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स्टॉक मार्केट पर मंडरा रहा 'निक्सन शॉक' जैसा खतरा. क्या सोने की उड़ान से बाजार में आएगा भूचाल?

Parth Jha | 18 Sep, 2025

Gold Price Forecast And Stock Market Crash: वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बीच सोने की कीमतें आसमान छू रही हैं। सितंबर महीने में ही सोना का रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है, जिससे निवेशकों में चिंता की लहर दौड़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की चमक स्टॉक्स की चमक बुझा सकती है, ठीक वैसा ही जैसा 1971 के 'निक्सन शॉक' ने दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला दिया था। तो आइए जानते है कि यह उछाल क्या संकेत दे रहा है।

सोने की कीमतों में क्यों आई तेजी?

दरअसल, साल 2025 सोने के लिए 'सुनहरा' साबित हो रहा है। जनवरी से अब तक सोने की कीमत में करीब 40% की बढ़ोतरी हो चुकी है। जानकारी के अनुसार, 18 सितंबर को दिल्ली सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना 10 ग्राम के लिए ₹1,09,261 पर ट्रेड कर रहा है, जो पिछले हफ्ते के ₹1,12,750 के रिकॉर्ड हाई से थोड़ा नीचे है। वहीं, चांदी भी ₹1,26,062 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है। यानी अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड $3,694 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेजी के पीछे कई कारक है। 

क्या निक्सन शॉक का इतिहास दोहराएगा?

1971 का 'निक्सन शॉक' आज भी अर्थशास्त्रियों के लिए सबक है। राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने ब्रेटन वुड्स सिस्टम को तोड़ते हुए डॉलर को सोने से अलग कर दिया, जिससे सोने की कीमत $35/औंस से उछलकर दशकों तक ऊंची रही। नतीजा? 1973-75 की मंदी, स्टैग्फ्लेशन और वैश्विक व्यापार युद्ध।

जैसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अप्रैल 2025 में घोषित 'लिबरेशन डे' टैरिफ ने वैश्विक व्यापार को हिला दिया। इससे आर्थिक अनिश्चितता बढ़ी और निवेशक सुरक्षित संपत्ति की ओर दौड़े। इसके अलावा रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व की अस्थिरता ने सोने को 'सेफ हैवन' का दर्जा मजबूत किया। केंद्रीय बैंक भी सोना खरीद रहे हैं; RBI ने जून 2025 में 39.22 मीट्रिक टन सोना जोड़कर विदेशी मुद्रा भंडार में इसकी हिस्सेदारी 12.1% तक बढ़ा दी। इसके साथ ही, डॉलर इंडेक्स 11% गिर चुका है, जबकि मुद्रास्फीति के डर से सोना आकर्षक हो गया। गोल्डमैन सैक्स जैसी ब्रोकरेज फर्म्स का अनुमान है कि 2025 के अंत तक सोना $3,700 और 2026 में $4,000 तक पहुंच सकता है।

स्टॉक मार्केट पर क्या पड़ा असर?

दूसरी तरफ, सोने की तेजी अक्सर स्टॉक्स की कमजोरी का संकेत देती है। इतिहास गवाह है कि जब निवेशक जोखिम से बचते हैं, तो सोना चमकता है और शेयर बाजार लुढ़कता है। 2025 में अप्रैल से शुरू हुई स्टॉक क्रैश ने पहले ही वैश्विक बाजारों को झकझोर दिया—डाउ जोन्स, S&P 500 और नैस्डैक में 1-2% की गिरावट आई। भारत में निफ्टी और सेंसेक्स भी दबाव में हैं, जहां FIIs की बिकवाली और GST कटौती के बावजूद ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली हो रही है।