White House Shooting: अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस के बाहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक ने सीक्रेट सर्विस चेकपॉइंट पर ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमले में एक राहगीर गंभीर रूप से घायल हो गया। जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी सुरक्षाबलों ने हमलावर को मार गिराया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी की पहचान 21 वर्षीय नसीरे बेस्ट के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह मानसिक रूप से परेशान था और पहले भी कई बार संदिग्ध गतिविधियों के कारण सुरक्षा एजेंसियों की नजर में आ चुका था। जांचकर्ताओं का मानना है कि वह खुद को भगवान यीशु मसीह का आधुनिक अवतार मानता था।
अधिकारियों पर शुरू हुई फायरिंग
अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के अनुसार, शाम करीब 6 बजे आरोपी सुरक्षा चेकपॉइंट के पास पहुंचा। कुछ देर तक वहां घूमने के बाद उसने अपने बैग से हथियार निकाला और अधिकारियों पर फायरिंग शुरू कर दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान करीब 30 राउंड गोलियां चलाई गईं। अचानक हुई फायरिंग से इलाके में दहशत फैल गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
सोशल मीडिया पर मिली थी धमकी
जांच में यह भी सामने आया है कि नसीरे बेस्ट ने पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिक टॉक पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को धमकी दी थी। उसने दावा किया था कि अगर वह पहले हुए हमले में शामिल होता तो ट्रंप की मौत हो चुकी होती। इसके बाद अदालत ने उसके खिलाफ व्हाइट हाउस परिसर से दूर रहने का आदेश जारी किया था।
अदालत के आदेश का उल्लंघन किया
हालांकि, बताया जा रहा है कि उसने अदालत के आदेश का उल्लंघन किया। 24 मई को सुरक्षाकर्मियों ने उसे 17वीं स्ट्रीट नॉर्थ वेस्ट इलाके में संदिग्ध हरकत करते हुए देखा। इसके बाद उसने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और आरोपी को काबू कर लिया। घायल हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद फ़ेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन और सीक्रेट सर्विस मामले की जांच में जुट गई हैं। एफबीआई निदेशक काश पटेल ने कहा कि एजेंसियां मामले की हर पहलू से जांच कर रही हैं और जल्द ही पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।