Delhi Liquor Scam Case: दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस (शराब घोटाला) से जुड़े मामले में मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट में एक अहम सुनवाई हुई। इस दौरान दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने खुद अदालत में पेश होकर अपनी दलीलें रखीं। मामला उस समय और चर्चा में आ गया जब उन्होंने सुनवाई कर रहीं जज से खुद को केस से अलग (रिक्युज) करने की मांग की। यह सुनवाई सीबीआई द्वारा निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर हो रही थी। केजरीवाल ने शुरुआत में ही यह मांग रखी कि जज स्वर्णकांता शर्मा को इस मामले से अलग हो जाना चाहिए।
इस पर करीब डेढ़ घंटे तक तीखी और दिलचस्प बहस चली। केजरीवाल ने अपने पक्ष में 10 कारण गिनाए और कहा कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर निष्पक्षता को लेकर आशंका है। उन्होंने दावा किया कि उनके मन में पक्षपात की भावना पैदा हो रही है। इस दौरान अदालत ने उन्हें बार-बार केवल रिक्युजल मुद्दे पर ही बहस करने को कहा।
जज ने कही ये बात
सुनवाई के दौरान जज ने कहा कि अदालत केवल रिक्युजल की मांग पर ही सुनवाई कर रही है और बहस को उसी मुद्दे तक सीमित रखना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत अपने तरीके से चलती है और प्रक्रिया का पालन जरूरी है। केजरीवाल ने यह भी कहा कि वह इस मामले में आरोपी की तरह नहीं, बल्कि एक “डिस्चार्ज्ड” व्यक्ति के रूप में पेश हो रहे हैं। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि ट्रायल कोर्ट के आदेश पर कोई स्टे नहीं दिया गया है।
केजरीवाल ने सीबीआई और ईडी पर उठाया सवाल
बहस के दौरान केजरीवाल ने सीबीआई और ईडी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और कहा कि जांच एजेंसियों पर राजनीतिक प्रभाव को लेकर उनके मन में संदेह है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ मामलों की सुनवाई बहुत तेज गति से की जा रही है, जिससे उन्हें असमान व्यवहार का अनुभव हो रहा है। जवाब में जज ने कहा कि उनके सभी तर्क रिकॉर्ड पर दर्ज किए जा रहे हैं, लेकिन अदालत केवल तथ्यों और कानूनी बिंदुओं पर ही निर्णय लेगी। उन्होंने केजरीवाल से कहा कि वह अपनी दलीलें स्पष्ट और कानूनी तरीके से रखें।
अदालत में विचाराधीन है मामला
सुनवाई के अंत में जज ने कहा कि केजरीवाल ने अपनी बात प्रभावशाली तरीके से रखी है और यहां तक कि टिप्पणी की कि उन्हें वकील होना चाहिए। इस पर केजरीवाल ने कहा कि वह जो कर रहे हैं, उससे संतुष्ट हैं। यह मामला अब भी अदालत में विचाराधीन है और आगे की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।