Heatwave: उत्तर भारत में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। आने वाले दिनों में नौतपा का दौर भी शुरु होने वाला है। जिससे तापमान तेजी से बढ़ेगा और लोगों का हाल बुरा होगा। इस समय दिल्ली का तापमान 42 डिग्री पहुंच गया है। जबकि राजस्थान के जैसलमेर का तापमान 44-46 डिग्री के पार पहुंच चुका है। वैसे तो आपको पता ही होगा जैसलमेर में थार रेगिस्तान है,, जहां तापमान बढ़ना स्वाभाविक है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि गंगा-यमुना के किनारे बसे शहर जैसे प्रयागराज, वाराणसी और दिल्ली में भी गर्मी से हाल बेहाल हो जाता है। ऐसे में अब सवाल यह है कि जहां नदी बहती है, वहां पानी का ठंडक देने वाला असर क्यों गायब हो जाता है?
क्या है इसके कारण
दरअसल, गर्मी के मौसम में नदियां सूखने लगती हैं। इसके अलावा मानसून से पहले गंगा, यमुना और उनकी सहायक नदियों में पानी का स्तर बेहद कम हो जाता है। तो वहीं, नदी के किनारे की रेतीली जमीन सूरज की किरणें सोख लेती है। जिससे आसपास की हवा का तापमान और बढ़ जाता है।
इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि पाकिस्तान की तरफ से आने वाली उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाएं रेगिस्तानी गर्मी को मैदानी इलाकों में ले आती हैं। जिस वजह से गर्मी बढ़ने बढ़ती है और नदी किनारे होने के बावजूद हवा में नमी नहीं रहती। इसके अलावा नदी किनारे बसे शहरों में कंक्रीट की इमारतें, सड़कें और घनी आबादी गर्मी को फंसाकर रखती हैं।