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Kedarnath Yatra 2026: कपाट खुलने के साथ शुरू होगी केदारनाथ धाम की यात्रा, उमड़ेगा आस्था का सैलाब

Nancy | 21 Apr, 2026

Kedarnath Dham Opening: आस्था और भक्ति का प्रमुख केंद्र केदारनाथ धाम कल यानी 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएगा। बद्री-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) द्वारा तय शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ कपाट खोले जाएंगे। इससे चारधाम यात्रा 2026 की रौनक और बढ़ जाएगी। गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट पहले ही 19 अप्रैल को खुल चुके हैं, जबकि बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे।

अभिजीत मुहूर्त में होगी विशेष पूजा

केदारनाथ धाम को भव्य रूप से सजाया जा रहा है। मंदिर परिसर में करीब 51 क्विंटल फूलों से सजावट की गई है। आज 21 अप्रैल को पंचमुखी डोली गौरीकुंड से केदारनाथ धाम पहुंचेगी। कल सुबह अभिजीत मुहूर्त में विशेष पूजा के बाद कपाट खुलेगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस अवसर पर पूजा-अर्चना में शामिल होने वाले हैं।

बता दें, शीतकाल में लगभग छह महीने तक बंद रहने के बाद बाबा केदार की चल विग्रह डोली ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर से वापस लाई गई है। महाशिवरात्रि के दिन पंचांग गणना के आधार पर कपाट खुलने की तारीख घोषित की गई थी। 

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इस बार यात्रा कई मायनों में खास

1. रजिस्ट्रेशन में रिकॉर्ड: चारधाम यात्रा के लिए अब तक 7 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का पंजीकरण हो चुका है। प्रशासन ने यात्रा को सुगम बनाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, हेलीकॉप्टर बुकिंग और स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाओं को मजबूत किया है।

2. नई व्यवस्थाएं और नियम: इस वर्ष मंदिर परिसर में मोबाइल फोन और कैमरों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि धार्मिक माहौल बरकरार रहे। कुछ धामों में गैर-हिंदू श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश संबंधी दिशानिर्देश भी जारी किए गए हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाई गई हैं।

3. समय से पहले शुरूआत: पिछले वर्ष की तुलना में यात्रा लगभग 10 दिन पहले शुरू हो रही है, जिससे श्रद्धालुओं को अधिक समय मिलेगा। सड़क मार्ग, ट्रेकिंग रूट और मौसम संबंधी तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं।

4. पर्यटन और आस्था का संगम: उत्तराखंड सरकार ने यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए हेल्पलाइन नंबर्स सक्रिय कर दिए हैं। भक्तों की भीड़ को देखते हुए फाटा-गौरीकुंड मार्ग पर ट्रैफिक मैनेजमेंट की विशेष व्यवस्था की गई है।

इन बातों का रखें ध्यान

केदारनाथ पहुंचने के लिए गौरीकुंड तक वाहन से जा सकते हैं, उसके बाद लगभग 16 किलोमीटर की पैदल यात्रा या पिट्ठू/घोड़े/डोली की सुविधा उपलब्ध है। हेलीकॉप्टर सेवा भी बुक की जा सकती है। यात्रा के दौरान मौसम की जानकारी, स्वास्थ्य सावधानियां और जरूरी दवाइयां साथ रखना अनिवार्य है।