Delhi Dehradun Expressway Inauguration: उत्तराखंड के देहरादून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन किया। इस कॉरिडोर से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा का समय 6 घंटे से घटकर लगभग 2.5 घंटे रह जाएगा। इसे कई फीचर्स के साथ डिज़ाइन किया गया है, जिसका मकसद इंसान-जानवर के टकराव को काफी कम करना है। इस प्रोजेक्ट में 12 km लंबा वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल है, जो एशिया के सबसे लंबे कॉरिडोर में से एक है।
पीएम मोदी ने कहा कि आज देश में पर्व त्योहार की उमंग है। विभिन्न हिस्सों में नए वर्ष का आगमन हुआ है। मैं देशवासियों को बैसाखी, बोहाग बिहू और पुथांडु की शुभकामनाएं देता हूं। अगले कुछ ही दिनों में यमुनोत्री गंगोत्री, बाबा केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की यात्रा भी शुरू होने जा रही है। इस पवित्र समय का देश के कोटि-कोटि आस्थावान श्रद्धाभाव से इंतजार करते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "यहां आने से पहले मुझे मां डाट काली के दर्शन करने का सौभाग्य मिला। देहरादून शहर पर मां डाट काली की बहुत कृपा है। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के इतने बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने में माता डाट काली का आशीर्वाद बहुत बड़ी शक्ति रहा है। उत्तराखंड राज्य अपनी स्थापना के 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। आज दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ इस प्रगति में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ी है… मुझे खुशी है कि डबल इंजन सरकार की नीतियां और उत्तराखंड के लोगों के परिश्रम से ये युवा राज्य विकास के नए आयाम जोड़ रहा है। ये प्रोजेक्ट भी राज्य के विकास को नई गति देगा।
उत्तराखंड ने इस भावना को आगे बढ़ाकर इस देश को राह दिखाई है- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि आज बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती भी है। मैं देशवासियों की ओर से बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। बीते दशक में हमारी सरकार ने जो नीतियां बनाईं, जो निर्णय लिए, वे संविधान की गरिमा को पुनः स्थापित करने वाले रहे। अनुच्छेद 370 हटने के बाद आज पूरे देश में भारत का संविधान लागू है। दर्जनों जिलों में माओवाद-नक्सलवाद खत्म हुआ है, वहां भी अब संविधान की भावना से काम हो रहा है। देश में समान नागरिक संहिता लागू हो, यह हमारे संविधान की अपेक्षा है। उत्तराखंड ने इस भावना को आगे बढ़ाकर इस देश को राह दिखाई है।
महिलाओं के लिए 33 % आरक्षण तय हो गया है- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चार दशकों के इंतजार के बाद संसद ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था। इससे लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 % आरक्षण तय हो गया है। सभी दलों ने आगे आकर इस महत्वपूर्ण कानून को समर्थन दिया। महिलाओं को जो यह हक मिला है, इस हक को लागू होने में देरी नहीं होनी चाहिए। अब यह लागू होना चाहिए। 2029 में लोकसभा के चुनाव होंगे और उसके बाद विधानसभा के भी चुनाव आते रहेंगे। 2029 से पहले यह लागू हो जाना चाहिए। यह देश की भावना है। यह नारी शक्ति की इच्छा है। मातृशक्ति की इसी इच्छा को नमन करते हुए 16 अप्रैल से संसद में विशेष चर्चा तय की गई है।
पीएम मोदी ने कहा कि देश की बहनों-बेटियों के हक से जुड़े इस काम को सभी राजनीतिक दल मिलकर सर्वसम्मति से आगे बढ़ाएं। मैंने आज देश की सभी बहनों के नाम एक पत्र लिखा है। मैंने बड़े आग्रह के साथ देश की माताओं-बहनों को इस कार्य में भागीदार बनने के लिए निमंत्रित किया है। मुझे पक्का विश्वास है कि यह पत्र मेरे देश की माताएं-बहनें जरूर पढ़ेंगी। मैं आज देवभूमि से देश के सभी दलों से फिर अपील करूंगा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का जरूर समर्थन करें। 2029 में हमारे देश की 50 प्रतिशत जनसंख्या को उनका हक देकर रहेंगे।