Export Duty On Fuel:स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही कम होने के कारण वैश्विक स्तर पर तेल संकट देखा जा रहा है। भारत में पेट्रोल-डीजल और सीएनजी के दाम बढ़ाए गए हैं। इस बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी घटा दी है।
केंद्र सरकार ने कहा कि एक जून से पेट्रोल-डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल पर निर्यात शुल्क घटाई जाएगी। एक रिपोर्ट के मुताबिक पेट्रोल पर 1.5 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 13.5 रुपए प्रति लीटर तय किया गया है। वहीं, एटीएफ पर निर्यात शुल्क 9.5 रुपए प्रति लीटर रखा गया है।
15 दिन में होती है समीक्षा
बता दें कि रेट हर दो हफ्ते के बाद बदले जा रहे हैं। ये बदलाव कच्चे तेल, पेट्रोल-डीजल और एटीएफ की दुनिया भर की औसत दाम पर तय किए जाते हैं। आम तौर पर सरकार दो हफ्ते के बाद अंतरराष्ट्रीय मार्केट में तेल के दामों की समीक्षा करती है और उसी हिसाब से पेट्रोल-डीजल और एटीएफ पर लगने वाला निर्यात शुल्त निर्धारित किया जाता है। हालांकि, आम लोगों को वाले पेट्रोल-डीजल पर वही पुराना टैक्स देना होगा, इसमे न तो कुछ जोड़ा गया है और न ही घटाया गया है। दरअसल, इस प्रकार के टैक्स देश से बाहर भेजने वाले सामानों पर लगाया जाता है।
पश्चिम एशिया में तनाव के कारण फैसला
पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के निर्यात पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी और रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस के रूप में निर्यात शुल्क 27 मार्च को लागू किया गया था। सरकार ने कहा कि ये कदम अत्यधिक निर्यात को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया था। सरकार की तरफ ये फैसला ऐसे समय में लिया गया जब पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण पूरा विश्व प्रभावित हो रहा था।