इसके बाद गोली मारने वाले की गांव के लोगों ने दौड़ाकर ईट लाठी-डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। दोहरे हत्याकांड से एक बार फिर औरैया थर्रा गया।
ये दोहरा हत्याकांड कोतवाली क्षेत्र के गांव भीखापुर के मजरा बरीपुरमाफी में हुआ। सोमवार को गांव में तेरहवीं कार्यक्रम में दो पुराने दुश्मन रामवीर राजावत 50 वर्ष, व बबलू सेंगर 42 वर्ष आए थे। रामवीर राजावत ने बबलू के कंधे पर राइफल देखकर उस पर टिप्पणी कर दी ऐसे लोग भी अब तीर कमान लेकर चलने लगे हैं। यह बात बबलू को नागवार गुजरी बबलू ने गुस्से में आकर रामवीर के सिर से सटाकर गोली मार दी।
उसके बाद एक-एक कर चार गोलियां उसके सीने और पीठ पर दाग दी। रामवीर की मौके पर मौत हो गई। इसके बाद बबलू वहां से भागने लगा। इतने में रामवीर के साथियों ने बबलू को दौड़ा लिया और लाठी-डंडों और ईटों से सिर कुचलकर हत्या कर दी। दो हत्याओं से तेरहवीं कार्यक्रम में भगदड़ मच गई।
आईजी प्रशांत कुमार कानपुर जोन ,पुलिस अधीक्षक औरैया चारू निगम समेत पुलिस अफसर मौके पर पहुंचे। पुलिस अफसरों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से व परिजनों से घटना के विषय में पूरी जानकारी ली। जांच पड़ताल में जुट गए। दोनों गुटों के एक एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
दरअसल क्षत्रिय बाहुल्य गांव भीखापुर में रामवीर राजावत और बबलू सेगर के परिवार में वर्चस्व की लड़ाई थी। रामवीर का भाई फौजी कमल दबंग किस्म का था। वह गांव का ग्राम प्रधान भी था। गांव में वैसे तो क्षत्रिय बिरादरी के सेगर अधिक हैं, राजावत परिवार कम है। लेकिन कमल की दबंगई के आगे वर्चस्व रामवीर राजावत का ही था। बबलू सेंगर का एक भाई पप्पू भी फोजी था। ऐसी में दोनों परिवार एक दूसरे से किसी को कम नहीं समझते थे।
साल था 1993 जब कमल कहीं जा रहा था और उस पर हमला हुआ। एक गोली उसके पेट में लगी। इलाज में कमल बच गया। बबलू के परिवार के पप्पू , जगमोहन व वीर सिंह पर हत्या के प्रयास 307 आईपीसी के तहत मुकदमा पंजीकृत हुआ। यह मामला चल ही रहा था कि 4 साल बाद 1997 को होली के दिन गांव में हुड़दंग हो रही थी। यहां दोनों पक्ष हवाई फायरिंग कर रहे थे। बताया जा रहा है कि ताबड़तोड़ कई राउंड गोलियां चल रही थी। और रोकने वाला कोई नहीं था। इस बीच बबलू के भाई पप्पू को कुछ लोगों ने गोली मार दी। उसकी मौके पर मौत हो गई। इस मामले में रामवीर उसके भाई कमल व अन्य भाइयों पर हत्या का आरोप लगा। बलवे में गोली किसने मारी थी यह बात सिद्ध नहीं हो पाई और गवाही भी नहीं मिली जिससे सभी आरोपी बरी हो गए। 1993 में हत्या के प्रयास में बबलू सेगर के पक्ष के लोगों को निकली अदालत से सजा हो गई। हाई कोर्ट में मामला चल रहा है और आरोपी जमानत पर हैं। घटना के बाद बबलू सेंगर औरैया के ब्रह्मनगर मोहल्ले में रहने लगा और वकालत करने लगा। गांव में बबलू का आना जाना लगा रहा लेकिन दोनों गुटों का आमना सामना कभी नहीं हुआ।
सोमवार को गांव के ही भोला सिंह की तेरहवीं संस्कार में दोनों परिवारों को बुलाया गया था। बबलू यहां कंधे पर राइफल लटका कर पहुंचा था। पुराने दुश्मन को देखकर बबलू आवेश में आ गया और कई राउंड गोलियां रामवीर पर चला दी जिसकी मौके पर मौत हो गई। इसके बाद बबलू भागने लगा तो ग्रामीणों और रामवीर के साथ आए लोगों ने बबलू को पकड़ लिया और लाठी-डंडों से पीट कर मौके पर हत्या कर दी। इसके बाद गांव के लोगों ने पुलिस को सूचना दी तो एसपी समेत कई थानों का फोर्स गांव पहुंच गया। बताया जाता है कि बबलू का चेहरा इतनी बुरी तरह कुचला था कि पहचान मैं नहीं आ रहा था इसके परिवार के लोग जब मौके पर पहुंचे तब जाकर उसकी शिनाख्त कर सकें।
दोनों पक्ष के 19 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने बताया मृतक रामवीर के पक्ष से नौ लोगों के खिलाफ जबकि मृतक बबलू सेंगर के परिजनों ने 10 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। बबलू सेंगर के पक्ष के जगमोहन सिंह व रामवीर के पक्ष से नरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया गया है। कुछ और लोगों को हिरासत में ले लिया गया है जिन्हें दोहरे हत्याकांड के बारे में पूछताछ की जा रही है।पीएसी और पुलिस के पहरे में अंतिम संस्कार हुआ