Haryana News: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में रिसर्च ऑफिसर बनीं मनीषा कौशिक के नैनिहाल कसूहन में खुशी मनाई गई। मनीषा के मामा के मकान पर ग्रामीणों ने पहुंच कर बधाई दी तो लड्डू बांट कर मुंह मिट्ठा करवाया गया। सफीदों के गंगोली गांव की मनीषा शर्मा का नैनिहाल कसूहन गांव में है। कसूहन गांव की पंचायत द्वारा जल्द गांव में मनीषा कौशिक के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित कर उसे सम्मानित किया जाएगा। पूरे हरियाणा में मनीषा कौशिक का ही चयन इसरो में रिसर्च ऑफिसर के पद पर हुआ है।
मामा विजेंद्र शर्मा ने कहा कि मनीषा हरियाणा में इकलौती है जो इसरो के हैदराबाद सेंटर में रिसर्च ऑफिसर के पद पर चयनित हुई है। कसूहन गांव में पूरी खुशी है। जो पद पर नियुक्ति हुई है डेढ़, करोड़ रुपए में नहीं मिल सकती थी। भाजपा के राज में पढ़ाई के बूते पर नौकरी मिल रही है। पहले की सरकारों में पढ़ाई करने वाले पीछे रह जाते थे।
सरपंच प्रतिनिधि श्रीकांत ने कहा कि गांव की भांजी मनीषा कौशिक ने पूरे प्रदेश में टॉप करके नाम रोशन किया है। गांव में जल्द सम्मान समारोह का आयोजन करके भांजी मनीषा कौशिक सम्मानित किया जाएगा। खटकड़ टोल से सम्मान समारोह में लेकर आएंगे। बिना पर्ची बिना खर्ची आज पढ़ाई के बूते पर नौकरी युवा लग रहे है। जिस नौकरी पर मनीषा लगी है वो दो करोड़ रुपए में भी नहीं मिलती थी।
इसरो में भी टॉप किया है- मामा
मामा श्रीकांत ने बताया कि मनीषा कौशिक ने एमडीयू रोहतक से एमएससी की है। जीआरएफ में ऑल इंडिया में 14वां रैंक प्राप्त किया था । इसरो में भी टॉप किया है। हरियाणा में वो इकलौती है। हम किसान परिवार है। हमारी भांजी ने हमारा नाम रोशन किया है। बचपन से ही पढ़ाई में रूझान था। बिना कोचिंग के वो नौकरी लगी है।
पढ़ाई के बूते पर उसे नौकरी मिली है- मनीषा की बहन
ममेरी बहन खुशी ने कहा कि मनीषा से हमें भी प्रेरणा मिली है हम भी कुछ आगे करें। दोपहर को फोन आया था कि मनीषा का लिस्ट में नाम है तो पूरा परिवार खुशी से झूम उठा। मनीषा पहले ही बोलती थी इस बार उसका चयन पक्का होगा। मेरी अच्छी तैयारी है। आत्मविश्वास बहुत है मनीषा के अंदर। ऑनलाइन कोचिंग की थी। 7 पेपर दे चुकी थी जो क्लियर हो चुके है। इंटरव्यू में वो पास हो चुकी है। कई बार उनके घर गई हॅूं। सुबह साढ़े पांच बजे उठती थी वो सुबह पढ़ाई करती हुई मिलती थी। घर के काम भी करती थी। पढ़ाई के बूते पर उसे नौकरी मिली है।