Bakrid 2026 Date: इस्लाम धर्म में बकरीद (ईद-उल-अजहा) का त्योहार बड़े उत्साह से मनाया जाता है। इस दिन बकरा की कुर्बानी दी जाती है, जिसे तीन हिस्सों में बांटा जाता है। पहला हिस्सा परिवार के लिए, दूसरा रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए और तीसरा जरूरतमंदों के लिए होता है। लेकिन यह त्योहार सिर्फ कुर्बानी नहीं, बल्कि त्याग, इंसानियत और जरूरतमंदों की मदद का संदेश देता है। इस साल बकरीद का पर्व 28 मई को मनाया जाएगा।
क्यों मनाई जाती है बकरीद?
इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, 12वें महीने जु-अल-हिज्जा की 10 तारीख को बकरीद मनाई जाती है। जो रमजान के पवित्र महीने के खत्म होने के लगभग 70 दिनों के बाद आती है। बकरीद को ईद-उल-अजहा या त्याग का त्योहार भी कहा जाता है। इस पर्व का इतिहास हजरत इब्राहिम की कुर्बानी से जुड़ा है। जो के प्रति पूर्ण समर्पण और आज्ञाकारिता की याद दिलाता है। इस्लामिक मान्यताओं की मानें तो हजरत इब्राहिम ने अपने सपने में देखा कि उसने अल्लाह के आदेश पर अपने बेटे हजरत इस्माइल की कुर्बानी की तैयारी की थी। लेकिन अल्लाह की कृपा से बेटे की जगह एक मेमना भेज दिया गया। तभी से कुर्बानी की परंपरा शुरू हुई और इस दिन बकरी की कुर्बानी दी जाने लगी।
साल में कितनी बार मनाते हैं ईद?
मुस्लिम समुदाय साल में दो मुख्य ईद मनाता है:
ईद-उल-फितर- रमजान के महीने के बाद मनाई जाती है।
ईद-उल-अजहा - बकरीद
ईद मिलाद-उन-नबी - मिलाद-उन-नबी हजरत मोहम्मद का जन्मदिन