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अपरा एकादशी पर पंचक का साया, जानिए क्या करें और किन कामों से बचें

Shivani Jha | 12 May, 2026

Apra Ekadashi 2026: ज्येष्ठ मास की अपरा एकादशी इस बार 13 मई 2026, बुधवार को मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में अपरा एकादशी को भगवान विष्णु की पूजा और व्रत के लिए बेहद खास माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। लेकिन इस बार अपरा एकादशी पर पंचक का साया भी रहने वाला है, जिस कारण ज्योतिषियों ने लोगों को कुछ खास सावधानियां बरतने की सलाह दी है।

कब तक रहेगा पंचक का प्रभाव?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक 10 मई से शुरू हो चुका है और इसका प्रभाव अपरा एकादशी के दिन भी रहेगा। ऐसे में इस दिन कुछ कामों को अशुभ माना गया है। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि पंचक के दौरान दक्षिण दिशा की यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा बहुत जरूरी हो तो भगवान विष्णु की पूजा करके ही घर से निकलना शुभ माना जाता है।

इस समय न खरीदें ये चीजें

इसके अलावा इस दौरान घर में लकड़ी का सामान, नया पलंग या फर्नीचर खरीदना भी टालने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि पंचक में घर की छत डालना या निर्माण से जुड़े बड़े काम शुरू करना शुभ नहीं होता। ज्योतिषियों के मुताबिक इस समय आग से जुड़े कामों में भी सावधानी बरतनी चाहिए। रसोई में काम करते समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है। साथ ही बड़े निवेश, नया कारोबार शुरू करने या जोखिम भरे फैसले लेने से भी बचने को कहा गया है।

काले रंग का उपयोग भी होता है शुभ

अपरा एकादशी और पंचक के इस संयोग में काले रंग का उपयोग भी अशुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन हल्के और शुभ रंग पहनना बेहतर रहता है। वहीं इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करना बेहद फलदायी माना गया है। श्रद्धालुओं को व्रत रखकर “ऊं नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करना चाहिए। जरूरतमंद लोगों को अन्न और वस्त्र दान करने से भी पुण्य फल मिलता है।

धार्मिक विद्वानों का कहना है कि इस दिन मन को शांत रखना चाहिए और किसी भी प्रकार के विवाद से दूर रहना चाहिए। सही नियमों और श्रद्धा के साथ अपरा एकादशी का व्रत करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आने की मान्यता है।

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