Buddha Purnima 2026: इस साल बुद्ध पूर्णिमा 1 मई, शुक्रवार को मनाई जाएगी। यह दिन गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण से जुड़ा माना जाता है। हर साल वैशाख पूर्णिमा को यह पर्व मनाया जाता है, इसलिए इसे वैशाखी पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस खास मौके पर भगवान बुद्ध के उपदेश और उनकी कहानियां हमें जीवन की सही राह दिखाती हैं। ऐसी ही एक प्रसिद्ध कथा आत्म-मूल्य को समझाने वाली है।
क्या है ये कहानी?
कहानी के अनुसार, एक व्यक्ति गौतम बुद्ध के पास पहुंचा और उनसे पूछा कि उसके जीवन का उद्देश्य क्या है और उसकी असली कीमत क्या है। बुद्ध ने सीधे जवाब देने के बजाय उसे एक पत्थर दिया और कहा कि इसकी कीमत बाजार में जाकर पता करो, लेकिन इसे बेचना मत। वह व्यक्ति सबसे पहले एक फल बेचने वाले के पास गया। फलवाले ने पत्थर को देखकर कहा कि इसके बदले वह 10 आम दे सकता है।
इसके बाद वह एक सब्जी वाले के पास गया, जिसने कहा कि इसके बदले एक बोरी आलू मिल सकते हैं। जब व्यक्ति आगे बढ़ा, तो वह एक जौहरी के पास पहुंचा। जौहरी ने पत्थर को ध्यान से देखा और कहा कि यह बहुत कीमती रत्न है और इसके लिए वह लाखों रुपये देने को तैयार है। यहां तक कि उसने कीमत और बढ़ाने की भी बात कही।
एक पत्थर की अलग-अलग कीमत
यह सुनकर व्यक्ति हैरान हो गया कि एक ही पत्थर की अलग-अलग जगह अलग कीमत क्यों लग रही है। वह वापस गौतम बुद्ध के पास गया और पूरी बात बताई। तब बुद्ध मुस्कुराए और बोले कि हर व्यक्ति ने अपनी समझ के अनुसार पत्थर की कीमत लगाई, लेकिन उसकी असली पहचान सिर्फ जौहरी ही कर पाया। उन्होंने समझाया कि इंसान की कीमत भी कुछ ऐसी ही होती है।
खुद को पहचानना जरूरी
हर कोई आपकी काबिलियत को नहीं समझ पाता। असली बात यह है कि आप खुद को पहचानें और अपनी खूबियों को निखारें। किसी की राय से आपकी कीमत तय नहीं होती, बल्कि आपका आत्मविश्वास और आपकी पहचान ही आपकी असली ताकत होती है। यह संदेश आज के समय में भी उतना ही जरूरी है, जितना पहले था।