Badrinath Glacier: बदरीनाथ धाम में आज सुबह यात्रा के दौरान कंचन गंगा के ऊपर अचानक एक बड़ा हिमखंड टूटकर नीचे गिर गया। ये हादसा इतना भयानक था कि लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, गनीमत यह रही कि हिमखंड टूटकर गिरने से किसी प्रकार के जान-माल की हानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, हिमखंड कुबेर पर्वत की ओर से कंचन गंगा नाले के ऊपरी हिस्से में टूटा। दरअसल, गर्मी बढ़ने और तेज धूप के कारण उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ग्लेशियरों पर जमी बर्फ अस्थिर हो रही है।
जिलाधिकारी का बयान
इस घटना पर जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि कंचनगंगा क्षेत्र में हुए हिमस्खलन से किसी प्रकार की जनहानि अथवा संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है तथा इस प्रकार की घटनाएं समय-समय पर होती रहती हैं। संबंधित स्थान पर हिमस्खलन सड़क तक नहीं पहुंचा और खाई क्षेत्र में ही रुक गया, जिससे यातायात एवं आम जनजीवन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
उन्होंने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें तथा केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। प्रशासन द्वारा क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है और स्थिति पूर्णतः सामान्य है।
गर्मी का बढ़ता प्रभाव
IMD की मानें तो इन दिनों उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, हिमालयी ग्लेशियर के तेजी से पिघलने का कारण जलवायु परिवर्तन है। जिस वजह से बदरीनाथ क्षेत्र सहित पूरे गढ़वाल हिमालय में ऐसे हिमखंड खिसकने या टूटने की घटनाएं बढ़ रही हैं। दरअसल, इस तरह की घटना हिमालयी क्षेत्र की प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन बढ़ते तापमान इसे और प्रभावित कर रहे हैं। जो ग्लेशियरों का तेजी से पिघल रहा है और स्थानीय जल स्रोतों को प्रभावित कर रहा है।