Labour Welfare Scheme: देशभर के श्रमिकों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब 40 साल या उससे अधिक उम्र के सभी श्रमिकों को हर साल मुफ्त स्वास्थ्य जांच की सुविधा दी जाएगी। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने गुरुवार को इस योजना की घोषणा की। दिल्ली स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा देना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार लगातार श्रमिकों और युवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रही है।
गंभीर बीमारियों का समय रहते होगा इलाज
मंडाविया ने बताया कि मुफ्त हेल्थ चेकअप से बीमारियों का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकेगा। इससे गंभीर बीमारियों को समय रहते रोका जा सकेगा और श्रमिकों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में सरकार ने सामाजिक सुरक्षा के दायरे को तेजी से बढ़ाया है। पहले जहां केवल करीब 30 करोड़ लोग सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 94 करोड़ तक पहुंच गई है। इसी तरह ESIC का दायरा भी 7 करोड़ से बढ़कर लगभग 15 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंच गया है।
मजदूरों का रखा जाएगा खास ध्यान
केंद्रीय मंत्री ने चार नए श्रम कानूनों का जिक्र करते हुए कहा कि इनमें मजदूरों के हितों का खास ध्यान रखा गया है। पुरुष और महिलाओं के लिए समान वेतन का प्रावधान किया गया है। साथ ही महिलाओं के लिए मातृत्व अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दिया गया है। वर्क फ्रॉम होम जैसी सुविधाओं को भी बढ़ावा दिया गया है।
कर्मचारियों को भी ESIC से जोड़ा जा रहा
मंडाविया ने कहा कि गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की दिशा में सरकार काम कर रही है। इसके अलावा खतरनाक कामों में लगे मजदूरों और छोटे संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी ESIC से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले मजदूरों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जाता था, लेकिन अब सरकार उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुन रही है और समाधान भी कर रही है। सरकार का लक्ष्य देश के हर श्रमिक को सुरक्षा और बेहतर सुविधाएं देना है।