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हरियाणा में गेस्ट टीचरों को पक्का करने के आदेश, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

Parth Jha | 27 May, 2026

HARYANA NEWS: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से कार्यरत गेस्ट फैकल्टी शिक्षकों (Guest Faculty Teachers) के हक में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वह जून 2014 की नियमितीकरण नीति (Regularization Policy) के तहत इन याचिकाकर्ता गेस्ट टीचरों की सेवाओं को दो महीने के भीतर नियमित (पक्का) करे। इसके साथ ही उन्हें सभी परिणामी सेवा और सेवानिवृत्ति लाभ (Consequential Service/Retiral Benefits) भी दिए जाएं। यह फैसला न्यायमूर्ति संदीप मौदगिल की एकल पीठ ने सुखविंदर सिंह और अन्य बनाम हरियाणा राज्य मामले (CWP-5686-2016) में सुनाया है।

मुख्य बिंदु और कोर्ट की तल्ख टिप्पणियां

20 साल से सेवाएं दे रहे हैं शिक्षक

कोर्ट ने नोट किया कि इन शिक्षकों की नियुक्ति वर्ष 2005-06 में विज्ञापन जारी कर, मेरिट सूची के आधार पर की गई थी। वे पिछले लगभग 20 वर्षों से लगातार संतोषजनक सेवाएं दे रहे हैं।

शिक्षकों को 'स्पेयर' (अतिरिक्त) नहीं समझ सकती सरकार

कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि शिक्षकों को मनमाने ढंग से रिक्तियों को भरने के लिए 'स्पेयर पार्ट्स' की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. उन्हें नियमित पदों पर काम कर रहे अन्य शिक्षकों के समकक्ष माना जाना चाहिए।

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शोषक शर्तों पर रखना गलत

कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य सरकार शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में लागत कटौती (Cost cutting) के लिए शिक्षकों को दशकों तक अस्थायी और असुरक्षित कार्यकाल पर नहीं रख सकती. ऐसा करना शिक्षण पेशे की गरिमा और छात्रों की पढ़ाई की गुणवत्ता दोनों से समझौता है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का आधार

इससे पहले 2018 में हाईकोर्ट की फुल बेंच ने 2014 की इस रेगुलराइजेशन पॉलिसी को रद्द कर दिया था. लेकिन 16 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने 'मदन सिंह बनाम हरियाणा राज्य' मामले में 2014 की नीति को वैध ठहरा दिया, जिसके बाद हाईकोर्ट ने अब यह अंतिम आदेश जारी किया है।