BRICS Summit: ब्रिक्स फॉरेन मिनिस्टर मीटिंग में उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब ईरान और यूनाइटेड अरब एमिरेट्स के प्रतिनिधियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि सेर्गेय लावरोव को बीच-बचाव करना पड़ा। जानकारी के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने यूएई पर आरोप लगाया कि वह ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल का समर्थन कर रहा है। उन्होंने कहा कि यूएई ने पश्चिमी देशों के साथ मिलकर ईरान पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की है। इसके बाद यूएई के प्रतिनिधियों ने कड़ा जवाब दिया।
खलीफा शाहीन ने लगाया ईरान पर आरोप
यूएई के विदेश मामलों के राज्य मंत्री खलीफा शाहीन ने कहा कि हाल के युद्ध के दौरान ईरान ने सीधे उनके देश को निशाना बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि यूएई के ऊर्जा ठिकानों पर हुए हमलों के पीछे ईरान का हाथ था। इसी मुद्दे को लेकर दोनों देशों के बीच बहस तेज हो गई। बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक होती रही। हालात को संभालने के लिए रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस विवाद के कारण ब्रिक्स देश पश्चिम एशिया संकट पर एक साझा बयान जारी नहीं कर सके।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के हफ्तों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी दिखाई देने लगा है। खासकर ऊर्जा ठिकानों और तेल सप्लाई को लेकर कई देशों में चिंता बढ़ी है। इस बार ब्रिक्स बैठक की मेजबानी भारत कर रहा था।
जयशंकर ने की अपील
भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने बैठक में शांति और कूटनीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए यह बेहद जरूरी है कि होर्मुज स्ट्रेट से व्यापार बिना किसी रुकावट के जारी रहे। जयशंकर ने सभी देशों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की। उन्होंने कहा कि बढ़ते तनाव का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सप्लाई पर पड़ सकता है।