Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को भारी गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान अचानक बिकवाली बढ़ गई, जिससे बाजार में हड़कंप मच गया। दिन के अंत तक BSE Sensex 1092 अंक गिरकर 74,775 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 360 अंक टूटकर 23,547 के स्तर पर पहुंच गया। बैंक निफ्टी में भी 600 अंकों से ज्यादा की कमजोरी दर्ज की गई। दोपहर करीब 3 बजे बाजार में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला। उस समय निफ्टी लगभग 400 अंक गिर गया था। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली हुई। निवेशकों ने तेजी से मुनाफावसूली की, जिससे कई बड़े शेयरों में तेज गिरावट आई।
4 शेयर ही बढ़त में रहे
बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से केवल 4 शेयर ही बढ़त में रहे, जबकि बाकी सभी लाल निशान में बंद हुए। सबसे ज्यादा गिरावट एयरलाइन कंपनी इंडिगो, टाटा स्टील और पावर ग्रिड के शेयरों में देखी गई। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर करीब 2 फीसदी टूटे। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी टीसीएस में भी 1 फीसदी से ज्यादा गिरावट रही। बजाज फाइनेंस, सन फार्मा और पावर ग्रिड जैसे बड़े शेयरों ने बाजार पर दबाव बढ़ाया।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में गिरावट की कई बड़ी वजहें रहीं। सबसे पहले अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इससे ग्लोबल मार्केट में डर का माहौल बना हुआ है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भी बाजार को कमजोर कर रही है। साल 2026 में अब तक विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से 2.20 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा निकाल चुके हैं।
निवेशकों की बढ़ी चिंता
वहीं, इंडिया VIX में करीब 6 फीसदी की तेजी आई और यह 15.91 तक पहुंच गया। इसे बाजार में बढ़ती घबराहट का संकेत माना जाता है। इसके अलावा मानसून कमजोर रहने के अनुमान ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने इस बार सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया है। ऑटो, मेटल, फाइनेंशियल और ऑयल एंड गैस सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली हुई। हालांकि आईटी और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर ने कुछ सहारा देने की कोशिश की, लेकिन बाजार की बड़ी गिरावट को रोक नहीं सके।